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स्वास्थ्य:आईजीआईएमएस में ट्रांसप्लांट के लिए अंगों को सुरक्षित रखने के लिए बनेगा बायो बैंक

पटनाएक वर्ष पहले
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  • दिसंबर से मिलेगी सुविधा, नोटो ने दी राशि, आ चुके कई उपकरण

(अजय कुमार सिंह) आईजीआईएमएस में अंगों को सुरक्षित रखने के लिए बायो बैंक की सुविधा बहाल होगी। ट्रांसप्लांट होने वाले अंगों किडनी, लिवर, कॉर्निया, हड्डी, नाखून, स्किन आदि को रखने के लिए बायो बैंक स्थापित करने के लिए नेशनल आर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (नोटो) ने स्टेट आर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (सोटो) को फंड उपलब्ध कराया है।

राज्य का स्टेट आर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन आईजीआईएमएस में है। दिसंबर तक बैंक कार्यरत हो जाएगा। इसके लिए कुछ उपकरण आ चुके हैं। यह बैंक पूरे राज्य के लिए होगा। राज्य का कोई भी अस्पताल इसमें अंग रख सकता है।

मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल की मानें तो पहले चरण में किडनी, बोन और नेल (नाखून) रखने की व्यवस्था होगी, क्योंकि संस्थान में फिलहाल किडनी और कॉर्निया ट्रांसप्लांट की व्यवस्था है। ट्रॉमा के मामले भी अधिक आते हैं। इसलिए बोन रखने की व्यवस्था रखी जाएगी। इसके बाद लिवर और अन्य अंगों को रखने की व्यवस्था होगी।

पीएमसीएच इमरजेंसी के सामने से हटाया कॉफी हाउस
पीएमसीएच की सेंट्रल इमरजेंसी के सामने स्थित कॉफी हाउस को गुरुवार को मजिस्ट्रेट और पुलिस की मौजूदगी में तोड़कर हटा दिया गया। उसका कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो गया था। उसे खाली करने का नोटिस दिया जा चुका था। लेकिन, नहीं हटाने से निर्माण कार्य बाधित हो रहा था। इधर सेंट्रल इमरजेंसी की नई सर्जिकल यूनिट का निर्माण पूरा हो गया है। इसमें तीन मॉड्यूलर ओटी का निर्माण किया गया है।

इसका ऑनलाइन उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय 7 या 8 सितंबर को कर सकते हैं। अधीक्षक के मुताबिक, सेंट्रल इमरजेंसी का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। सर्जिकल यूनिट बन गई है। इसके बाद मेडिकल इमरजेंसी का निर्माण कार्य शुरू होगा। मेडिकल इमरजेंसी को फिलहाल टाटा वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। सर्जिकल यूनिट में वो सारी सुविधाएं हैं जो किसी बड़े अस्पताल में होनी चाहिए। साथ ही पीएमसीएच को गंगा पाथवे से जोड़ने के लिए राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक के सभागार के पीछे से रास्ता निकाला गया है।

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