राजीव नगर वासियों ने डिप्टी CM आवास को घेरा:घरों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी, लोगों में आक्रोश; जजों के लिए बनने हैं मकान

पटना5 महीने पहले
डिप्टी CM तार किशोर प्रसाद के घर के बाहर बैठे लोग।

राजीव नगर आवास बोर्ड मामले को लेकर वहां के रहने वाले लोग पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। अब गुस्साए लोगों ने डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद के सरकारी बंगले पांच देश रत्न मार्ग का घेराव कर दिया है। दरअसल, सरकार ने नोटिस जारी कर इन्हें अपना घर खाली करने को कहा है। यहां बुलडोजर चलाए जाने की तैयारी कर ली गई है। वहीं, दूसरी तरफ लोगों का कहना है कि जब हम घर बना रहे थे तब प्रशासन कहाँ थी? अब हम घर खाली कर कहाँ जायँगे।

आपको बता दें कि राजीव नगर के 1024.52 एकड़ में रहने वाले लोगों और आवास बोर्ड के बीच ये विवाद पिछले कई महीनों से चल रहा है। राजीव नगर 1024.52 एकड़ में जिला प्रशासन की ओर से 70 घरों को तोड़ने का नोटिस दिया गया हैं। जिसके विरोध में स्थानीय लोग काफी आक्रोशित है। पिछले कई दिनों से स्थानीय लगातार प्रदर्शन कर रहे है।

50 साल पहले जिस जमीन का अधिग्रहण किया

डिप्टी सीएम के आवास के बाहर धरने पर बैठे राजीव नगर के लोगों ने बताया कि यहां के सीओ द्वारा मनमानी की जा रही है। शायद ही कभी कहीं ऐसा सुना गया होगा कि 50 साल पहले जिस जमीन का अधिग्रहण किया, उसमें किसी को आज तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया। कई सालों बाद अचानक कह दिया जाता है कि यह जमीन हमारी है। जबकि इस जमीन की खरीदी को लेकर हमलोंगों ने सारी सरकारी प्रक्रिया को पूरा किया था। तब न तो आवास बोर्ड ने आपत्ति जताई और न ही जिला प्रशासन को यह गलत नजर आया। अब जब यहां कई घर बन गए तो उन्हें अवैध बताकर खाली करने के लिए नोटिस जारी कर दिया।

आवास के बाहर धरने पर बैठीं महिलाएं।
आवास के बाहर धरने पर बैठीं महिलाएं।

घरों को तोड़ने के लिए दस बुलडोजर तैनात किए जा रहे हैं

अपना घर बचाने के लिए उप मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाने पहुंचे राजीव नगर के लोगों ने बताया कि जबसे नोटिस मिला है. सबकी नींद उड़ी हुई है। कईयों के घर पर खाना नहीं बन रहा है। उन्हें चिंता हो रही है कि अब आगे क्या होगा। अखबारों में छपता है कि घरों को तोड़ने के लिए दस बुलडोजर तैनात किए जा रहे हैं। विरोध रोकने के लिए दो हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। हमलोंगों को सूझ नहीं रहा है कि अब इससे बचने के लिए क्या कर सकते हैं। ऐसे में हम अपनी सरकार से उम्मीद लगा रहे हैं कि वह हमारे साथ न्याय करें।

सबसे पहले यहां एक गड्ढा बनाना होगा

इन लोगों का कहना है कि यहां किसी भी हालत में जजों का घर नहीं बनने देंगे। उनका कहना था कि घर बनाना है तो सबसे पहले यहां एक गड्ढा बनाना होगा, जिसमें हम सबको दफन करें, उसके ऊपर जजों के लिए महल तैयार कर सकते हैं। लेकिन ऐसे हम अपनी जगह को जाने नहीं देंगे