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संपत्ति का विवाद:जाप नेता काे गाेली मारने के मामले में दाे सहाेदर भाइयों समेत चार पर मामला दर्ज

पटना8 दिन पहले
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अस्पताल में भर्ती जाप नेता। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में भर्ती जाप नेता।

जाप के प्रदेश महासचिव आनंद कुमार सिंह उर्फ डब्बू सिंह को उनके छोटे भाई ने शूटर से गोली मरवाई है। डब्बू सिंह का इलाज पाटलिपुत्र गोलंबर के पास स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा है। ऑपरेशन कर गोली निकाल दी गई है। लेकिन, स्थिति गंभीर बनी हुई है।

डब्बू सिंह के बयान पर उनके सहोदर छोटे भाई अमित कुमार सिंह उर्फ बीरू उर्फ शेखर, बड़े भाई अनिल सिंह, अनिल सिंह के चालक राहुल कुमार और एक अन्य पर एफआईआर दर्ज की गई है। घटना रविवार रात लगभग 12 बजे हुई। आराेप के मुताबिक, उस वक्त बीरू के साथ राहुल और एक शूटर मौजूद था।

बीरू के कहने पर ही शूटर ने डब्बू सिंह को गोली मारी थी। बीरू इन दिनों बड़े भाई अनिल सिंह के जगदेव पथ स्थित घर पर ही रहता है। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। सिटी एसपी मध्य अंबरीश राहुल ने कहा कि चार लोगों पर केस दर्ज किया गया है। छोटे भाई पर ही उन्होंने आरोप लगाया है। भाइयों के बीच पुराना विवाद है। आरोपियाें की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है।

  • सर्जरी कर निकाली गई गोली, लेकिन स्थिति गंभीर, सभी आराेपी चल रहे फरार
  • आनंद ने पुलिस से कहा-भाई बीरू ने शूटर से मरवाई गोली
  • भांजे ने पकड़ ली शूटर की पिस्टल, कार ने उसे 500 मीटर तक घसीटा

पहले भाभी से उलझा, भाई निकला तो मार दी गोली

जाप नेता का भाई बीरू रात के लगभग 12 बजे पाटलिपुत्र के 155 डी स्थित अपने भाई डब्बू सिंह के घर पहुंचा। घर वालों की मानें तो उस समय उनके घर का गार्ड खाना खा रहा था। बीरू स्विफ्ट कार से घर के कैंपस में दाखिल हुआ और चिल्लाने लगा। डब्बू सिंह को बार-बार बाहर आने के लिए कहने लगा। इतने में डब्बू सिंह की पत्नी बाहर आईं और चिल्लाने का कारण बीरू से पूछा। अपने बयान में डब्बू सिंह ने कहा कि मेरी पत्नी ने बीरू से कहा भी कि आपके भैया सो गए हैं, सुबह आइएगा। लेकिन वह वहां से जाने को तैयार नहीं हुआ और भाभी से उलझ गया।

डब्बू सिंह ने कहा कि जब मैं बाहर निकला तो बीरू घर के बाहर अपनी कार में चिल्ला रहा था। मैंने मना किया और दिन में आने को कहा तब वह कार की पिछली सीट पर बैठे शूटर से मुझे गोली मारने को कहा। इसके बाद शूटर ने मुझे गोली मार दी और मैं लहूलुहान होकर वहीं गिर गया।

जाप नेता की मानें तो उनके साथ उनका भांजा सन्नी भी बाहर निकला था। उन्होंने कहा कि जैसे ही शूटर ने मुझे गोली मारी और दूसरी गोली दागने की कोशिश की मेरे भांजे ने उसका हाथ पकड़ लिया। इतने में चालक राहुल ने कार को आगे बढ़ा दिया और भागने लगा। कार ने सन्नी को लगभग 500 मीटर तक घसीट भी दिया। आखिरकार तीनों वहां से फरार हो गए और इसके बाद पाटलिपुत्र थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घायल डब्बू सिंह को अस्पताल ले गई।

पुलिस से कहा था- भाई से मुझे जान का खतरा है
परिवार के लोगों ने बताया कि तीन महीने पहले डब्बू सिंह ने पाटलिपुत्र थाने में जाकर वहां के थानेदार से कहा था कि उनका छोटा भाई अमित उर्फ बीरू उनकी हत्या कराना चाहता है। उनकी और उनके परिवार को अपने छोटे भाई से ही जान का खतरा है। हालांकि उन्होंने थाने में लिखित आवेदन नहीं दिया था। सिटी एसपी ने कहा कि इस बात की जानकारी डब्बू सिंह ने पुलिस को दी थी।

घटना के बाद मौके पर मामले की जांच करती पुलिस।
घटना के बाद मौके पर मामले की जांच करती पुलिस।

लाल रंग का टीशर्ट पहने था शूटर, मुंह पर लगाए था मास्क
कार में तीन लोग थे। राहुल नाम का युवक कार चला रहा था। उसकी बगल वाली सीट पर बीरू बैठा हुआ था। पीछे वाली सीट पर एक शूटर बैठा था जो लाल रंग की टीशर्ट पहने था। उसके चेहरे पर मास्क लगा हुआ था। पुलिस शूटर की पहचान में जुटी हुई है। अब तक की जांच और पारिवारिक लोगों की माने तो बीरू, चालक राहुल और शूटर तीनों शराब के नशे में थे। भाई डब्बू सिंह को देखते ही बीरू ने शूटर से कहा देख क्या रहे हो मार दो गोली।

बीरू की पत्नी जा चुकी है जेल, बीरू को शक था उसी ने भिजवाया
आनंद उर्फ डब्बू सिंह लगभग छह महीने पहले ही जाप की सदस्यता ग्रहण किए हैं। उनका कृषि यंत्र बनाने का पाटलीपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया में व्यवसाय है। उनके पिता स्व विजय कुमार सिंह कांग्रेस के नेता था। डब्बू सिंह के ससुर सत्येंद्र नारायण सिंह ने कहा कि छह भाईयों में दो की मौत हो चुकी है।

बड़ा भाई अनिल सिंह जगदेव पथ में रहते हैं। वहीं मामले में आरोपित छोटा भाई अमित सिंह उर्फ बीरू धनबाद जिले के नवाडिह में नंदन रेसिडेंसी में रहता है। बीते अगस्त महीने में अमित की पत्नी प्रयंबदा को रुपसपुर थाने की पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेजी थी। बीरू को शक था कि उसके भाई डब्बू सिंह ने ही रुपसपुर थाना को धनबाद स्थित उसके घर का पता बताया है।

डब्बू सिंह ने अपने बयान में कहा भी कि गोली मारने का आदेश देने से पहले बीरू ने कहा कि मेरी पत्नी को जेल भिजवाने में तुम्हारा ही हाथ है। इधर पार्टी के लोगों की माने तो दोनों भाईयों के बीच संपत्ति का भी विवाद है। साईं मंदिर के पास डब्बू की पैत्रिक जमीन पर एक ढाबा चलता है। उस जमीन पर बीरू कुछ व्यवसाय करना चाहता है जिसके लिए डब्बू सिंह तैयार नहीं थे। इसके अलावा भी दोनों भाइयों के बीच कई विवाद हैं।

पुलिस से कहा था- भाई से मुझे जान का खतरा है
परिवार के लोगों ने बताया कि तीन महीने पहले डब्बू सिंह ने पाटलिपुत्र थाने में जाकर वहां के थानेदार से कहा था कि उनका छोटा भाई अमित उर्फ बीरू उनकी हत्या कराना चाहता है। उनकी और उनके परिवार को अपने छोटे भाई से ही जान का खतरा है। हालांकि उन्होंने थाने में लिखित आवेदन नहीं दिया था। सिटी एसपी ने कहा कि इस बात की जानकारी डब्बू सिंह ने पुलिस को दी थी।

किराए पर जिस घर में रहा उसका जाली पेपर बनाकर 80 लाख में बेच दिया
प्रियंबदा उसके पति अमित उर्फ बीरू, पटना जिले के रजिस्टार सहित पांच अन्य पर रुपसपुर थाने में दो एफआईआर (232/14, 121/15) दर्ज हैं। प्रियंबदा मामले में मुख्य आरोपी हैं। उन पर एक अधिकारी की पत्नी पुष्पा देवी ने एफआईआर कराई है। मामला यह है कि पुष्पा देवी बेटे के साथ नोएडा में रहती हैं।

रुपसपुर स्थित उनके मकान में प्रियंबदा और उनके पति बीरू किराए पर रहते थे। बाद में पति-पत्नी ने मिलकर जमीन और मकान का जाली कागजात बना लिया। इसके बाद उस जमीन और मकान को 80 लाख में किसी को बेच दिया।

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