प्रमाण-पत्र नहीं, डॉक्टर के पर्चे पर लगेगी प्रिकॉशन डोज:60 प्लस वालों के लिए वैक्सीन की दूसरी डोज के 90 दिन बाद खुलेगा कोविन पोर्टल

पटना9 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

60 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले और वैक्सीन की दूसरी डोज के बाद 90 दिन पूरा करने वालों के लिए सरकार ने प्रिकॉशन डोज की व्यवस्था की है। इस डोज को ऐसे लोगों को दिया जाएगा, जो बीमार होंगे और कोरोना से उन्हें सामान्य लोगों की अपेक्षा अधिक खतरा होगा। इसके लिए बीमारी का कोई प्रमाण-पत्र नहीं देना होगा, जिस डॉक्टर से दवा चल रही है, उसी के पर्चे पर वैक्सीनेशन के लिए लिखवाना होगा। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव प्रशांत भूषण ने देश के सभी राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्देश दिया है।

बूस्टर नहीं प्रिकॉशन डोज की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्रिकॉशन डोज की तैयारी युद्ध स्तर पर की जा रही है। देश में 10 जनवरी से एक साथ पात्र लोगों को यह वैक्सीन दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इसे बूस्टर नहीं बल्कि प्रिकॉशन डोज की तरह लगाया जाएगा। इससे कोरोना के संक्रमण का खतरा ऐसे लोगों में काफी कम होगा जो बीमार हैं। मंगलवार को हुई बैठक में इसकी पूरी तैयारी की गई है, जिससे बीमार लोगों को वैक्सीन दे दी जाए।

10 जनवरी से काेविन पोर्टल पर होगा रजिस्ट्रेशन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का निर्देश है कि जिन लोगों को कोरोना के वैक्सीन की प्रिकॉशन डोज दी जानी है, उनके लिए भी रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है। ऐसे लोगों के लिए कोविन पोर्टल को अपडेट किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 10 जनवरी से प्रिकॉशन डोज का शुभारंभ होगा और इसी दिन कोविन पोर्टल पर इस सेक्शन को जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें बच्चों के साथ प्रिकॉशन डोज को लेकर ट्रेनिंग शामिल है।

90 दिन पूरे नहीं हुए तो नहीं लगेगी प्रिकॉशन डोज

60 साल की उम्र पूरी करने के बाद भी गंभीर रूप से बीमार हैं तो उन्हें तब तक वैक्सीन नहीं दी जाएगी, जब तक कि वह वैक्सीन की दूसरी डोज के बाद 90 दिन का समय पूरा नहीं कर चुके होंगे। कार्ड और नाम इंट्री करने के बाद भी वैक्सीनेशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। साॅफ्टवेयर काम ही नहीं करेगा, जब तक सेकंड डोज लेने का 90 दिन पूरा नहीं हो जाता है। ट्रेनिंग के बाद अब राज्य स्तर पर मंथन होगा फिर वैक्सीनेटरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रिकॉशन डोज उन्हें दे दिया जाएगा जो किसी भी सरकारी या प्राइवेट डॉक्टर जहां से दवा चल रही है, उनका अनुमति पत्र दे दे।

फ्रंटलाइन के साथ हेल्थ वर्करों को लेकर भी तैयारी

प्रिकॉशन डोज को लेकर फ्रंटलाइन वर्कर और हेल्थ वर्करों के साथ 60 साल पूरा करने वाले तथा वैक्सीन की सेकंड डोज लेने के 90 दिन पूरा करने वालाें के लिए नया निर्देश है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि तैयारी चल रही है। प्रशिक्षण का काम बहुत जल्द शुरू हो जाएगा। प्रशिक्षण पटना में हेल्थ वर्करों के साथ फ्रंटलाइन वर्करों को प्रिकॉशन डोज के लिए डाटा तैयार किया जा रहा है। पटना में फ्रंटलाइन वर्करों की संख्या 1.30 लाख है। यह डोज सभी वैक्सीनेंशन सेंटर पर दी जाएगी। इसके लिए भी तैयारी पूरी की जा रही है। 10 जनवरी से पहले वैक्सीनेटरों को पूरी तरह से ट्रेंड कर दिया जाएगा।

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