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NDA विधानमंडल दल की बैठक:CM नीतीश बोले- शराबबंदी के पक्ष में हैं न; गड़बड़ी देखें तो बताएं, जबतक हम हैं, नहीं हटेगी शराबबंदी

पटनाएक वर्ष पहले
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सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री और स्पीकर। - Dainik Bhaskar
सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री और स्पीकर।

मुूख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए के विधायक व विधान पार्षदों को शराबबंदी को पूर्णता में कामयाब करने में पूरी भूमिका निभाने को कहा। बोले- आप लोग जहां भी गड़बड़ी देखें, तुरंत बताएं। शराबबंदी व्यापक जनहित में है। यह सबका फैसला है। जब तक हम रहेंगे, यह नहीं हटेगी।

मुख्यमंत्री, सोमवार को एनडीए विधानमंडल दल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सबसे पूछा-आप लोग शराबबंदी के पक्ष में हैं न? सबने हां कहा। मुख्यमंत्री ने सबसे हाथ उठवाए। सबने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर हाथ उठाए। बैठक के दौरान भाजपा विधायक निक्की हेंब्रम ने महुआ का मामला उठाया। वे महुआ से अपने समाज के गहरे लगाव का हवाला दे, शराबबंदी की दौर में महुआ का उपयोग नहीं होने पर चिंता जता रहीं थीं। उनका कहना था कि महुआ का उपयोग नहीं होने के चलते उनके समाज (अनुसूचित जाति-जनजाति) में बेरोजगारी बढ़ रही है। सो, इसका कोई सार्थक, वैकल्पिक उपाय किया जाए।

मुख्यमंत्री ने उनको शराबबंदी के फायदे समझाए। उनको विस्तार से बताया कि शराबबंदी के चलते परंपरागत कारोबार से वंचित लोगों के जीविकोपार्जन के लिए राज्य सरकार ने क्या-क्या इंतजाम किए हैं। कहा- इसके लिए सतत जीविकोपार्जन योजना चल रही है, दूसरे काम हुए हैं, हो रहे हैं। शराबबंदी से सबसे ज्यादा खुश अनुसूचित जाति-जनजाति की महिलाएं ही हैं। मुख्यमंत्री ने शराबबंदी की तरफदारी करने वाले सत्ता पक्ष के विधायकों को इशारों में सचेत किया। कहा-’इससे गलत मैसेज फैलता है।’ उन्होंने सबको शराबबंदी की वजह और इसके फायदों के बारे में बताया। बोले-पूरा तंत्र इसे कड़ाई से लागू कराने में जुटा है। आप लोग (विधायक, विधान पार्षद) भी इसमें हरसंभव मदद करें।

ये भी थे मौजूद
इस दौरान उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी के अलावा हम अध्यक्ष जीतन राम मांझी, मंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, संजय कुमार झा, डॉ. अशोक चौधरी, शाहनवाज हुसैन, मुकेश सहनी के अलावा विधानसभा उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी, जदयू के देवेश चंद्र ठाकुर, भाजपा के जनक सिंह आदि मौजूद थे।

सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री और स्पीकर
जदयू विधायक डॉ. संजीव कुमार का कहना था कि शराबबंदी की दौर में लोगों, खासकर युवाओं ने स्मैक, ब्राउन सुगर, गांजा, भांग आदि को भी नशे का खासा विकल्प बना लिया है। इनका इस्तेमाल बेहिसाब बढ़ा है। ये सहूलियत से उपलब्ध हैं। ये शराब से ज्यादा खतरनाक/हानिकारक हैं। इसे भी फौरन पूरी तरह रोका जाए। कई अन्य विधायकों ने बताया कि कैसे नेपाल या दूसरे सीमावर्ती इलाकों से नशे के ये सामान बिहार में पसरते गए हैं।

एमएलए का टीए भी बढ़े
भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार उछाल के हवाले कहा कि विधायकों का यात्रा भत्ता (टीए) बढ़ना चाहिए। उन्होंने पूर्व विधायकों को पेंशन बढ़ाने की भी बात कही। विधायकों ने मेज थपथपा कर इस डिमांड में खुद को शामिल बताया।

मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना शुरू हो
सत्ता पक्ष के कई विधायकों का आग्रह रहा कि मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना फिर से शुरू की जाए। फिलहाल यह बंद है। विधायकों का कहना था कि इस योजना के जरिए उनको अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास में मदद मिलती है। कुछ विधायकों ने अपने क्षेत्र से संबंधित मामलों को उठाया। मुख्यमंत्री ने इन सभी मामलों को सकारात्मक तरीके से देखने की बात कही।