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भड़का गुस्सा:अतिक्रमण हटाने के विराेध पर लाठीचार्ज में घायल युवक की मौत, सड़क पर शव रख ठप किया आवागमन; 7 घंटे सड़क जाम, स्कूल बसें और एंबुलेंस भी फंसी रहीं

पटना15 दिन पहले
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माैत के बाद मृतक के शव के साथ राेते-बिलखते परिजन। - Dainik Bhaskar
माैत के बाद मृतक के शव के साथ राेते-बिलखते परिजन।

मलाही पकड़ी में मंगलवार काे मेट्राे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के दाैरान लाठीचार्ज में सिर में गंभीर चोट लगने से घायल युवक राजेश ठाकुर की मौत देर रात हो गई। वह चाय चाय दुकानदार था। इससे आक्रोशित लाेगाें ने बुधवार की सुबह करीब सात बजे शव को मलाही पकड़ी चौराहे के पास रख आवागमन को बाधित कर दिया।

सात घंटे तक सड़क जाम रही। आक्रोशित लोगों ने पुलिस के बैरिकेड से पूरी सड़क को ब्लॉक कर दिया। जाम का असर मलाही पकड़ी से बाइपास और राजेंद्रनगर टर्मिनल व हनुमान नगर तक देखने को मिला। स्कूली बस और एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही। कुछ परीक्षार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

आक्रोशित लोगों ने बैरिकेट को भी आग के हवाले कर दिया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मंगाना पड़ा। पत्रकारनगर के साथ ही जक्कनपुर, कंकड़बाग, रामकृष्णानगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। एएसपी सदर संदीप सिंह प्रदर्शनकारियों को समझाते रहे।

आखिरकार प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच 5 लाख के मुआवजे पर सहमति बनी और तत्काल जिला प्रशासन की तरफ से 20 हजार रुपए दिए गए। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और दोपहर दो बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

  • पुलिस बैरिकेड काे जलाया, मलाही पकड़ी से बाइपास तक रहा जाम

स्थानीय अस्पताल में कराया इलाज, दिन भर घर का सामान ढोता रहा, देर रात हो गई मौत
लाठीचार्ज में आधा दर्जन से अधिक महिला, पुरुष और बच्चे घायल हुए थे। राजेश ठाकुर के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट आई थी। वह स्थानीय डॉक्टर से इलाज के बाद वापस मलाही पकड़ी आ गया और दिनभर बच्चों और पत्नी के साथ अपना सामान समेटता रहा।

देर रात खाना खाकर सो गया। सुबह घर वाले उठे तो देखा कि राजेश की मौत हो चुकी है। राजेश के पड़ोसी दिनेश ने कहा कि डॉक्टर ने बेहतर इलाज कराने की बात कही थी। राजेश बुधवार को पीएमसीएच जाने वाले थे।

बार-बार बेहाेश हाे जा रही थी पत्नी
राजेश लखीसराय का रहने वाला था। वह झोपड़पट्टी में अपनी मां, पत्नी, दो बेटा और एक बेटी के साथ रहता था। घटना से पूरा परिवार टूट गया। राजेश की पत्नी बार-बार बेहोश हो जा रही थी। प्रदर्शन में स्थानीय लोगों के साथ माले, सीपीआई और एक्टू के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल थे।

माले विधायक महबूब आलम घंटों धरने पर बैठे रहे। वे पीड़ित परिवार को 10 लाख का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे थे। विधायक ने कहा कि पुलिस ने चाय दुकानदार की हत्या की है।

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