पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Patna
  • CM Spoke To PM Nepal Is Putting Obstacles In Repair Of Dams; Bihar Losses Due To Farakka Barrage, Consider Utility

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बिहार:पीएम से बोले सीएम- बांधों की मरम्मत में अड़ंगा डाल रहा नेपाल; फरक्का बराज से बिहार को घाटा, उपयोगिता पर करें विचार

पटना5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पीएम ने बिहार समेत छह राज्यों के सीएम के साथ बाढ़ के हालात की समीक्षा की

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में हर साल नेपाल में होने वाली बारिश की वजह से बाढ़ आती है। फिर भी पिछले कई वर्षों से बांधों की मरम्मत में नेपाल सहयोग नहीं कर रहा है। मुख्यमंत्री बिहार में बाढ़ से उत्पन्न स्थिति की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे रहे थे। प्रधानमंत्री ने सोमवार को 6 राज्यों में बाढ़ की स्थिति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने उनसे फरक्का बराज की उपयोगिता पर विचार करने, कोसी_मेची नदी को नदी जोड़ो परियोजना में शामिल करने की मांग की। कहा-बिहार कोविड-19 के साथ बाढ़ का भी सामना कर रहा है। 16 जिलों में 74.20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इससे निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह से अलर्ट हैं। वहीं मोदी ने कहा कि आपदा से निपटने में सभी केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए। चेतावनी प्रणाली में सुधार के लिए नई टेक्नोलॉजी का व्यापक इस्तेमाल करना होगा।

जीआर के लिए एक बार में 25% रकम खर्च की बाध्यता खत्म करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रेच्युट्स रिलीफ (जीआर) पर एक बार में 25 प्रतिशत रकम खर्च करने की सीमा निर्धारित कर दी गई है। इसे भी समाप्त किया जाना चाहिए। ताकि आपदाओं की वजह से हर वर्ष राज्य के खजाने पर पड़ने वाले बोझ को कम किया जा सके। हमें ग्रेच्युट्स रिलीफ के रूप में काफी धन खर्च करना पड़ता है। इसके अलावा बांधों की मरम्मत और किसानों को राहत देने पर भी बड़े पैमाने पर धन खर्च होता है। पीएम को याद दिलाया कि उनसे वर्ष 2018 में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इस वर्ष अब तक 6 लाख प्रभावित परिवारों जीआर के रूप में 378 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

फरक्का के कारण अपने ही पानी का इस्तेमाल नहीं कर पा रहा बिहार
सीएम ने कहा कि गंगा के कारण वर्ष 2016 में 13 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए थे। फरक्का बराज से जल निकासी में अब ज्यादा समय लग जाता है। इससे गंगा का पानी ज्यादा दिनों तक ज्यादा क्षेत्रों में फैला रहता है। फरक्का की उपयोगिता पर भी विचार करने की जरूरत है। बांग्लादेश से समझौते की वजह से फरक्का पर गंगा का जलस्राव 1500 क्यूमेक हर हाल में बरकरार रखना करना पड़ता है। जबकि गंगा में बिहार में प्रवेश करते समय सिर्फ 400 क्यूमेक पानी होता है। शेष 1100 क्यूमेक पानी गंगा में बिहार की नदियों से जाता है। लेकिन हम अपने पानी का इस्तेमाल नहीं कर पाते।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- व्यस्तता के बावजूद आप अपने घर परिवार की खुशियों के लिए भी समय निकालेंगे। घर की देखरेख से संबंधित कुछ गतिविधियां होंगी। इस समय अपनी कार्य क्षमता पर पूर्ण विश्वास रखकर अपनी योजनाओं को कार्य रूप...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser