पटना में कन्हैया कुमार का विरोध:'अग्निपथ' पर सत्याग्रह कर रहे थे, युवाओं ने नारेबाजी की, देशद्रोही बताया; मारपीट

पटना3 महीने पहले

पटना में अग्निपथ योजना पर सत्याग्रह कर रहे कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को विरोध का सामना करना पड़ा। युवाओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी और देशद्रोही बताया। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नारेबाजी कर रहे युवाओं के बीच मारपीट भी हुई।

असल में कन्हैया कुमार जिस समय भाषण दे रहे थे, उसी दौरान एक युवक उनका विरोध करने लगा। उनके खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद बाकी युवा भी उग्र हो गए और नारेबाजी करने लगे।

युवाओं का कहना था कि वो देश के खिलाफ बातें करते हैं। इसलिए वो उनका विरोध कर रहे हैं। इसके बाद कन्हैया कुमार ने भाषण खत्म किया और उन्हें सिक्योरिटी में वहां से निकाला गया।

बता दें कि सेना में बहाली के लिए केंद्र सरकार की 'अग्निपथ' योजना के विरोध में कांग्रेस सोमवार को बिहार के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सत्याग्रह कर रही है। पार्टी के चर्चित युवा नेता कन्हैया कुमार भी सत्याग्रह पर हैं।

वो आज दोपहर 12 बजे पटना सिटी के चौक शिकारपुर पहुंचे, जहां आयोजित धरने में भाग लिया। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा समेत कई नेता शामिल हैं।

कन्हैया कुमार ने कहा कि अग्निपथ योजना बिहार के युवाओं पर भारी पड़ेगी। सेना की नौकरी करना हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने लोगों से पूछा, क्या सेना को ठेका के हवाले कर दिया जाना चाहिए?

धरने पर कन्हैया।
धरने पर कन्हैया।

वहीं मदन मोहन झा ने यहां कहा कि लोगों को लड़ाने का काम हो रहा है। अग्निपथ युवा विरोधी योजना है। केंद्र सरकार को जल्द से जल्द इसे वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से लंबी पूछताछ के बावजूद हमारे नेता-कार्यकर्ता उग्र नहीं हुए। लेकिन अग्निपथ योजना को देखने के बाद देशभर के नौजवान उग्र हुए।

कांग्रेस मुख्य विरोधी दल है। कांग्रेस का दायित्व है कि केंद्र को बताए, वह गलत योजना वापस ले। इसमें केंद्र सरकार अब तक दो-तीन बार संशोधन कर चुकी है। इस योजना को भी किसान बिल की तरह सरकार को वापस लेना ही होगा।

'अग्निपथ' के विरोध में कन्हैया बोले:'वन रैंक, वन पेंशन' की बात कहकर 'नो रैंक, नो पेंशन, वनली टेंशन' कर दिया

'वन रैंक, वन पेंशन' पर कन्हैया ने किया था अटैक

कन्हैया कुमार ने रविवार को पटना में कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार की खूब आलोचना की थी। कहा कि 'वन रैंक, वन पेंशन' की बात करने वालों ने 'नो रैंक, नो पेंशन, वनली टेंशन' कर दिया है।

इससे युवाओं में काफी आक्रोश है। आक्रोश के बीच नरेन्द्र मोदी एक बार भी युवाओं को संबोधित करने नहीं आए और सेनाध्यक्षों को आगे कर दिया।

कांग्रेस विधायक को सौंपी गई सत्याग्रह की कमान

इस सत्याग्रह कार्यक्रम की जवाबदेही अलग-अलग विधान सभा क्षेत्रों में अलग- अलग नेताओं को दी गई है। जिन विधान सभा क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक हैं, वहां की बागडोर वहां के कांग्रेस विधायक को सौंपी गई है।

पटना साहिब की जवाबदेही प्रवीण कुशवाहा, फुलवारी की शरबत जहां फातिमा, दीघा की निधि पांडेय, बांकीपुर की सुनीता साक्षी, कुम्हरार की सुधा मिश्रा, फतुहा की शिशिर साह, दानापुर की जया मिश्रा, मनेर की शीला कुशवाहा, मसौढ़ी की नाकिब एकता, पालिगंज की डॉ. अशोक गगन, विक्रम की सिदार्थ सौरभ, संदेश की आशित नाथ तिवारी और आरा की रीता सिंह को दी गई है।