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  • Every day our doctors are fighting the war against Corona, doing day and night service of suspicious and positive patients, staff are also helping

बिहार में कोरोना के योद्धा / हर रोज कोरोना से जंग लड़ रहे हैं हमारे डॉक्टर, संदिग्ध और पाॅजिटिव मरीजों की दिन-रात कर रहे सेवा, स्टाफ भी कर रहे मदद

मरीजों के इलाज के लिए तैयार डाॅ. रवि कीर्ति, डाॅ. शिव कुमार, डाॅ. राहुल शुक्ला व धर्मपाल। मरीजों के इलाज के लिए तैयार डाॅ. रवि कीर्ति, डाॅ. शिव कुमार, डाॅ. राहुल शुक्ला व धर्मपाल।
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मरीजों के इलाज के लिए तैयार डाॅ. रवि कीर्ति, डाॅ. शिव कुमार, डाॅ. राहुल शुक्ला व धर्मपाल।मरीजों के इलाज के लिए तैयार डाॅ. रवि कीर्ति, डाॅ. शिव कुमार, डाॅ. राहुल शुक्ला व धर्मपाल।

  • बिहार में अब तक सात मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई है, इनमें दो मरीज एम्स में भर्ती थे, जिनमें एक की मौत हो गई
  • कोरोना संदिग्धों की जांच और इलाज करना थोड़ा टफ है, लेकिन हमने इसे चुनौती के रूप में लिया है। एहतियात बरतते हैं

दैनिक भास्कर

Mar 27, 2020, 08:28 AM IST

पटना (मसूद जामी) . आमलोग जहां कोरोना की बात सुनकर सहम जा रहे हैं, वहीं हमारे चिकित्सक हर रोज एक नई जंग लड़ते हुए इस वायरस को हरा रहे हैं। बिहार में अब तक सात मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। इनमें दो मरीज एम्स में भर्ती थे, जिनमें एक की मौत हो गई, जबकि तीन एनएमसीएच में भर्ती हैं। दो मुंगेर के हैं, जिन्हें भागलपुर में भर्ती किया गया है। पटना एम्स के आइसोलेशन वार्ड के 30 बेडों पर अभी 10 संदिग्ध मरीज भर्ती हैं, जबकि एक पॉजीटिव को विशेष आईसीयू में रखा गया है।

आइसोलेशन वार्ड और आईसीयू में हर समय शिफ्ट आॅन काॅल चार या पांच डाॅक्टर रहते हैं। अगर कोई संदिग्ध आता है, तो आॅन काॅल डाॅक्टर सीनियर से बात करते हैं। तुरंत पूरी टीम औषधि विभाग के हेड सह आइसोलेशन वार्ड के इंजार्च डाॅ. रवि कीर्ति की अगुआई में तैयार हो जाती है। डाॅ. रवि कीर्ति के साथ डाॅ. शिव कुमार और डाॅ. राहुल शुक्ला हाथ में हाथ मिला कर चल रहे हैं। डाॅ. कीर्ति कहते हैं-हमारा काम ही मरीजों की सेवा करना है। अकेले इस जंग काे लड़ना मुमकिन नहीं। पूरी टीम काम कर रही है, जिसमें चिकित्सकों के साथ नर्सिंग स्टाफ और सफाईकर्मी तक की अहम भूमिका है। सभी अपने-अपने काम 100 फीसदी कर रहे हैं। 

उन्हाेंने कहा कि हमारी टीम यह नहीं देखती कि मरीजों को क्या बीमारी है, बल्कि हमारे दिमाग में हमेशा यह बात चलती है कि इसे ठीक कैसे किया जाए? कोरोना संदिग्धों की जांच और इलाज करना थोड़ा टफ है, लेकिन हमने इसे चुनौती के रूप में लिया है। एहतियात बरतते हैं, लेकिन डर नहीं लगता। पूरा संस्थान, हमारा परिवार और हमारे शुभचिंतक इस मिशन में हमारे साथ खड़े हैं। हमें किसी हाल में कोरोना को हराना है। यही हमारा धर्म है। इलाज में एक फैकल्टी, एक सीनियर रेजीडेंस और ज्यूनियर रेजीडेंस डाॅक्टर समेत चार नर्सिंग स्टाफ शिफ्ट वाइज लगे हैं। महिला मरीज की हालात में सुधार के संकेत हैं। उनका कल या परसों फिर से सैंपल अारएमआरआई भेजा जाएगा। अन्य रोगियों की तरह पाॅजिटिव महिला मरीज को भी सामान्य भोजन दिया जा रहा है। इसमें चावल, रोटी, दाल शामिल है। आॅल इंडिया मेडिकल काउंसिल की सलाह के अनुसार महिला को दवा दी जा रही है।

पत्नी कहती हैं-सेवा कीजिए, पर सावधानी के साथ 

डाॅ. रवि कीर्ति की पत्नी डाॅ. नीता कैवलानी ने बताया कि इस समय पूरा देश हेल्थ क्राइसिस के दौर से गुजर रहा है। हमेशा डर लगा रहता है। तब भी हमारे पति जान जोखिम में डाल कर मरीजों का इलाज करते हैं। यह उनका पहला धर्म है। इस कार्य पर हमें गर्व भी है। इस नाजुक हालत में उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। हम उन्हें यह सलाह देते हैं कि अपनी सुरक्षा का ध्यान देते हुए मरीजों का इलाज करें। जब वह अस्पताल से घर आते हैं, तो हम उनसे यह जरूर पूछते हैं कि आज आपने कितनी सावधानी बरती? डॉ. शिवकुमार की पत्नी डॉ. सोनी कुमारी ने कहा कि मेरे पति काे जाे जिम्मेदारी एम्स प्रशासन ने दी है उसे बखूबी निभाएं। सावधानी बरतें और पीड़िताें की सेवा करें। डॉ. राहुल शुक्ला के पिता रमाकांत शुक्ला ने कहा कि मुझे गर्व है कि महामारी से पीड़ितों की सेवा के लिए बेटे की ड्यूटी लगाई गई है। नर्सिंग स्टाफ धर्मपाल की पत्नी मनीषा कुमारी ने कहा कि मेरे पति अपनी ड्यूटी काे बखूबी अंजाम देंगे।  

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