शादी का झांसा देकर 7 साल तक रेप...ऑर्केस्ट्रा में नचवाया:दिल्ली की लड़की को पटना लाया, 2 अबॉर्शन भी कराए; आरोपी 2 बच्चों का पिता

संस्कृति सिंह|पटना2 महीने पहले

पटना में दिल्ली की रहने वाली 21 साल की महिला के साथ शादी का झांसा देकर 7 साल तक रेप किया गया। इस बीच पटना के दीपक चंद्रवंशी ने उसे ऑर्केस्ट्रा में भी काम करवाया। वो 2 बार प्रेग्नेंट भी हुई, लेकिन दीपक ने अबॉर्शन करवा दिया। तीसरी बार में महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद वो उसके के घर भी गई, लेकिन उसने मारपीट कर भगा दिया। दीपक 2 बच्चों का पिता है।

महिला ने पटना के महिला थाने से लेकर गांधी मैदान थाने तक गुहार लगाई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने SP-DIG को भी पत्र लिखकर मदद मांगी है। कहीं उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

नौकरी का झांसा देकर 2014 में लाया था दिल्ली से बिहार
पीड़िता का कहना है कि 2014 में दीपक ने मुझे नौकरी का झांसा दिया और बोला कि अच्छी जगह पर नौकरी दिलाऊंगा। यही कहकर बिहार ले आया। यहां पर मुझे 2 सालों तक नजरबंद करके रखा। मुझे पता भी नहीं चला कि कहां हूं?

पहले तो शादी का झांसा देकर मेरे साथ संबंध बनाया, फिर मुझे बुरे तरीके से पीटने लगा। 6 महीने बाद मुझे ऑर्केस्ट्रा में जबरदस्ती नचवाने लगा। इसके 2 साल बाद मैंने एक पुलिसवाले को सभी बातें बताई लेकिन किसी तरह की पड़ताल नहीं हुई।

7 साल तक किया गया शारीरिक शोषण
पीड़िता के मुताबिक उसके साथ 7 सालों तक मर्जी के बिना शारीरिक शोषण किया गया। इस बीच दीपक ने 2 बार उसके बच्चों का गर्भपात भी कराया। पहला गर्भपात साल 2015 में और दूसरा 2017 में कराया। जब पीड़िता तीसरे बच्चे से प्रेग्नेंट हुई तो परेशान होकर जान देने की कोशिश की। लेकिन वहां के लोगों ने बचा लिया।

लोगों के समझाने के बाद पुलिस को कंप्लेन की। पीड़िता ने 2020 में तीसरे बच्चे को जन्म दिया। लेकिन उसे अब तक बाप का नाम नहीं मिला।

जान से मारने की देता है धमकी
आगे उसने बताया कि जब मेरी बेटी का जन्म हुआ तो मैं उसे लेकर दीपक के घर गई, लेकिन वहां किसी ने मेरी एक नहीं सुनी। उल्टा मुझे जान से मारने की धमकी देते रहे और नचनियां-बजानियां कहकर भगा दिया गया। वहां मुझे पता चला कि दीपक पहले से 2 बच्चे का बाप है। इसके पहले भी वह कई लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा और देह व्यापार में ढकेल चुका है।

एसएसपी से लेकर डीआईजी तक लगातार लगा रही न्याय की गुहार
पीड़िता अपने 2 साल की बच्ची को लेकर न्याय के लिए दर-बदर भटक रही है। हर जगह से मदद का आश्वासन तो दिया जा रहा है, लेकिन किसी प्रकार की मदद नहीं की जा रही है। पीड़िता के मुताबिक पटना के महिला थाना में एफआईआर में कमी बताकर मुझे डेढ़ महीने तक घुमाया गया। बाद में एफआईआर लेने का बाद किसी तरह का एक्शन नहीं लिया गया। गांधी मैदान थाना में भी मेरे साथ बदतमीजी की गई।

कहा कि पटना के एसएसपी और डीआईजी से भी लगातार मदद मांगती रही, लेकिन वहां से भी चिट्ठी वापस आ जाती है। मैं बस चाहती हूं कि मेरे साथ इंसाफ हो और मेरी बेटी को बाप का नाम मिले। ऐसा बहुत सारी लड़कियों के साथ होता है, लेकिन सब सहकर रह जाती हैं। मैं चाहती हूं कि हर लड़की अपने लिए आवाज उठाए, जिनके साथ भी ऐसा हो रहा है।