भाजपा के राज्यसभा सदस्य विवेक ठाकुर बोले:भाजपा-जदयू का गठबंधन पुराना और टेस्टेड, जनता का हमेशा रहा है भरोसा

पटना3 महीने पहले
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भाजपा के राज्यसभा सदस्य विवेक ठाकुर - Dainik Bhaskar
भाजपा के राज्यसभा सदस्य विवेक ठाकुर

प्रश्न - यूपी सहित अन्य राज्यों में भाजपा की जीत के बाद बिहार में भी बदलाव की रणनीति है क्या?
उत्तर -जनता ने भाजपा की सबका साथ सबका विकास की नीति पर सहमति की मुहर लगाई है। बिहार में भाजपा और जदयू का पुराना और मजबूत गठबंधन है। इसलिए अलग होने का सवाल ही नहीं है। हमारा गठबंधन पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा।

प्रश्न - यूपी चुनाव में पूर्वांचल के प्रभारी के तौर पर जनता के मूड को 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर क्या आंकते हैं?
उत्तर -उत्तरप्रदेश, उत्तरांचल, मणिपुर और गोवा में जनता ने भाजपा को जीत दिला कर स्पष्ट कर दिया है कि 2024 में फिर से भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी में ही उनका भरोसा होगा। इसमें कोई संशय नहीं कि 2024 में देश में फिर भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार ही होगी।

प्रश्न - क्या लगता है वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को भाजपा ने इतने दिनों तक बर्दाश्त किया या फिर यूज एंड थ्रो की नीति अपनायी?
उत्तर - विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी भाजपा ने अपने कोटे से मुकेश सहनी को विधान परिषद में भेजा और मंत्री बनवाया। भाजपा ने तो मुकेश सहनी को प्रेम से गले लगाया, लेकिन उन्होंने भाजपा के पीठ में छुरा घाेंप दिया। पीएम नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहा, यह भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

सच तो यह है कि भाजपा को हराने के लिए मुकेश सहनी ने सपा के अखिलेश यादव को मदद की। सहनी अस्थिर हैं। फिल्म इंडस्ट्री में ठेकेदारी की तरह राजनीति समझते हैं। तीन साल में कई बार पाला बदल चुके हैं। सीएम से आग्रह है कि मुकेश सहनी के कार्यकाल की विजिलेंस से जांच कराएं। किशनगंज में मीट फैक्ट्री को इतना परेशान किया कि उनमें से चार बंद हो गईं।

प्रश्न -वीआईपी के विधायकों के भाजपा में आने के बाद बिहार में सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद क्या अब एकला चलो की रणनीति होगी?
उत्तर-नहीं। भाजपा साथियों को साथ लेकर चलने में भरोसा करती है। जदयू और भाजपा का गठबंधन टेस्टेड और स्वभाविक गठबंधन है। जनता ने भी भाजपा और जदयू के गठबंधन को चुनाव दर चुनाव स्वीकारा और आशीर्वाद दिया। बिहार में नीतीश बड़े नेता हैं। उनसे बड़ा चेहरा कोई नहीं है।

प्रश्न -​​​​​​​ क्या लगता है कि 2024 लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा से अलग हो जाएगी जदयू?
उत्तर- क्यों अलग होगी। ऐसी बातें बिल्कुल ही कोरी कल्पना है।

प्रश्न -​​​​​​​ क्या 2025 में विधानसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व की तैयारी में है?
उत्तर- 2025 के विधानसभा चुनाव में अभी बहुत समय है। 2024 में लोकसभा चुनाव होना है। सभी राजनीतिक दलों को एक देश एक चुनाव पर पहले विचार करना चाहिए। एक साथ चुनाव हो तो धन की भी बचत होगी।

प्रश्न -पिछले चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को देख क्या लगता है कि आने वाले समय में देश में मुख्य विपक्ष आम आदमी पार्टी (आप) होगी?
उत्तर- यह सवाल कांग्रेस से ही पूछा जाना चाहिए। वैसे विपक्षी दलों को ही आपस में तय कर लेना चाहिए कि डूबती कांग्रेस का विकल्प कौन पार्टी होगी। अब कांग्रेस में कुछ बचा नहीं। भाजपा का फोकस राष्ट्रनिर्माण पर है।

प्रश्न- भाजपा पर सांप्रदायिक रंग देने के आरोप लगते हैं?
उत्तर-बिल्कुल गलत आरोप लगाए जाते हैं। भाजपा सांप्रदायिकता और संकीर्णता नहीं राष्ट्रीयता की बात करती है। हर जाति और संप्रदाय के लोगों को योजना का लाभ समान रूप से दिया जाता है। यूक्रेन में फंसी भारतीयों को ऑपरेशन गंगा चलाकर देश में वापस लाया गया। यह देश के मजबूत नेतृत्व का ही असर है।

प्रश्न-आज कश्मीरी पंडितों की पीड़ा की बात तो हो रही है, लेकिन केंद्र सरकार को विस्थापित कश्मीरी पंडितों को वहां बसाने और सुरक्षा देने से किसने रोका है?
उत्तर-केंद्र सरकार ने धारा 370 हटा कर इरादे साफ कर दिए हैं। द कश्मीर फाइल्स फिल्म में कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार दिखाया गया है। यह सही है। केंद्र सरकार विस्थापित कश्मीरी पंडितों ही नहीं बल्कि वहां से जो भी लोग विस्थापित हुए हैं, उन्हें पुनर्वासित कर सुरक्षा देगी। ऐसे लोगों से सबूत के साथ आवेदन भी मांगे गए हैं।

प्रश्न- चर्चा है कि पार्टी बिहार में आपको अहम जिम्मेदारी दे रही है?
उत्तर- मैं पिछले 30 साल से पार्टी का साधारण कार्यकर्ता हूं। पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से साथ निभाया। आगे पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे निभाता रहूंगा।

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