• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Patna
  • Female Doctor Of NMCH Committed Suicide In PMCH Hostel, Body Was Lying On Bed On Fourth Floor, Injection Found In Room, Left Some Medicine

सुसाइड:एनएमसीएच की महिला डॉक्टर ने पीएमसीएच हॉस्टल में की खुदकुशी, चौथी मंजिल पर बेड पर पड़ा था शव, कमरे में मिला इंजेक्शन, बची थी थोड़ी दवा

पटनाएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

एनएमसीएच के एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट में बतौर सीनियर रेजिडेंट काम कर रही 33 वर्षीय डॉक्टर शिवांगी गुप्ता ने बुधवार काे आत्महत्या कर ली। उनका शव पीएमसीएच के हॉस्टल में मिला। वह पीएमसीएच के कस्तूरबा गर्ल्स हॉस्टल के चौथे तल पर फिलहाल रह रही थीं। बुधवार को उनके घर वाले हॉस्टल पहुंचे तो उनके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी धक्का देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तब कई साथी डॉक्टर वहां पहुंच गए।

पीरबहोर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और परिजनों के समक्ष दरवाजा तोड़ा गया। शिवांगी का शव बिस्तर पर पड़ा था। शरीर काला पड़ने लगा था। पुलिस ने मौके से शिवांगी का मोबाइल और एक इंजेक्शन बरामद किया है। सीरिंज में थोड़ी दवा बची हुई थी। थानेदार रिजवान अहमद ने कहा कि प्रथमदृष्टया मामला सुसाइड का है। मोबाइल लॉक है। मोबाइल और इंजेक्शन को एफएसएल भेजा गया है। हमलोग पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। घर वालों का कोई आरोप नहीं है। मामले में यूडी केस दर्ज हुआ है।

एनएमसीएच से लौटने के बाद से नहीं उठा रही थीं फोन, तो पहुंचे परिजन

शिवांगी ने एनएमसीएच में पिछले 27 अगस्त को ज्वाइन किया था। मंगलवार को भी वह ड्यूटी के लिए एनएमसीएच गई थीं। परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि मंगलवार शाम से ही वह किसी का फोन नहीं उठा रही थीं। पीएमसीएच में साथी डॉक्टरों ने कहा कि शाम में शिवांगी नजर आई थीं। बिल्कुल सामान्य दिख रही थीं। जब बुधवार को भी शिवांगी ने फोन नहीं उठाया तब उनके घर वाले हॉस्टल पहुंच गए।

तीन भाइयों की इकलौती बहन थीं शिवांगी, भाभी भी हैं डॉक्टर

डाॅ. शिवांगी का परिवार रामकृष्णानगर के जकरियापुर स्थित एक अपार्टमेंट में रहता है। शिवांगी तीन भाइयों में इकलौती बहन थीं। एक भाई इंजीनियर और एक भाभी डॉक्टर हैं। शिवांगी के पिता रमेश प्रसाद प्रिंटिंग प्रेस चलाते हैं और बीमार रहते हैं। डाॅ. शिवांगी 2009 बैच की एमबीबीएस की स्टूडेंट थीं। एनएमसीएच से एमबीबीएस करने के बाद पीएमसीएच से पीजी की थी।

भाई ने कहा-दवा लेने से हुई मौत, लेकिन किससे यह नहीं बताया

सवाल है कि आखिर इंजेक्शन कमरे में क्यों था? पुलिस को आशंका है कि कहीं शिवांगी ने कोई दवा खुद को इंजेक्ट तो नहीं किया? आखिर शिवांगी घर वालों का फोन क्यों नहीं उठा रही थीं? पीरबहाेर थानेदार रिजवान अहमद ने बताया कि भाई ने फर्द बयान में कहा है कि डाॅ. शिवांगी की माैत दवा लेने से हुई है। परिजनाें ने यह नहीं बताया कि किस दवा के लेने से उनकी माैत हुई।

खबरें और भी हैं...