धमाके के बाद SI बोला-कमरे में एक और डिब्बा है:डरकर भागने लगे लोग, पुलिस बोली- इंतजार कीजिए... हमें डिफ्यूज करने नहीं आता

पटना3 महीने पहले

पटना सिविल कोर्ट के जिला अभियोजन कार्यालय में शुक्रवार दोपहर 2.45 बजे धमाका हो गया। इसमें तीन पुलिसकर्मी (एक महिला समेत) और कदमकुआं थाना के एक SI घायल हो गए। ताज्जुब की बात है कि विस्फोटक लेकर पहुंची पुलिस को इसको नष्ट करने की जानकारी ही नहीं थी।

बताया गया कि रविवार को पटना पुलिस के पटेल छात्रावास में बड़ी संख्या में विस्फोटक और बम बनाने के सामान मिले थे। इन्हें कोर्ट में प्रदर्श (प्रोड्यूस) करने के लिए लाया गया था। इसी दौरान ये हादसा हो गया। एक विस्फोट के बाद भी पुलिस की नींद नहीं खुली। कदमकुआं थाना प्रभारी स्टील के दो डिब्बे में विस्फोटक लेकर कोर्ट पहुंचे थे। इनमें एक ब्लास्ट हो गया था। दूसरा लगभग दो घंटे तक कोर्ट में जिंदा रहा।

पटेल छात्रावास से बम बनाने के सामान मिले थे।
पटेल छात्रावास से बम बनाने के सामान मिले थे।

बम निरोधक दस्ता ATS का करता रहा इंतजार

पटना पुलिस की बम निरोधक दस्ता ने स्पष्ट कर दिया कि यहां जिंदा बम सामग्री है, लेकिन डिफ्यूज करने का तरीका उन्हें मालूम नहीं है। इस दौरान वहां न्यायपालिका के आला अधिकारी से लेकर पटना पुलिस के अधिकारी तक पहुंचे थे। सभी ने उनसे डिफ्यूज करने का तरीका पूछा, तब उन्होंने कहा कि ATS इसे डिफ्यूज करेगी।

टेबल पर झोले में रखा जिंदा बम।
टेबल पर झोले में रखा जिंदा बम।

2 घंटे तक सहमे रहे लोग, अपना काला कोट लेने नहीं जा सके अंदर

धमाके के बाद पूरे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति थी। लोक अभियोजक कार्यालय के सभी कर्मचारी अपने दफ्तर से बाहर निकल गए थे। SI ने जाते वक्त कहा था कि अभी कमरे में एक डिब्बा और है। इसके कारण लोग इस हद तक सहम गए थे कि अपना काला कोट तक लेने कमरे तक लेने नहीं जा रहे थे। PP खुद दफ्तर के बाहर कुर्सी लगाकर बैठे रहे।

बम को प्रोड्यूस करने के क्या हैं नियम

पटना हाईकोर्ट के वकील शांतनु कुमार ने बताया कि एक्सप्लोसिव पदार्थ को पेश करने से पहले उसे पूरी तरह डिफ्यूज किया जाता है। इसके बाद ही इसे कोर्ट में पेश किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसमें स्पष्ट तौर पर पुलिस की बड़ी लापरवाही है।

पुलिस ने कहा- बम नहीं विस्फोटक था

वहीं, इस मामले में जब दैनिक भास्कर ने कदमकुआं थाने से इसकी जानकारी लेनी चाही तब वहां के प्रभारी ने बताया कि कोर्ट में बम नहीं ले जाया गया था। उसमें विस्फोटक सामान था। कोर्ट में घर्षण के कारण ये विस्फोट हुआ है। उन्होंने बताया कि विस्फोटक को डिफ्यूज कैसे किया जाता। उसे डिब्बे में बंद करके ही ले जाया गया था।

SSP ने कहा पाउडर को डिफ्यूज नहीं किया जा सकता

दैनिक भास्कर ने पटना के SSP मानवजीत सिंह ढिल्लो से भी इस मामले की जानकारी लेना चाहा। उन्होंने बताया, 'पाउडर को डिफ्यूज नहीं किया जा सकता। ब्लास्ट होने वाला बम नहीं था। वो पाउडर था और जिसे डिफ्यूज नहीं किया जा सकता है।'