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पथरी से टूट रही थी शादी, डॉक्टरों ने बचाया:IGIMS पहुंची युवती बोली- पेट के ऑपरेशन से ससुराल वालों को हो जाएगा शक, टूट जाएगा रिश्ता; डॉक्टरों ने बिना चीरा लगाए किया ऑपरेशन

पटनाएक महीने पहले
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सोमवार को मरीज को अस्पताल से दी गई छुट्‌टी, शादी से पहले पूरी तरह से हो गई फिट। - Dainik Bhaskar
सोमवार को मरीज को अस्पताल से दी गई छुट्‌टी, शादी से पहले पूरी तरह से हो गई फिट।

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) के डॉक्टरों ने पथरी की सर्जरी कर युवती की जान बचाने के साथ उसके रिश्ते को भी बचा लिया। डॉक्टरों के सामने युवती की जान बचाने के साथ-साथ उसकी शादी को बचाने की भी चुनौती थी। इस कारण उन्होंने दूरबीन विधि से सर्जरी करने की तैयारी की और 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कामयाब रहे।

छपरा की रहने वाली युवती की शादी की डेट से 10 दिन पहले पैंक्रियाज में पथरी डिटेक्ट हुई जिसके ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने 15 दिन का बेड रेस्ट बताया था। घर वालों की परेशानी बढ़ गई क्योंकि वह शादी की डेट नहीं टालना चाहते थे और ऑपरेशन का चीरा भी नहीं लगवाना चाहते थे। इसके पीछे डर था कि ससुराल वालों को संदेह हुआ तो वह शादी से इनकार कर सकते हैं। मरीज को लेकर घर वाले IGIMS पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने दोनों चुनौती स्वीकार की।

IGIMS के चिकित्सा अधीक्षक डॉ मनीष मंडल ने बताया, "युवती ऐसी मरीज थी जिसके साथ दो बड़ी चुनौती थी। बीमारी तो गंभीर से गंभीर आती है, लेकिन उसका केस अलग था। शादी बचाना और बिना चीरा के ऑपरेशन कर शादी के डेट से पहले पूरी तरह फिट कर घर भेजना बड़ी चुनौती थी। आमतौर पर पैंक्रियाज की पथरी का ऑपरेशन पेट पर बड़ा चीरा लगाकर किया जाता है, जिसमें मरीज़ को ऑपरेशन के बाद काफी दर्द सहन करना पड़ता है। इसमें 7 से 10 दिन तक हॉस्पिटल में भर्ती भी रहना पड़ता है और भविष्य में हर्निया बनने का खतरा होता है। युवती की स्थिति ऐसी नहीं थी। तब डॉक्टरों ने इस जटिल ऑपरेशन को दूरबीन विधि से पूरा किया।'

पेट की सबसे जटिल सर्जरी

IGIMS के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ साकेत कुमार ने बताया, "सोमवार को लड़की को अस्पताल से छुट्‌टी दे दी गई है। उसकी शादी तक किसी को पता नहीं चलेगा कि सर्जरी भी हुई है। बीमारी ऐसी थी कि मरीज का ऑपरेशन करना आवश्यक था। देश के कुछ चुनिंदा अस्पतालों में इस बीमारी का इलाज़ अब दूरबीन विधि से भी किया जा रहा है। लप्रोस्कोपिक लेटरल पांक्रीटो-जेजूनोस्टोमी सर्जरी पेट के सबसे जटिल ऑपरेशनों में से एक माना जाता है।'

उन्होंने बताया, "सर्जरी में 3 घंटे लगे और पैंक्रियाज की सभी पत्थरों को साफ कर दिया गया। नई विधि में पेट पर कोई बड़ा चीरा नहीं लगा और दर्द भी नहीं हुआ है।' संस्थान के निदेशक डॉ NR विश्वास ने टीम को सफल ऑपरेशन पर बधाई दी है।

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