बड़ा बेटा पति से, छोटा प्रेमी से:पटना में बचपन के प्यार के लिए इंजीनियर पति की हत्या, बेटे दोनों को अब्बू कहते थे

पटना7 महीने पहले

पटना के फुलवारी शरीफ में बचपन के प्यार के लिए महिला ने इंजीनियर पति की जान ले ली। प्रेमी के साथ मिलकर कुकर से पीट-पीटकर मार डाला। हत्या के बाद पुलिस को लूट की कहानी बनाकर बता दी। पुलिस की जांच में 56 दिन बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस की पूछताछ में पत्नी ने बताया कि उनका बड़ा बेटा पति है, जबकि छोटा प्रेमी से। दोनों बेटे दोनों को अब्बू मानते थे। पढ़िए हत्या की पूरी प्लानिंग…

फुलवारी के ताजनगर में ईद के एक दिन पहले इंजीनियर जफरउद्दीन की हत्या कर दी गई थी। हत्या के समय पत्नी शहनाज परवीन ने पुलिस को रो-रो कर बताया कि घर में घुसे लुटेरों ने पति की हत्या कर दी है। लुटेरों ने कुकर से पीट-पीटकर मारा है। हत्या के 56 दिन बाद जो कहानी निकल आई, वह उतनी ही हैरान कर देने वाली है।

हत्या के बाद बेहोश होने का नाटक करने लगी थी पत्नी।
हत्या के बाद बेहोश होने का नाटक करने लगी थी पत्नी।

एएसपी मनीष कुमार ने बताया कि एक मई को ईद के मनाने के लिए जफरउद्दीन अपनी पत्नी शहनाज एवं बच्चों के साथ उत्तर प्रदेश से फुलवारीशरीफ स्थित आवास पर आए थे। घटना के दिन शाम 8 बजे जफरउद्दीन अपने 12 वर्षीय बड़े बेटे को लेकर ईद का सामान लाने मार्केट गए थे। इसी बीच शहनाज ने अपने प्रेमी नन्हे उर्फ कमाल को घर पर बुला लिया और हत्या की साजिश रची।

रात करीब दो बजे के आसपास नल से पानी गिरने की आवाज को सुनकर जफरउद्दीन वहां पहुंचे तो वहां नन्हे उर्फ कमाल दिखा। दोनों में हाथापाई होने लगी। तभी शहनाज भी वहां आ गई और दोनों ने मिलकर वहां रखे प्रेशर कूकर से जफरउद्दीन के सिर पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी गई। शहनाज परवीन एवं नन्हे उर्फ कमाल ने पुलिस के सामने अपराध स्वीकार कर लिया है। शहनाज ने पुलिस को यह भी कहा कि इंजीनियर से बड़ा बेटा और प्रेमी से छोटा बेटा है। दोनों बेटे प्रेमी और इंजीनियर को अब्बू कहते हैं। मृतक के बेटों ने भी घटना के बारे में बताया।

इसी कुकर से पीटकर पति को मार डाला था।
इसी कुकर से पीटकर पति को मार डाला था।

ऐसे पकड़े गए

एएसपी ने बताया कि पुलिस को उस समय ही शक हो गया था कि इंजीनियर की हत्या में उसके करीबी लोग ही शामिल हैं। पुलिस ने घटना में सारे सबूत, हत्या की प्रकृति, परिवार वालों का हाव-भाव, तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान आरंभ कर दिया। अनुसंधान के क्रम में मृतक की पत्नी शहनाज के मोबाइल की सीडीआर का विश्लेषण, टावर लोकेशन के अनुसंधान में आया कि शहनाज के मोबाइल एक सिम कार्ड से प्रतिदिन बहुत देर तक बात होती रहती है।

जिस नंबर से बात होती थी वह नंबर भी घटनास्थल पर काम कर रहा था। उस नंबर की पड़ताल गई तो वह नंबर बौली के रहने वाले कमाल उर्फ नन्हे के नाम पर मिली। पुलिस ने कमाल को गिरफ्तार करके पूछताछ शुरू की और इसके बाद इंजीनियर की हत्या का परत दर परत राज खुलता चला गया।

शहनाज दो सिम रखती, एक से पति और दूसरे से प्रेमी से बात करती

एएसपी ने बताया कि दोनों के मोबाइल के नंबर के अनुसंधान में पता चला कि शहनाज और कमाल के बीच गत एक साल में एक लाख 21 हजार 9 सौ 69 सेकेंड बात हुई है। शहनाज के पास जो मोबाइल सिम कार्ड है वह कमाल के नाम पर है। शहनाज के पास एक और मोबाइल था जिससे वह पति इंजीनियर से बात करती थी। प्रेमी अपना सिम कार्ड हर पंद्रह दिन के बाद बदल देता था।

6वीं में प्यार हुआ तो स्कूल से किए गए बाहर

पुलिस ने बताया कि शहनाज और कमाल के बीच स्कूल में पढ़ने के दौरान क्लास 6 से शुरू हुआ था। दोनों के प्यार के चर्चे स्कूल में काफी हो गए थे। इस के कारण प्रधानाध्यापक ने दोनों का स्कूल से नाम काट कर निकाल दिया था। इसके बाद कमाल मदरसा में पढ़ने चला गया और शहनाज घर में रह कर ही पढ़ने लगी, लेकिन फिर भी दोनों में प्रेम संबंध बरकरार रहा।

15 साल की उम्र में 40 साल के इंजीनियर से शादी

इसी बीच शहनाज परवीन की शादी 15 वर्ष के अवस्था में वर्ष 2006 में उसके माता-पिता ने 40 वर्षीय इंजीनियर जफरउद्दीन के सम्पन्नता के कारण दबाव डालकर कर दिया गया।

पति दुबई में था, यहां वह प्रेमी से मिलती

शादी के बाद भी शहनाज और कमाल में प्रेम संबंध बरकरार रहा। जफरउद्दीन दुबई में इलेक्ट्रिक इंजीनियर के पद पर थे, जो एक वर्ष में एक माह के लिए अपने घर आते थे। इसी बीच शहनाज परवीन अपने प्रेमी नन्हे उर्फ कमाल के साथ संबंध बनाए रखती थी। इन सब बातों की जानकारी जफरउद्दीन को थी। उसने कई बार अपनी पत्नी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी।

कोरोना में इंडिया में आए तो दीवार खड़ी हो गई

2016 में जफरउद्दीन ने पत्नी शहनाज को अपने पैतृक गांव लखीसराय ले गया ताकि प्रेमी से उसका संपर्क समाप्त हो जाए, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। इसी बीच कोरोना काल में जफरउद्दीन इंडिया में ही रहकर कार्य करने लगा। इससे पत्नी शहनाज परवीन को अपने प्रेमी से मिलने में कठिनाई होने लगी। वह अपने प्रेमी नन्हे उर्फ कमाल के दबाव में आकर अपने पति से तलाक या खुल्ला देने को कहने लगी, लेकिन जफरउद्दीन इसके लिए तैयार नहीं हुए।