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राज्य में फसल क्षति के नुकसान का अनुमान:30 जिलों में बाढ़ व अधिक बारिश से फसलों का नुकसान; ‌‌7.84 लाख हेक्टेयर में 970 करोड़ रुपए की फसल क्षति

पटना20 दिन पहले
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6.45 लाख हेक्टेयर में फसल क्षति का आकलन है। - Dainik Bhaskar
6.45 लाख हेक्टेयर में फसल क्षति का आकलन है।

राज्य के किसानों को बाढ़ और बारिश से लगभग 970 करोड़ की फसल क्षति हुई है। इसमें परती रह गए खेतों में भी फसल नुकसान का आकलन शामिल है। बाढ़ और फसल क्षति के लिए अंतिम आकलन दो दिनों में पूरा होगा। इसके बाद किसानों से फसल क्षति के लिए ऑनलाइन आवेदन लिया जाएगा।

सिंचिंत क्षेत्र के लिए एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर में फसल क्षति पर 27 हजार की राशि मिलेगी। असिंचित क्षेत्र में लगे फसलों और परती रह गए खेत के लिए प्रति हेक्टेयर 6800 रुपए की दर से अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए 13600 रुपए मुआवजा मिलेगा।

एक वर्षीय फसल के लिए 18 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए 36 हजार रुपए मुआवजा दी जाएगी। पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर सहित उत्तर और मध्य बिहार के 30 जिलों के 258 प्रखंडों की 3125 पंचायतों में 875 करोड़ की फसल क्षति हुई है।

6.45 लाख हेक्टेयर में फसल क्षति का आकलन है। बाढ़ के कारण 17 जिलों के 151 प्रखंडों की 2138 पंचायतों में 1.39 लाख हेक्टेयर में किसान फसल नहीं लगा सके, इस कारण यह परती जमीन रह गई। फसल क्षति और परती रह गए खेतों के लिए किसानों को सरकार सहायता (इनपुट अनुदान) राशि देगी।

सबसे अधिक सहरसा में 29 करोड़ की क्षति
16 जिलों के 102 प्रखंडों के 1369 पंचायतों में फसल क्षति की रिपोर्ट है। 68629 हेक्टेयर सिंचित और 1426 हेक्टेयर असिंचित कृषि क्षेत्रों में फसल की क्षति हुई है। सबसे अधिक सहरसा में 29 करोड़ की फसल क्षति हुई है। पटना के 276 पंचायत, भोजपुर 16, बक्सर 2, अरवल 2, पश्चिम चंपारण 3, वैशाली 125, दरभंगा 248, मधुबनी 73, शेखपुरा 56, लखीसराय 21, खगड़िया 16, सहरसा 128, मधेपुरा 21, पूर्णिया 88, अररिया 107 और कटिहार 183 पंचायतों में फसल क्षति की रिपोर्ट है।

मुआवजा भी जल्द
मई के अंतिम सप्ताह में आए यास तूफान ने बिहार में 16 जिलों के 73 हजार हेक्टेयर में 99.07 करोड़ की फसल क्षति के लिए 8 लाख किसानों ने आवेदन दिया था। विभिन्न स्तर पर अधिकारियों द्वारा कर मुख्यालय को जांच रिपोर्ट भेजी जाने लगी है। इस माह से ही किसानों को फसल क्षति का मुआवजा मिलने लगेगा। किसानों को फसल क्षति के लिए इनपुट अनुदान देने की आपदा प्रबंधन विभाग ने राशि की स्वीकृति पहले ही दे दी थी।

डीबीटी के माध्यम से किसानों के बैंक खाता में आएगी राशि
सिंचित क्षेत्र में फसल क्षति पर किसानों को 13500 रुपए प्रति हेक्टेयर इनपुट अनुदान का प्रावधान है। जबकि असिंचित क्षेत्र के लिए 6800 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से राशि दी जाती है। एक वर्षीय फसल आम, केला आदि प्रीनियल क्रॉप के लिए प्रति हेक्टेयर 18 हजार रुपए इनपुट अनुदान का प्रावधान है। एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए फसल क्षति के लिए मुआवजा का प्रावधान है। मुआवजा की राशि प्रभावित किसानों को डीबीटी के माध्यम से बैंक खाता में भेजी जाती है।

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