थाना पर छोड़ दिया गया चुनाव की सुरक्षा का जिम्मा:धनरुआ कांड से चुनाव की तैयारियों पर सवाल, हमला हुआ तो फोर्स की पड़ गई कमी

पटनाएक महीने पहले
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थाना की पुलिस पर हमला हुआ तो फोर्स की कमी का दंश बिहार पुलिस पर बड़ा दाग लगा दिया है। - Dainik Bhaskar
थाना की पुलिस पर हमला हुआ तो फोर्स की कमी का दंश बिहार पुलिस पर बड़ा दाग लगा दिया है।

पंचायत चुनाव में सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों की पोल खुल गई है। मजिस्ट्रेट से लेकर अफसरों करी पूरी फौज की तैनाती का दावा धनरुआ में कागजी दिखा है। सुरक्षा की जिम्मा थाना की पुलिस पर छोड़ दिया गया था। जब थाना की पुलिस पर हमला हुआ तो फोर्स की कमी का दंश बिहार पुलिस पर बड़ा दाग लगा दिया है। पंचायत चुनाव में संघर्ष की यह सबसे बड़ी घटना है जिससे सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। सवाल यह है कि घटना के समय क्षेत्र के लिए तैनात मजिस्ट्रेट की टीम कहां ड्यूटी कर रही थी।

शस्त्र को लेकर पुलिस के बड़े बड़े दावों की हकीकत

बिहार पुलिस मुख्यालय के अवैध और लाइसेंसी शस्त्र को लेकर बड़े बड़े दावे किए गए हैं। हर चुनाव के पूर्व लाइसेंसी शस्त्राें के सत्यापन से लेकर अवैध हथियारों की बरामदगी के दावे किए जाते रहे हैं। अब सवाल यह है कि जब अवैध हथियारों की बरामदगी हुई और लाइसेंसी का सत्यापन भी करा लिया गया तो फायरिंग करने वालों के पास हथियार कहां से आ गए।

पटना में पुलिस टीम पर हमला

पुलिस की संख्या पर भारी पड़े उपद्रवी

जिला प्रशासन का कहना है कि धनरूआ प्रखंड के मोरियावां पंचायत के मुखिया प्रत्याशी सुरेंद्र साह द्वारा चुनाव प्रचार के समय की समाप्ति के बाद भी प्रचार किया जा रहा था। दावा किया जा रहा है कि प्रशासन द्वारा रोके जाने पर भी उल्लंघन किया जाता रहा था। अगर ऐसा था तो प्रशासन की तरफ से क्या कार्रवाई की गई यह भी बड़ा सवाल है। प्रशासन का कहना है कि इस सूचना पर स्थानीय थाना की टीम के जाने पर काफी जमावड़ा पाया गया और लोगों ने टीम पर ही हमला कर दिया। इस घटना में पुलिस इंस्पेक्टर घायल हो गए और थाना प्रभारी को भी चोट आई है। चुनाव के लिए तैनात किए गए अफसरों और पुलिस बल कहां थी? यह बड़ा सवाल है। थाना की पुलिस के जिम्मे पूरे क्षेत्र का जिम्मा होता है और घटना के समय पुलिस की संख्या भी काफी कम थी। पुलिस की संख्या कम होने के कारण ही दबंगों ने हमला कर दिया और इतनी बड़ी घटना हो गई।

पंचायत चुनाव में में लगा दाग

प्रशासन का कहना है कि धनरूआ प्रखंड के मोरियावां पंचायत में दोनों तरफ से फायरिंग हुई है। इस घटना में 20 साल के एक युवक की मौत हुई है। कई अन्य पब्लिक के लोग घायल हुए हैं। अब पटना के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने घटना को दुखद बताया है तथा जांच टीम गठित कर दी है। जांच के बाद दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी साथ ही पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का भी दावा किया जा रहा है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव है। चुनाव को लेकर अब लोगों में काफी आक्रोश है। हालांकि डीएम का दावा है कि हर हाल में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने की प्रतिबद्धता है। इसके लिए लोगों से भी सहयोग की अपील की जा रही है। घटना के बाद माहौल पूरी तरह से खौफ वाला है। गांव पुलिस छावनी में बदल गया है और लोगों में काफी डर है। पुलिस को अपना इकबाल कायम करने को लेकर क्षेत्र में काम करना होगा।