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5.37 करोड़ के सोना लूटकांड में एक भी गिरफ्तारी नहीं:31 दिन बाद भी पुलिस और CID मिलकर भी गैंग को नहीं पहचान पाई, बलिया मिला लास्ट लोकेशन

पटना5 महीने पहले

आज से 31 दिन पहले यानी 3 जून को दिनदहाड़े पटना में गर्दनीबाग थाना के तहत अपराधियों ने फाइनांस कंपनी IIFL से 9 किलो 759 ग्राम सोना लूटा था। जिसकी कीमत 5.37 करोड़ रुपए से भी अधिक की थी। साथ में अपराधियों ने 9.84 लाख रुपया कैश भी लूटा था। हथियार के बल पर इस वारदात को अंजाम दिए हुए आज पूरे एक महीने हो चुके हैं। मगर, अब तक पटना पुलिस लूटकांड को ट्रेस नहीं कर पाई है। पुलिस न तो अपराधियों की पहचान कर पाई है और न ही उनके गैंग को। इस केस की वर्तमान स्थिति क्या है? केस की जांच कहां तक पहुंची है? क्या एक भी अपराधी को पटना पुलिस पकड़ पाई? CID को अपनी जांच में किस तरह के क्लू मिले? इस तरह के कई सवाल हैं, जिनका जवाब जानने के लिए पटना पुलिस से लेकर मुख्यालय तक के अधिकारियों से बात की गई। लेकिन, सही स्थिति कोई बता नहीं पाया।

मिले क्लू पर काम कर चल रहा है
पटना के सिटी एसपी सेंट्रल अम्बरीश राहुल ने कुछ खास तो नहीं बताया। सवाल के जवाब में उन्होंन बस इतना ही कहा कि हम लगे हुए हैं और हमारी टीम काम कर रही है। इस केस में CID की एक टीम भी काम कर रही है। करीब 10 जून से ही CID की टीम अपने स्तर जांच-पड़ताल कर रही है। इस बारे में ADG मुख्यालय जितेंद्र सिंह गंगवार से बात की गई। इनके अनुसार CID की टीम पटना पुलिस की मदद कर रही है। उन्हें कुछ क्लू मिला है, जिस पर पटना पुलिस वर्क कर रही है।

बलिया तक पहुंच पाई टीम

इस केस की जांच में पटना पुलिस की स्पेशल सेल और शहर में लगे CCTV की मॉनिटरिंग करने वाली टीम को भी जांच में लगाया गया था। सूत्र बताते हैं कि जांच करते हुए यह टीम पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बलिया जिले तक जा पहुंची थी। इसके लिए इस टीम ने वारदात स्थल से लेकर जिस रास्ते अपराधी भागे थे, उसमें जगह-जगह पर लगे प्राइवेट CCTV कैमरों के फुटेज को भी खंगाला था। इस आधार पर अपराधियों का लास्ट लोकेशन बलिया मिला। मगर, जांच में समस्या अब दूसरे राज्य को लेकर हो रहा है। जिस बारे में अधिकारी कुछ खुलकर बोल नहीं रहे हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का दावा है कि उनकी टीम जल्द ही इस मामले में ठोस रिजल्ट देगी। अग्निपथ योजना को लेकर जून महीने में ही लॉ एंड ऑर्डर की समस्या हो गई थी। जिस कारण भी इस केस की जांच बाधित हुई थी।