कल से खत्म होगा शादी समारोह का लॉकडाउन:4 माह बाद फिर बजेगी शहनाई, कोई नई गाइडलाइन नहीं हुई जारी; मेहमानों की संख्या पर असमंजस

पटनाएक वर्ष पहले
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4 माह से शादी समारोहों पर लगा धार्मिक लॉकडाउन कल खत्म हो जाएगा। सोमवार को देवउठनी एकादशी से शादी समारोह शुरू हो जाएंगे। आषाढ़ मास की एकादशी से शुरू हुआ चातुर्मास कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही मांगलिक व विवाह जैसे शुभ मुहूर्त का शुभारंभ हो जाएगा। कोरोना काल के बाद इस बार व्यापारियों को भी काफी उम्मीदें हैं। कारोबारियों को जहां बिहार में 50 हजार करोड़ के कारोबार की उम्मीद है। वहीं आम लोगों को कोरोना से राहत के दौर में शादी को लेकर उत्साह है।

अब तक नहीं आई कोई गाइडलाइन
कोरोना काल में शादी विवाह को लेकर सरकार की गाइडलाइन जारी की गई थी। इसमें सीमित संख्या में मेहमान बुलाए जाने थे और डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया था। 15 नवंबर से शादी विवाह का मुहूर्त शुरू हो रहा है, लेकिन अभी तक सरकार की कोई गाइडलाइन नहीं आई है।

4 महीने से रुके थे मांगलिक कार्य
सनातन परंपरा में मान्यता है की आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को सृष्टि के पालन हर मंगल कारक भगवान विष्णु क्षीर सागर में योग निद्रा में चले जाते हैं। वह पुनः कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को चार माह बाद योगनिद्रा से उठते हैं, इसीलिए आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देव शयन एकादशी और कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। भगवान विष्णु के शयन कल को चातुर्मास कहा जाता है, जिसमें सनातन धर्म में शुभ कार्य करना जैसे शादी, विवाह, मुंडन आदि शुभ कार्य करना पूरी पूरी तरह से वर्जित होता है।

जानिए कब बन रहा है संयोग
ज्योतिर्विद सतीश मणि त्रिपाठी के मुताबिक, सनातन धर्म में देवउठनी एकादशी का अत्यधिक महत्व है। इस तिथि को अत्यंत ही शुभ और पवित्र माना गया है। इस दिन सनातनी व्रत रख कर सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु का विधि पूर्वक विशेष पूजन अर्चन करते हैं। 2021 में देव उठनी एकादशी 14 नवंबर को पड़ रही है। 14 नवंबर को सुबह 9 बजे से एकादशी तिथि का शुभारंभ हो गया है, 15 नवंबर को सुबह 8:52 बजे एकादशी तिथि समाप्त होगी। एकादशी की उदया तिथि 15 नवंबर को पड़ने के कारण एकादशी का व्रत 15 नवंबर को और व्रत का पारण 16 नवंबर को होगा।

दो माह में 12 मुहूर्त पर शहर में शादियों की भरमार
कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स कैट के आध्यात्मिक एवं वैदिक ज्ञान कमेटी के चेयरमैन आचार्य दुर्गेश तारे का के अनुसार नवंबर और दिसंबर में 16 मुहूर्त हैं-

  • नवंबर: 15, 19, 20, 21, 26, 28, 29 और 30
  • दिसंबर: 1, 2, 6, 8, 9, 11, 12 और 13