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योजना:ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही ई-संजीवनी टेलीमेडीसिन सुविधा, 16323 से अधिक को लाभ

हाजीपुर24 दिन पहले
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  • बीते कोरोना काल में ऑनलाइन माध्यम से सुदूर बैठे लोगों को चिकित्सकीय परामर्श-इलाज की संकल्पना के तहत एप को धरातल पर उतारा

बीते कोरोना काल में ऑनलाइन माध्यम से सुदूर बैठे लोगों को चिकित्सकीय परामर्श-इलाज की संकल्पना ई-संजीवनी एप ने धरातल पर उतारा। स्टे होम ओपीडी का वह प्रयोग सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के जागरूक लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। अब तक जिले के 16 हजार से ज्यादा लोग राज्य के सुप्रसिद्ध सरकारी चिकित्सकों से चिकित्सकीय परामर्श व इलाज का लाभ उठाया है। जिले में लगभग 11 माह पूर्व टेलीमेडिसीन योजना की प्रारंभ की गई थी।
अब सभी प्रखंडों को जोड़ा गया
टेलीमेडिसीन से ग्रामीण क्षेत्रों के बीमार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की ओर से इस योजना को 21 फरवरी 2021 को शुरु किया गया था। प्रथम फेज में जिले के पांच प्रखंडों को इस योजना से जोड़ा गया था, जिसमें लालगंज, सहदेई बुजुर्ग और महनार में 43 स्पॉक बनाए गए थे। टेलीमेडिसीन योजना से संजीवनी एप के माध्यम से लोगों को मिले सुविधा से उत्साहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसे विस्तारित कर लगभग जिले के सभी प्रखंडों में सुविधा शुरु कर दी गई है।

ऑनलाइन मिलती है प्रत्येक दिन सुविधा
संजीवन एप से जुड़े टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग प्रत्येक दिन सुविधा ले सकते हैं। प्रथम फेज में यह सुविधा सिर्फ तीन प्रखंडों में साेमवार, गुरुवार और शनिवार को दी जाती थी, लेकिन अब यह सुविधा सप्ताह के सभी दिन उपलब्ध कराया जाता है। इसके माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध चिकित्सक समेत एमएमस में प्रतिनियुक्त से मरीज ऑनलाइन दिखा सकते हैं।

सामान्य मरीज भी सेवा ले सकते हैं
^टेलीमेडिसिन खास कर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए इस कोरोना समय में बेहतर साबित हो रही है। वैसे मरीज जो घर से नहीं निकल सकते या आम मरीज भी इसका सेवा ले सकते हैं। अबतक एएनएम द्वारा 16149 लोगों को सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।
सचीत कुमार, प्रभारी जिला योजना समन्वयक

स्वयं भी ऑनलाइन चिकित्सक से ले सकते हैं परामर्श
संजीवनी एप के माध्यम से मरीज या उनके परिजन स्वयं भी टेलीमेडिसिन की सुविधा ले सकते हंै। इसके लिए उन्हें एनएनएम या अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ मोबाइल के गुगल प्ले स्टोर में जाकर esanjeevaniOPD-National Teleconsultation Service डाउनलोड करना होगा। आगे की प्रक्रिया करते हुए ओपीडी सेवा प्रत्येक मंगलवार, बुधवार एवं शुक्रवार को मरीज या परिजन ले सकते हैं। चिकित्सक से ऑनलाइन बात कर अपनी समस्या और बीमारी का समाधान करा सकते हैं।

अब सहजता से सेवा देने की तैयारी
बिहार में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां कोई भी सरकारी अस्पताल नहीं है, वहां स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की तैयारी जोरों पर है। ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एएनएम की तैनाती की जाएगी। एएनएम एक स्थान पर चिकित्सा केंद्र संचालित करेंगी और वहां से मरीजों को ‘ई-संजीवनी’ सेवा के माध्यम से चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। इसके लिए एएनएम को प्रतिमाह ढाई सौ रुपये अलग से दिए जाएंगे। वहीं, मरीजों को 37 प्रकार की नि:शुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

सप्ताह में दो दिन विशेष रूप से केंद्र का होगा संचालन
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को विलेज हेल्थ एंड सेनिटेशन डे (वीएचएसएनडी) का आयोजन किया जाएगा। विभाग ने सिविल सर्जन को राज्य के सुदूर ग्रामीण इलाकों के व्यक्तियों को ‘ई-संजीवनी’ सेवा के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सुबह नौ बजे से चार बजे तक यह सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए एएनएम निर्धारित समय पर चिकित्सा केंद्र स्थल पर पहुंच कर कार्यक्रम का संचालन करेंगी। चिकित्सा केंद्र स्थल को जिला स्तरीय हब से संबद्ध किया गया है। इसके लिए जिला स्तरीय हब में अतिरिक्त चिकित्सा पदाधिकारियों को पंजीकृत किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इस सेवा की शुरुआत ट्रायल के बाद जल्द ही शुरू की जाएगी। इसके लिए सभी सिविल सर्जन को माइक्रो प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

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