• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Patna
  • Congress's Support In Opposition Unity; No Other Leader's Name Accepted On Prime Minister's Candidature

लालू की फिसली जुबान बोले- 2065 में मोदी की विदाई:नीतीश ने सुधारा कहा- 2024 में होगी; सोनिया गांधी से मिलकर लौटे थे दोनों

पटना4 महीने पहलेलेखक: बृजम पांडेय
सूत्रों की मानें तो सोनिया गांधी ने बड़ी ही चालाकी से बिहार के दोनों नेताओं को मना कर दिया कि अभी कांग्रेस में संगठन का चुनाव चल रहा है।

सोनिया से मुलाकात के बाद नीतीश और लालू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान लालू की जुबान फिसल गई। उन्होंने कहा कि हम सब एक हैं। सोनिया जी से हमने आग्रह किया आप सबसे बड़ी पार्टी हैं। आप सबको बुलाइए। इकट्ठा होकर हम सब बात करें। और इनको विदा करें 2064 में 2065 में। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके बयान को सही किया और कहा कि 2024 में।

विपक्षी एकता को मजबूत करने निकले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद यह काफी उम्मीद थी कि कांग्रेस की तरफ से बात बन जाएगी। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हो पाया। लालू यादव और नीतीश कुमार सोनिया गांधी से मिले तो जरूर लेकिन, बात बन नहीं पाई।

वजह साफ है कि जिस विपक्षी एकता में कांग्रेस की जरूरत नीतीश कुमार बता रहे हैं। उसमें कांग्रेस तो रहना चाहती है लेकिन, प्रधानमंत्री के उम्मीदवार पर दूसरे नेता के नाम को स्वीकार नहीं करना चाहती। यही वजह है कि रविवार को सोनिया गांधी से मुलाकात जरूर हुई लेकिन, सोनिया गांधी ने ना तो हां कहा और ना ही ना कहा।

सूत्रों की माने तो सोनिया गांधी ने बड़ी ही चालाकी से बिहार के दोनों नेताओं को मना कर दिया कि अभी कांग्रेस में संगठन का चुनाव चल रहा है। 10 से 12 दिन लगेंगे कांग्रेस के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में, ऐसे में जो भी बातें फाइनल होगी वह नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के बनने के बाद ही होगी। तबतक मुहिम को जारी रखने की बात सोनिया गांधी की तरफ से की गई है।

सोनिया गांधी ने लालू यादव और नीतीश कुमार से दूसरे राज्यों के प्रमुख नेताओं को विपक्षी एकता में कांग्रेस के शामिल करने का टास्क भी दे दिया। दरअसल, अभी तक ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, केसीआर जैसे नेताओं ने कांग्रेस के साथ अपने गठबंधन को आगे ले जाने पर सहमति नहीं दी है।

हालांकि, नीतीश कुमार और ममता बनर्जी की अब तक मुलाकात नहीं हो पाई है। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात तो की लेकिन, अपनी सहमति नहीं दी है। अब सोनिया गांधी ऐसे तमाम नेताओं को कांग्रेस के नाम पर राजी करने का करने की जिम्मेदारी नीतीश कुमार और लालू यादव को दे दी हैं।

सोनिया गांधी से मिलकर जब बाहर निकले लालू-नीतीश।
सोनिया गांधी से मिलकर जब बाहर निकले लालू-नीतीश।

भाजपा को हटाना है देश को बचाना है

नीतीश कुमार और लालू यादव सोनिया गांधी से मिलकर जब बाहर निकले तो उन्होंने मीडिया के सामने खुशी जरूर जाहिर की। यहां तक कि दोनों के चेहरे पर मुस्कान भी थी। लेकिन, उन्होंने स्पष्ट यह नहीं बताया कि सोनिया गांधी ने क्या कुछ कहा बस इतना कहा कि हम दोनों का विचार एक है। भाजपा को हटाना है देश को बचाना है।

वही, रविवार को दोपहर में हरियाणा के फतेहाबाद में ओम प्रकाश चौटाला ने महारैली का आयोजन किया गया था। जिसमें सभी विपक्षी नेताओं को बुलाया गया था। जिसमें ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, केसीआर जैसे प्रमुख नेता नहीं पहुंचे थे। माना जा रहा था कि यह महारैली विपक्षी एकता के लिए लिटमस टेस्ट होगा। लेकिन इस पहले टेस्ट में ही विपक्षी एकता बिखरी हुई नजर आई।

सोनिया से 45 मिनट हुई लालू-नीतीश की बात:नए कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के बाद फिर होगी मुलाकात; लालू बोले- BJP को हटाना है

2024 के लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद के साथ कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी से रविवार को मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार लगभग 45 मिनट तक इन तीनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। सोनिया गांधी ने लालू प्रसाद और नीतीश कुमार से कहा कि कांग्रेस के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है। इसके बाद आप दोनों उनके साथ भी मीटिंग कीजिएगा। इस पर लालू प्रसाद ने सोनिया गांधी से कहा कि कांग्रेस का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष कोई भी बने लेकिन आपको भी मीटिंग में रहना होगा। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

खबरें और भी हैं...