11 साल में थानेदार की 89.46 लाख की अवैध कमाई:लालगंज के SHO के ठिकानों पर छापेमारी, सैलेरी से 93% अधिक संपत्ति मिली

पटना2 महीने पहले
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वैशाली जिले में लालगंज के थानेदार चंद्रभूषण शुक्ला खुलकर अवैध कमाई कर रहे थे। जमकर वो अपने इलाके में शराब माफियाओं की मदद कर रहे थे। भ्रष्टाचार कर उन्होंने खूब ब्लैक मनी जमा की। फिर उससे घर खरीदा, लाखों रुपए बीमा और म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट किया। बैंक अकाउंट्‌स में लाखों रुपए कैश मिले। यह सब खुलासा तब हुआ, जब बुधवार को आर्थिक अपराध शाखा (EOU) ने इनके ठिकानों पर रेड की। ADG नैयर हसनैन खान के अनुसार बुधवार को थानेदार के कुल 4 ठिकानों पर अलग-अलग टीम ने छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान संपत्तियों को लेकर कागजी काम करती EOU की टीम।
छापेमारी के दौरान संपत्तियों को लेकर कागजी काम करती EOU की टीम।

पत्नी के नाम पर लाखों की जमीन

लालगंज थाना का ऑफिस और वहां का घर, हाजीपुर में किराए का मकान, छपरा में खरीदा गया घर और सीवान के रघुनाथपुर स्थित पुश्तैनी घर छापेमारी में शामिल है। इन जगहों पर हुई छापेमारी के बाद पता चला कि चन्द्रभूषण शुक्ला ने अपनी पत्नी के नाम से बेतिया में लाखों रुपए खर्च कर जमीन के दो प्लॉट खरीदे है। इसमें एक प्लॉट आवासीय इलाके में है। जबकि, दूसरा खेती के लिए है। वहीं, 42.93 लाख रुपए खर्च कर थानेदार ने अपने पिता के नाम पर छपरा में घर खरीदा है। छापेमारी के क्रम में घर से थानेदार और उनकी पत्नी के नाम के 9 बैंक अकाउंट्स के डिटेल्स मिले।

बैंक अकाउंट्स में कुल 11.79 लाख रुपए कैश जमा मिले। अलग-अलग बीमा पॉलिसी, म्युचुअल फंड और गाड़ियों की खरीद पर थानेदार ने अब तक 34.74 लाख रुपए खर्च कर रखा है। इन सबके अलावा अलग-अलग चीजों में थानेदार की तरफ से 13.73 लाख रुपए खर्च करने के सबूत मिले हैं। छापेमारी में बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसे खंगाला जाएगा। लालगंज में 92 हजार कैश भी बरामद हुआ है।

लालगंज थानेदार चन्द्रभूषण शुक्ला का छपरा स्थित घर।
लालगंज थानेदार चन्द्रभूषण शुक्ला का छपरा स्थित घर।

नौकरी के हुए 11 साल, 8 महीना 15 दिन
बतौर सब इंस्पेक्टर चंद्रभूषण शुक्ला की नौकरी को अब तक 11 साल, 8 महीना 15 दिन ही हुए हैं। लेकिन, इनकी आमदनी सैलेरी से 93 प्रतिशत अधिक मिली है, जो चौंकाने वाली है। सीवान जिले के रहने वाले चंद्रभूषण शुक्ला बिहार पुलिस में 2009 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं। मुजफ्फरपुर स्थित BMP-6 में इनकी ट्रेनिंग हुई थी। 15 मार्च 2010 को इनकी पहली ज्वॉइनिंग बेतिया में हुई थी। इसके बाद जून 2016 से लेकर जनवरी 2019 तक पूर्वी चंपारण जिले में रहे। यहां से जब ट्रांसफर हुआ तो उस वक्त से लगातार अब तक वैशाली जिले में नौकरी कर रहे हैं।

सभी बैंक अकाउंट फ्रीज

EOU के ADG नैयर हसनैन खान की मानें तो थानेदार ने अपनी ब्लैक मनी को पत्नी और परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम पर खूब इन्वेस्ट किया। उसे व्हाइट मनी में तब्दील किया। सैलरी और दूसरे जरिए से चंद्रभूषण ने 64 लाख रुपए कमाए। 89.46 लाख रुपए की संपत्ति अर्जित की। जांच में इनका कुल खर्च 34 लाख 6434 रुपए मिला। इस हिसाब से 29 लाख 93 हजार 564 रुपए के करीब इनकी बचत होना चाहिए था। मगर, ऐसा नहीं है। इनके पास से 59 लाख 62 हजार रुपया अधिक मिला। ADG के अनुसार हर एक बैंक अकाउंट को खंगाला जाएगा। सभी को फ्रीज करवा दिया गया है। अगर आगे भी कैश मिले तो कल दर्ज कराए गए FIR में उसे जोड़ा जाएगा।

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