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BJP बिहार प्रभारी पद से भूपेंद्र यादव की होगी छुट्टी!:CM नीतीश और अगड़ों की नाराजगी पड़ी भारी, अब हो सकता है बड़ा फेरबदल

पटना2 महीने पहले

बिहार भाजपा में एक बड़ी फेरबदल की खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि राज्य के प्रभारी भूपेंद्र यादव को हटाया जा सकता है। हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। भूपेंद्र यादव ने जब से केंद्रीय मंत्रिमंडल की शपथ ली है, तब से उनको बिहार प्रभारी के पद से हटाए जाने की बात चल रही थी। जो अब पूरी हो जाएगी।

बीच में भी एक दो बार यह खबर आई थी कि उन्हें बिहार प्रभारी के पद से हटा कर हरीश द्विवेदी को जिम्मेदारी दी गई। लेकिन बाद के दिनों में इसे पूरी तरह से गलत बताया गया। इस बार इस बात की पूरी चर्चा है भूपेंद्र यादव का हटना तय है और उनकी जगह पर कोई दूसरा बिहार भाजपा का प्रभारी बनाया जाएगा।

20 मई को होने वाले जयपुर के राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक से पहले होगा फैसला

भाजपा सूत्रों की मानें तो जिस नेता के पास मंत्रिमंडल का प्रभार होता है वह संगठन के किसी पद पर ज्यादा दिनों तक नहीं रहता है। भूपेंद्र यादव केंद्र में मंत्री हैं तो उन्हें इस पद से हटाया जाना तय है। वहीं 20 मई को जयपुर में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होनी है। उससे पहले नए बिहार के प्रभारी की नाम की घोषणा हो जाएगी। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जिन-जिन लोगों को नया प्रभार दिया जाएगा, उन्हें बैठक में शामिल होना होगा।

विनोद तावड़े, हरीश द्विवेदी और तरुण चुग हैं बिहार प्रभारी के फेहरिस्त में

बिहार के नए प्रभारी के तौर पर जिन नेताओं का नाम सामने आ रहा है, उसमें सबसे पहले विनोद तावड़े हैं। वहीं हरीश त्रिवेदी और तरुण चुग भी इस फेहरिस्त में शामिल हैं। सबसे ज्यादा प्रबल दावेदारी विनोद तावड़े को की है। वे महाराष्ट्र भाजपा के बड़े नेता हैं और देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल में भी मंत्री थे। उन्हें तेजतर्रार नेता के तौर पर जाना जाता है। दूसरे नंबर पर हरीश द्विवेदी का नाम है। वे उत्तर प्रदेश से सांसद हैं और बिहार के सह प्रभारी भी हैं। ऐसे में इनका प्रमोशन भी किया जा सकता है।

CM नीतीश की पसंद नही रहे हैं भूपेंद्र यादव

बताया जाता है कि मौजूदा बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बहुत नहीं बनती थी। सीएम भूपेंद्र यादव के साथ मीटिंग नहीं करना चाहते थे। वहीं भाजपा के एक बड़े तबका मानना है कि भूपेंद्र यादव के कारण भाजपा से अगड़ी जातियों ने दूरी बना ली है। ऐसे में बिहार प्रभारी के तौर पर उन्हें भाजपा का एक बड़ा तबका पसंद नहीं कर रहा था।

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