CBI ने कोर्ट में कहा-तेजस्वी की जमानत रद्द हो:प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CBI अफसरों को धमकाने का मामला, स्पेशल कोर्ट ने जारी किया नोटिस

पटना3 महीने पहले

बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को IRCTC घोटाला में दी गई जमानत को रद्द करने के लिए सीबीआई दिल्ली में स्पेशल कोर्ट पहुंच गई है। सूत्रों की मानें तो CBI ने तेजस्वी की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीबीआई अधिकारियों को धमकी देने के मामले को लेकर यह याचिका लगाई है। सीबीआई ने कहा है कि तेजस्वी यादव की जमानत रद्द की जाए, क्योंकि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है।

सीबीआई के आवेदन पर स्पेशल कोर्ट की जज गीतांजलि गोयल ने तेजस्वी यादव को नोटिस जारी करके मामले में जवाब मांगा है। तेजस्वी को जवाब देने के लिए 28 सितंबर तक का समय दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जानिए , तेजस्वी ने सीबीआई के लिए क्या कहा था

दरअसल 25 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने कहा था, 'क्या सीबीआई अधिकारियों की मां और बच्चे नहीं होते, क्या उनका परिवार नहीं है, क्या वे हमेशा सीबीआई अधिकारी रहेंगे, क्या वे रिटायर नहीं होंगे, सिर्फ यही पार्टी सत्ता में बनी रहेगी, आप क्या संदेश देना चाहते हैं? आपको संवैधानिक संगठन के कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।'

RJD दफ्तर में पत्रकारों से तेजस्वी ने कहा था कि गुड़गांव व्हाइट लैंड कंपनी के जिस मॉल को मेरा बताया जा रहा है, इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। CBI मेरा मॉल पकड़ने गई थी, मैंने भाजपा वालों का पकड़ लिया है। हिम्मत है तो CBI खट्‌टर पर कार्रवाई करे।
RJD दफ्तर में पत्रकारों से तेजस्वी ने कहा था कि गुड़गांव व्हाइट लैंड कंपनी के जिस मॉल को मेरा बताया जा रहा है, इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। CBI मेरा मॉल पकड़ने गई थी, मैंने भाजपा वालों का पकड़ लिया है। हिम्मत है तो CBI खट्‌टर पर कार्रवाई करे।

तेजस्वी ने कहा था- अब बिना मूंछ वाले नहीं रहे

आरजेडी नेता इस मौके पर खुलकर बोले कि अब हम वो तेजस्वी यादव नहीं हैं जिसको मूंछ भी नहीं था, तब सीबीआई ने केस किया था। इतने दिन हो गए, क्या हुआ उसमें। अब तो हमारे पास सात साल का अनुभव है। इसमें दो बार नेता विरोधी दल रह लिए, दो बार डिप्टी सीएम बन गए।

2009 में भी उठा था मामला

2009 में इस मुद्दे को लेकर हंगामा मचा था। तब उस समय की रेल मंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में CBI जांच की बात कही थी। तब लालू यादव ने कहा था कि उन्हें इन सब की कोई जानकारी नहीं। उन्होंने केवल अपना काम ईमानदारी से किया है। इसके अलावा वे कुछ नहीं जानते हैं।

क्या है IRCTC घोटाला?

IRCTC (भारतीय रेल पर्यटन एवं खानपान निगम) टेंडर घोटाले में भी RJD सुप्रीमो लालू यादव फंसे हुए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने साल 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए एक निजी कंपनी को अवैध तरीके से भुवनेश्वर और रांची में दो होटलों को चलाने का ठेका दिया।

इसके एवज में उन्हें पटना के सगुना मोड़ इलाके में इस कंपनी ने 3 एकड़ जमीन मुहैया कराई थी। इस मामले में CBI ने लालू यादव, राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ FIR दर्ज की थी। सभी को दो साल पहले इस मामले में जमानत मिल गई थी। IRCTC टेंडर घोटाला मामले में तेजस्वी समेत अन्य आरोपियों पर आईपीसी की धारा 420, 120बी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

तेजस्वी बोले-हिम्मत है तो CBI खट्‌टर पर कार्रवाई करे:कहा- सीबीआई मेरा मॉल पकड़ने गई थी, मैंने भाजपा वालों का मॉल पकड़ लिया