20 लाख में बेटी को मरवाना चाहते थे पूर्व विधायक:दूसरी जाति के लड़के से बेटी ने की लव मैरिज, इसलिए गुस्से में हैं सुरेंद्र शर्मा

पटना5 महीने पहले

बेटी की हत्या की सुपारी देने के मामले में पटना पुलिस ने मढ़ौरा के पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वह दूसरी जाति के लड़के से शादी करने से नाराज थे। पुलिस ने उनके साथ पुलिस ने कुख्यात शूटर अभिषेक सिंह उर्फ छोटे सरकार को भी गिरफ्तार किया है। साथ में इसके भाई राहुल कुमार को भी पकड़ा है।

हत्या और रंगदारी के 13 केस दर्ज होने के बाद शूटर छोटे सरकार पुलिस के लिए वांटेड था। यह पहला मौका है, जब यह पुलिस की गिरफ्त में आया है। शर्मा ने बेटी को मारने के लिए इसको ही 20 लाख रुपए दिए थे। बिहटा के रहने वाले लालकिला नाम के शख्स के माध्यम से मिला था।

पूर्व विधायक और उसके साथ ज्ञानेश्वर को पटना पुलिस ने छपरा के टाउन थाना इलाके में स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया है। बता दें, इसी कुख्यात ने अपने भाई के साथ 26 मई की शाम पटना के पत्रकार नगर थाना के तहत काली मंदिर रोड में ऑफिस से घर जा रहे भाजपा के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के दो भाइयो शंभू सिंह और गौतम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह शूटर पांडव गिरोह का एक्टिव मेंबर है और फरार चल रहे गिरोह के सरगना संजय सिंह का खास है।

दूसरी जाति में शादी करने से गुस्से में था पूर्व विधायक

पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा की बेटी पटना में रहने वाले दूसरी जाति के एक युवक से प्यार करती थी। पिछले साल ही उसने प्रेमी से शादी कर ली थी। पटना के बोरिंग रोड इलाके में वो अपने पति के साथ रह रही है। रविवार को पटना के सिटी एसपी ईस्ट प्रमोद कुमार यादव ने बताया, 'पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा की बेटी का बोरिंग रोड में एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान है। 1 जुलाई की रात वहीं पर अपराधियों ने उनके ऊपर हमला किया था। उन्हें मारने की कोशिश हुई थी, पर वह सफल नहीं हो पाए। जब पुलिस को जानकारी हुई तो एसके पुरी थाने में केस दर्ज कर छानबीन हुई।

अपराधी बोरिंग रोड से बाइपास की तरफ बाइक से भागे थे। इसी क्रम में घेराबंदी कर बाइपास इलाके से अपराधियों को पकड़ा गया। वो कोई और नहीं, बल्कि कुख्यात अभिषेक सिंह उर्फ छोटे सरकार और इसका भाई राहुल था। रामकृष्णा नगर में किराए पर घर ले रखा था। वहीं रहकर ये दोनों सुपारी लेने के बाद अपने टारगेट को अंजाम देते थे। जब दोनों पकड़े गए और पूछताछ हुई तो चितरंजन शर्मा के दोनों भाइयों की हत्या से लेकर उनके रिश्तेदार की हुई हत्या से लेकर कई मामलों का खुलासा किया। साथ ही पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा के दिए सुपारी का भी खुलासा किया।'

पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा (बीच में)।
पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा (बीच में)।

कनपट्‌टी पर गोली मारने के बाद करता है कन्फर्म

छोटे सरकार के बारे में बताया जाता है कि जब यह हत्या करने जाता है तो अपने टारगेट को पूरा करने के बाद सामने वाले शख्स को आखिरी गोली ये उसकी कनपट्‌टी पर मारता है। इसके लिए वो पिस्टल का इस्तेमाल करता है। कनपट्‌टी पर गोली मारने के बाद वो कन्फर्म करता है कि जिसे उसने गोली मारी, उसकी मौत हुई या नहीं। बीच रोड पर पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के दोनों भाइयों की हत्या इसने ऐसे ही की थी। इसी तरह इसने इसी साल 26 अप्रैल को जहानाबाद में चितरंजन शर्मा के चाचा अभिराम शर्मा और मसौढ़ी में उनके भतीजे दिनेश शर्मा की गोली मारकर हत्या की गई थी।

इसी प्रकार 26 मई को तारेगना स्टेशन के पास सुधीर कुमार की हत्या की थी। छोटे सरकार ने पटना के पश्चिमी इलाके नौबतपुर, बिहटा, रानी तालाब थाना क्षेत्रों में आतंक मचा रखा था। पुलिस से बचने के लिए इसने कई बार झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल को अपना ठिकाना बनाया। पुलिस ने इसके पास से एक पिस्टल, एक मैगजिन 7 गोली के साथ ही उन कपड़ों को बरामद किया, जिसे पहनकर इसने शंभू और गौतम सिंह की हत्या की थी।

15 साल जेल में रह चुका है पूर्व विधायक

पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा का सारण जिला में लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। हत्या, रंगदारी, अपहरण, अपहरण के लिए फिरौती और डकैती के कई कांड में पूर्व विधायक का नाम सामने आया है। हत्या के एक मामले में शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें आजीवन कारावास की सजा मिली थी। करीब 15 साल जेल में रहने के बाद पूर्व विधायक जेल से बाहर निकले ही थे। सिटी एसपी ईस्ट के अनुसार, छोटे सरकार को यह सुपारी चितरंजन शर्मा के भाइयों की हत्या से पहले मिली थी।

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