पांच दिन में 5 डिग्री गिरा रात का पारा, बढ़ी:सात जिलों में बारिश होने के आसार, मौसम में बदलाव होने से दम फूलने की शिकायत बढ़ी

पटनाएक महीने पहले
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पटना सहित राज्य के सभी 38 जिलों में लगतार तीसरे दिन रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। आर्द्रता 70 से 85 फीसदी के बीच रही। 2 से 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने से सुबह और देर शाम मौसम सर्द रह रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश के ऊपरी हिस्से में सक्रिय ट्रफ रेखा शिफ्ट होकर झारखंड, विदर्भ होते हुए छत्तीसगढ़ तक जा रही है। इसके प्रभाव से सुपौल, कटिहार सहित बिहार के 7 जिलों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। जबकि, पटना, गया, बेगूसराय, नवादा सहित 31 जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।

इस दौरान पश्चिम की तरफ से चलने वाली हवा बिहार के मध्य हिस्से से होते हुए सभी क्षेत्र में प्रवाहित होगी। इससे दिन-रात के तापमान में लगातार गिरावट होने के आसार हैं। पटना में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री होने के आसार है।

मानसून अवधि समाप्त होने के बाद भी 22 दिनों में 229 फीसदी अधिक बारिश

बिहार में मानसून अवधि 30 सितंबर को समाप्त हुई है। जबकि, प्रदेश के सभी हिस्से में मानसून की वापसी 11 अक्टूबर को हुई है। इसके बावजूद भी अक्टूबर के 22 दिनों में 229 फीसदी अधिक बारिश रिकार्ड की गई है। इस दौरान पटना में भी 115 फीसदी अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार के कुछ हिस्से में लगभग एक सप्ताह तक हल्की बारिश होने के आसार हैं।

हर अस्पताल में रोज पहुंच रहे 15-20 मरीज

मौसम में बदलाव ने दम फूलने, सांस की दिक्कत और दमा के मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। सरकारी अस्पतालाें और प्राइवेट क्लिनिकों की ओपीडी में प्रतिदिन 15-20 ऐसे मरीज आ रहे हैं। आईजीआईएमएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि जनरल मेडिसिन और पल्मोनरी मेडिसिन विभाग की ओपीडी में इस तरह की शिकायत लेकर राेज 15-20 मरीज आ रहे हैं। किसी को सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो किसी को दम फूलने की शिकायत हो रही है।

क्या है इलाज

  • बदलते मौसम में इस तरह की समस्या होने पर चिकित्सकीय सलाह ले लेनी चाहिए।
  • खुद से दवा नहीं लेनी चाहिए। दमा के मरीज को इनहेलर लेने से आराम मिलता है, पर चिकित्सक की सलाह पर ही लेना चाहिए।
  • दमा के मरीज को दवा नियमित लेते रहना चाहिए।
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