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एसएलबीसी की बैठक:उपमुख्यमंत्री ने कहा- अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए कृषि क्षेत्र सुदृढ़ होना जरूरी, किसानों को केसीसी दें बैंक

पटना12 दिन पहले
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उपमुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद - Dainik Bhaskar
उपमुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद

राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए कृषि और इससे संबंधित क्षेत्रों का सुदृढ़ीकरण जरूरी है। अधिक-से-अधिक किसानों को केसीसी योजना से जोड़ने करने के लिए राज्य में 15 फरवरी तक अभियान चलाया जा रहा है। इससे बैंकों को गंभीरता से लेना चाहिए। मछली और मुर्गीपालन करने वाले किसानों को केसीसी देने के लिए बैंक आगे नहीं आ रहे हैं, यह चिंता का विषय है।

यह बातें उपमुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने 79वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक की अध्यक्षता वर्चुअल माध्यम से करते हुए कही। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के दूसरी तिमाही यानी सितंबर 2021 के अंत में राज्य का साख-जमा (सीडी) अनुपात 47.71 फीसदी रहा है, जो कि पिछले 14 वर्षों का अधिकतम सीडी अनुपात है।

कार्यों की हुई समीक्षा : एसीपी के लक्ष्य का 44.74 फीसदी लोन बैंकों ने बांटे

वित्तीय वर्ष 2021-22 की द्वितीय तिमाही तक किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। बैंकों द्वारा 72261 करोड़ लोन बांटे गए हैं, जो वार्षिक लक्ष्य का 44.74 फीसदी है। बैठक में मंत्री शाहनवाज हुसैन, मुकेश सहनी, श्रवण कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस. सिद्धार्थ, केंद्रीय संयुक्त सचिव भूषण कुमार सिन्हा, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक संजीव दयाल, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. सुनील कुमार और एसबीआई के सीजीएम सुरेंद्र राणा मौजूद थे।

पिछले एक वर्ष में राज्य में खुले बैंकों के 42 शाखाएं, 56 एटीएम, 8197 ग्राहक सेवा केंद्र

राज्य में 30 सितम्बर 2021 तक सदस्य बैंकों की 7662 शाखाएं, 6602 एटीएम और 29994 ग्राहक सेवा केंद्र कार्यरत हैं। राज्य में ऋण लेकर नहीं लौटाने वाले लोगों की संख्या भी काफी है। चालू वित्तीय वर्ष के दूसरी तिमाही तक राज्य में बैंकों का कुल नन परफार्मिंग असेट्स (एनपीए) 19573 करोड़ था जो उनके कुल ऋण का 11.0% है। एसएलबीसी के अनुसार बैंकों ने चालू वित्तीय वर्ष में सितम्बर तक 239 करोड़ ऋण बट्टे खाते में डाले हैं।

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