बालू खनन केस:ब्रॉडसन की याचिका खारिज करना होगा 139 करोड़ से अधिक का भुगतान

पटनाएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हाईकोर्ट ने कहा-सरकार की मांग सही, कंपनी की मांग गलत। - Dainik Bhaskar
हाईकोर्ट ने कहा-सरकार की मांग सही, कंपनी की मांग गलत।

भोजपुर जिले के पूर्व बालू बंदाेबस्तधारी द्वारा सरकार को किस्त भुगतान नहीं करने की नीयत से 1 मई से खनन बंद कर दिया गया था। जब सरकार ने बकाया 1,39,50,39,924 रुपए का डिमांड नोटिस दिया तो ब्रॉडसन कमोडिटीज की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उसे चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि जब हमने अप्रैल में ही खनन का काम बंद कर दिया तो अक्टूबर तक की राशि मांगने का कोई औचित्य नहीं है।

जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसे बुधवार को सुनाया। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए सरकारी मांग को सही ठहराया। खनन विभाग ने बताया कि 2019 की नई नियमावली के अनुसार नई डाक में बालू खनन के लिए बीडर सफल तो हुए लेकिन पर्यावरण क्लीयरेंस नहीं मिलने से खनन में विलंब हो रहा था।

नवादा में बूथ पर वीडियो बनाने में पुलिस-पब्लिक भिड़े
सरकार ने पुराने सेटली को एक्सटेंशन देकर खनन का काम जारी रखने के लिए कहा था। गत अप्रैल में पुराने सेटली ने खनन का काम करने से इनकार कर दिया। लेकिन विभाग ने कहा कि बंदोबस्ती अक्टूबर तक के लिए था। इसलिए उन्हें डिमांड नोटिस के अनुसार राशि देनी ही होगी। विभाग ने बताया कि उन्होंने कोर्ट से कहा था कि डिमांड नोटिस पूरी तरह नियम के अनुसार है। इसलिए याचिकाकर्ता किसी राहत का हकदार नहीं है।

खबरें और भी हैं...