ओमिक्रॉन को लेकर महामंथन:CM ने कहा- हम सतर्क हैं, ओमिक्रॉन की जांच रिपोर्ट आने में 5-6 दिन लगता है; अब IGIMS में होगी व्यवस्था

पटनाएक महीने पहले
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ओमिक्रॉन को लेकर बातचीत करते सीएम नीतीश कुमार। - Dainik Bhaskar
ओमिक्रॉन को लेकर बातचीत करते सीएम नीतीश कुमार।

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर बिहार सरकार काफी गंभीर है। इसको लेकर बिहार के CM नीतीश कुमार ने कहा कि फिर से कोरोना का प्रभाव बढ़ने लगा है। खासकर पटना शहर में इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। हम लोग इसको लेकर सतर्क हैं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सभी लोग इस मामले में सक्रिय हैं। हम लोगों का उद्देश्य यही है कि ज्यादा से ज्यादा जांच कराएं। दूसरी बात है कि कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन आया है। इसके मामले में अभी तक बिहार में ओमिक्रॉन से पीड़ित लोगों का पता नहीं चला है।

इसका कारण है कि यहां पर जो भी टेस्ट हो रहे हैं, वो नए हो रहे हैं जिसे जीनोम सीक्वेंसिंग कहा जा रहा है। अभी तक इसकी कोई रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन खतरा तो है। हम लोगों ने विचार किया है कि हम लोग आपस में बातचीत कर लें उसके बाद अपने यहां इसका टेस्ट करवाएं। अभी तो रोज रिपोर्ट आ रही है कि इस पर अध्ययन हो रहा है, कोशिश हो रही है कि इस पर तेजी से काम हो। अभी जो जांच के लिए भेजा गया है, उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। हम लोग सतर्क हैं और कोशिश कर रहे हैं कि यहां भी IGIMS जैसे अस्पताल में व्यवस्था हो जाए।

अस्पतालों में किया जा रहा पूरा इंतजाम

CM ने कहा है कि दूसरे देशों में हम लोग देख रहे हैं कि ओमिक्रॉन का प्रभाव बढ़ रहा है। हम लोगों के यहां कोरोना संक्रमण बहुत नीचे चला गया था। उसके बाद फिर पिछले कुछ दिनों से देख रहे हैं कि बढ़ रहा है। इस बात को लेकर हम लोग बहुत सजग हैं। इसके इलाज के लिए पूरा का पूरा इंतजाम है। आगे अगर कुछ होगा तो जैसे पहले अस्पतालों में बेड वगैरह की व्यवस्था की गई थी उसी तरह से इस बार भी इंतजाम है। ट्रिटमैंट में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। उसकी पूरी तैयारी है। जिस तरह से तीन स्टेज पर लोगों को रखना है वैसे ही पहले की तरह तैयारी की जा रही है।

यह भी देख रहे हैं कि जल्दी से जल्दी पता चल जाए कि ओमिक्रॉन का है या कोई और मामला है। एक बात दिखाई पड़ रहा है कि बाहर से जो लोग आते हैं उन्हीं में ये सब मामला देखने को मिल रहा है। उसके लिए तो कंसर्न है कि केंद्र सरकार का गाइडलाइन है, सब टेस्ट हो रहा है। एयरपोर्ट से लेकर हर जगह टेस्ट हो रहा है उसी में ये पता चल रहा है। नॉर्मल लोगों में कहीं उस तरह का केस नहीं आया है। जीनोम सीक्वेंसिंग की व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग शुरू से ही इसमें लगे हुए हैं। पहले भी हमने कह दिया था कि इसके जांच में 5-7 दिन लग जाता है।

क्या बोले अपर मुख्य सचिव

वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि जीनोम सीक्वेंस अधिसूचित है, सभी जगह जीनोम सीक्वेंसिंग नहीं है। राज्य सरकार के प्रयास से हम लोग इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में जीनोम सीक्वेंसिंग की स्वीकृति प्राप्त कर ली है।

वर्तमान में अभी जो भी सैंपल है उसे एनसीडीसी नई दिल्ली भेजते हैं, रिपोर्ट आने में औसतन 5-7 दिन लग रहा है। अनुरोध किया है कि रिपोर्ट तीन दिन में उपलब्ध करा दें। इस बीच में आईजीआईएमएस में लैब की पूरी तैयारी है। हम लोगों ने राशि भी उपलब्ध करा दी है। आशान्वित हैं कि शीघ्र ही यहीं पर जांच शुरु कर देंगे।

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