तीसरे चरण की वोटिंग में मतदाताओं की परीक्षा:आसमान से बरस रही थी आग, मतदान केंद्र पर न टेंट न पानी; टेंट नहीं होने के कारण ही टूटी कोरोना की सभी गाइडलाइन

पटना10 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मतदान के लिए बूथ पर आए लाेग धूप से बचने के लिए भवन में इकट्‌ठा हुए जहां कोरोना की सभी गाइडलाइन टूट गई। - Dainik Bhaskar
मतदान के लिए बूथ पर आए लाेग धूप से बचने के लिए भवन में इकट्‌ठा हुए जहां कोरोना की सभी गाइडलाइन टूट गई।

पंचायत चुनाव में सिस्टम ने मतदाताओं की कड़ी परीक्षा ली है। शुक्रवार को तीसरे चरण के मतदान में बूथ पर मतदाताओं की सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। मतदान केंद्र के बाहर धूप से बचाव को लेकर न तो टेंट की व्यवस्था की गई और न ही प्यास बुझाने के लिए पानी की व्यवस्था थी। ऐसे मतदान के लिए बूथ पर आए लाेग धूप से बचने के लिए भवन में इकट्‌ठा हुए जहां कोरोना की सभी गाइडलाइन टूट गई। पटना में अधिकतर बूथ सरकारी स्कूलाें में बनाया गया था और यहां भवन भी छाेटे होते हैं।

तीसरे चरण के मतदान में सबसे अधिक गर्मी

पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के मतदान में सबसे अधिक गर्मी रही। 8 अक्टूबर को दोपहर में तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस रहा। पंचायत चुनाव के पहले चरण का चुनाव 24 सितंबर को हुआ था। 10 जिलों के 12 प्रखंडों में वोटिंग हुई। 24 सितंबर को गर्मी रही लेकिन कई जिलों में बारिश भी हुई। बारिश के कारण जिलों में मौसम से मतदाताओं को थोड़ी राहत मिली है। दूसरे चरण में बिहार के 29 सितंबर को 34 जिलों के 48 प्रखंडों में मतदान हुआ। 29 सितंबर को को मौसम ठंडा था। मानसून सक्रिय था इस कारण से लोगों को वोटिंग में परेशानी नहीं हुई। लेकिन 8 अक्टूबर को दोनों चरण से काफी मुश्किल समय रहा। शुक्रवार को दिन का तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस तक रहा। इससे मतदान केंद्रों पर लोगों को काफी परेशानी हुई।

कोरोना की गाइडलाइन पर धूप पड़ी भारी

कोरोना की गाइडलाइन पर धूप भारी पड़ गई। पटना के बिक्रम प्रखंड में बूथ संख्या 6 से लेकर 35 तक स्कूलों में बनाया गया था। उत्तर माध्यमिक विद्यालय शाहजहांपुर में छोटे से भगवन में 300 से अधिक वोटर एक साथ जुट गए। इसमें महिलाओं की वोटिंग की व्यवस्था थी। खेत में स्कूल है और आस पास कोई पेड़ भी नहीं था जिससे वोटर पेड़ के नीचे वेटिंग कर पाते। प्रशासन की तरह से कोई टेंट की व्यवस्था भी नहीं की गई थी। इससे वोटरों को काफी परेशानी हुई है। शाहजहांपुर गांव के राकेश कुमार साव ने बताया कि वह अपने परिवार की महिलाओं को वोटिंग के लिए लेकर आए लेकिन धूप से हालत खराब है। वोटिंग की लाइन के लिए महिलाएं स्कूल के बरामदे में चली गई जहां काफी भीड़ हो गई। धूप से बचाव में ही महिलाओं ने सोशल डिस्टेंस का नियम तोड़ दिया।

नौबतपुर और बिक्रम में व्यवस्था से तंग रहे मतदाता

नौबतपुर और बिक्रम में वोटरों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। न तो मास्क की व्यवस्था थी और न ही सैनिटाइजर की कोई व्यवस्था की गई थी। पानी और धूप से बचाव को लेकर व्यवस्था नहीं होने से मतदाताओं को काफी परेशानी हुई है। सुरक्षा में लगे कर्मियों के लिए भी पानी और बैठने के लिए टेंट की व्यवस्था नहीं की गई थी। नौबतपुर के बूथ नंबर 106 पर तो मतदान कर्मियों के लिए पानी और टॉयलेट की समस्या हो गई। यहां तैनात कर्मी रात में ही पहुंच गए लेकिन प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए बूथ में कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।

खबरें और भी हैं...