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कोविड-19:पटना के कोरोना मरीजों में ठीक होने के बाद सांस और डिप्रेशन की समस्या सबसे अधिक

पटना8 दिन पहले
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एनएमसीएच अलग से टीम बनाई गई है, जो इस पर ही काम कर रही है, राेजाना 10 से 15 मरीज आ रहे हैं।
  • एम्स, पीएमसीएच और एनएमसीएच में एक सप्ताह में आए 250 पाेस्ट काेविड मरीज
  • 55 मरीज इस बात को लेकर डिप्रेशन में चले गए हैं कि वे पूरी तरह स्वस्थ हो पाएंगे या नहीं

काेराेना से ठीक हाेने के बाद लाेगाें काे नए तरह की परेशानी हाेने लगी हैं। ज्यादातर शिकायतें कमजाेरी, डिप्रेशन, हाथ-पांव में कपकपी, सांस लेने में तकलीफ की है। यह काॅमन शिकायतें हैं। किसी-किसी काे शरीर मेें स्पैच की भी शिकायत है। इसके अलावा जिन्हें हार्ट, किडनी, लंग्स अादि की बीमारी थी, उन्हें भी इस तरह की परेशानी हाे रही है।

शहर में दिनाेंदिन पाेस्ट काेविड मरीजाें की तादाद बढ़ती जा रही है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले एक सप्ताह में एम्स, एनएमसीएच और पीएमसीएच में करीब 250 ऐसे मरीज आए हैं, जबकि पिछले माह इन अस्पतालाें में राेजाना औसतन चार से आठ मरीज ही आ रहे थे।

पोस्ट कोविड 250 मरीजों में से 115 मरीजों को सांस लेने में तकलीफ, चलने पर दम फूलने और कंपकपी की शिकायत थी। 90 फीसदी मरीजों को बहुत ज्यादा कमजोरी है। 50 से 55 मरीज इस बात को लेकर डिप्रेशन में चले गए हैं कि वे पूरी तरह से स्वस्थ हो पाएंगे या नहीं। इसे लेकर ही अस्पतालों में पोस्ट कोविड ओपीडी शुरू करने का निर्णय लिया है।

एनएमसीएच में हो रही काउंसिलिंग

एनएमसीएच के अधीक्षक डाॅ. बिनाेद कुमार ने बताया कि यहां पाेस्ट काेविड ओपीडी काम कर रहा है। मेडिसिन विभाग में इनके लिए डाॅक्टराें की टीम बनाई गई है। राेजाना 10 से 15 मरीज आ रहे हैं। ज्यादातर में कमजाेरी, डिप्रेशन, कपकपी व सांस की तकलीफ है। उन्हाेंने कहा कि यहां पाेस्ट काेविड मरीजाें के लिए काउंसिलिंग भी व्यवस्था की गई है, ताकि वे मानसिक रूप से मजबूत रह सकें।

पीएमसीएच : 30 बेड का वार्ड बना

पीएमसीएच के काेराेना के नाेडल अफसर डाॅ. पीएन झा कहते हैं कि राेजाना 10-14 मरीज आ रहे हैं। इनकी शिकायत सुनने के बाद उन्हें सलाह और दवा दी जा रही है। काॅमन शिकायताें में कमजाेरी, थकान, कपकपी, सांस लेने में तकलीफ है। पीएमसीएच में इनके लिए 30 बेड का पाेस्ट काेविड वार्ड बना दिया गया है, पर ये एडमिट नहीं हाे रहे हैं।

एम्स में जल्द खुलने वाला है ओपीडी

पाेस्ट काेविड मरीजाें की तादाद बढ़ता देख एम्स में पाेस्ट काेविड ओपीडी खुलने वाला है। इसे लेकर एम्स प्रशासन ने फैसला ले लिया है, पर कब से खुलेगा इसका अंतिम फैसला नहीं हुआ है। एम्स के नाेडल अफसर डाॅ. संजीव कुमार ने बताया कि अभी इस अस्पताल में पाॅजिटिव मरीजाें काे ही एडमिट किया जा रहा है। निगेटिव पाेस्ट काेविड मरीजाें का दाखिला नहीं हाे रहा है, पर रोज 10-12 मरीज आ रहे हैं।

इसलिए हाे रही परेशानी

आईजीआईएमएस के कम्यूनिटी मेडिसिन के हेड डाॅ. संजय कुमार ने बताया कि काेराेना भी एक तरह का फ्लू है। इसका संक्रमण हाेने पर शरीर का मेटाबाेलिज्म गड़बड़ा जाता है। यानी, मरीज के शरीर में साेडियम, पाेटेशियम, शूगर समेत अन्य खनिज पदार्थ का संतुलन ठीक नहीं रहता है। इसलिए उन्हें कमजाेरी, कपकपी समेत अन्य तरह की शिकायतें हाे रही हैं। साेच-साेचकर वे डिप्रेशन में भी चले जा रहे हैं। कमजाेरी की वजह से थाेड़ी दूर चलने के बाद वे हांफने भी लगते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान, परेशानी होगी कम

1. अपने काे मानिसक रूप से मजबूत रखें
2. हमेशा खुश रहें
3. याेगा व ध्यान करें
4. ब्रेथिंग एक्सरसाइज जरूरी है
5. दिमाग में कभी गलत बात न लाएं
6. अपने पर काेई परेशानी काे हावी न हाेने दें
7. किडनी, हार्ट, लंग्स वाले मरीज दवा रेगुलर खाते रहें
8. बीपी व शूगर लेवल बराबर चेक कराते रहें
9. खान-पान पर ज्यादा ध्यान दें
10. हमेशा बेड पर पड़े नहीं रहें

  • 21 अगस्त को एम्स से डिस्चार्ज हुआ, लेकिन अबतक पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाया हूं। चलने पर सांस फूलने लगता है। सांस लेने में थोड़ी परेशानी और कमजोरी है। पूरी तरह ठीक होने में अब भी 15 से 20 दिन लग सकते हैं।

- राम जी चौधरी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, कोरोना से ठीक हुए मरीज

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