सुशील मोदी ने कांग्रेस को घेरा:BJP सांसद बोले-कांग्रेस जीतने के लिए नहीं, RJD को जिताने के लिए लड़ रही उपचुनाव

पटनाएक महीने पहले
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सुशील मोदी (फाइल)। - Dainik Bhaskar
सुशील मोदी (फाइल)।
  • कहा- कांग्रेस-RJD अलग-अलग लड़ने का कर रही दिखावा

बिहार विधानसभा उपचुनाव में RJD और कांग्रेस की लड़ाई जबदस्त चर्चा में हैं। आलम ये है कि RJD और JDU की सीधी टक्कर से कहीं ज्यादा कांग्रेस के स्टार प्रचारक कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवाणी और हार्दिक पटेल सूर्खियों में हैं। लेकिन, भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी की मानें तो ये सारी लड़ाई उपरी है और कांग्रेस और RJD मिलकर उपचुनाव में खेल कर रहे हैं।

कांग्रेस जीतने के लिए नहीं RJD को जिताने के लिए लड़ रही चुनाव : सुशील मोदी

बिहार विधानसभा की दो सीटों कुशेश्वरस्थान और तारापुर का उपचुनाव अब अपने रोमांचक लड़ाई तक पहुंच चुका है। कांग्रेस के 3-3 स्टार प्रचारक कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवाणी और हार्दिक पटेल के प्रचार में उतरने के बाद उपचुनाव का पूरा माहौल बदल चुका है। दूसरी तरफ RJD के नेता तेजस्वी यादव भी लगातार इन सीटों पर कैंप कर रहे हैं। कांग्रेस और RJD के इन स्टार प्रचारकों के मैदान में आमने-सामने उतरने के बाद JDU और उसकी सहयोगी भाजपा चुनावी मैदान में तो है, लेकिन चर्चा में नहीं। अब भाजपा के सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने उपचुनाव की इस लड़ाई को अपने अंदाज में बयां किया है।

सुशील मोदी के मुताबिक RJD और कांग्रेस उपचुनाव में एक-दूसरे से लड़ने का दिखावा कर रहे हैं। सुशील मोदी की मानें तो RJD और कांग्रेस खास रणनीति के तहत NDA के आधार पर वोटबैंक में सेंधमारी करने के लिए अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। सुशील मोदी ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाया है। कहा कि कांग्रेस उपचुनाव में जीतने के लिए नहीं बल्कि RJD को जिताने के लिए उतरी हैं। सुशील मोदी ने ये बयान पटना के विद्यापति भवन में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों के सवाल का जबाब देते हुए दिया।

BJP और कांग्रेस का आधार वोट रहा है एक

सुशील मोदी का ये दावा कितना सही है इसे समझने के लिए BJP और कांग्रेस के आधार वोट को समझना होगा। ये सही है कि कांग्रेस 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस कोई कमाल नहीं कर पाई थी। लेकिन, ये भी सही है कि कांग्रेस और BJP का आधार वोट लगभग एक रहा है। दोनों ही पार्टियों का आधार वोट सवर्ण माने जाते रहे हैं। ऐसे में बहुत संभावना ये है कि भाजपा के साथ होने के कारण JDU के उम्मीदवारों को जो सवर्ण वोट मिल सकते हैं वो कांग्रेस के अकेले मैदान में उतरने के कारण उसकी तरफ मुड़ जाएं।