तैयारी:अगलगी की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग है पूरी तरह तत्पर

हाजीपुर9 महीने पहले
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  • शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में अग्निशमन विभाग मॉकड्रिल कर लोगों को कर रहा है जागरूक

अगलगी की घटनाओं के मामले में जिले में प्रतिवर्ष जान-माल के साथ लाखों की क्षति होती है। इससे निपटने के लिए अग्निशमन विभाग का कंट्रोल रूम 24 घंटे फायर मोड में है। विभाग ने इसके लिए पूरी तैयारी के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऐसी घटना से निपटने के लिए जागरुकता अभियान चला रही है। वहीं, अग्निशमन वाहनों को चिन्हित स्थानों पर तैनात कर दिया गया।

जरूरत पड़ने पर कम से कम समय में फायर ब्रिगेड की वाहन मौके पर पहुंच सके। वहीं शहरी और गामीण क्षेत्र के संकरी गलियाें छोटे अग्निशमन की गाड़ियां चौबीसों घंटे मौजूद रहेंगी। संबंधित क्षेत्र के लोगों को बस एक कॉल करते ही अग्निशमन गाड़ी संबंधित स्थान पर पहुंच जाएगी।

आम नागरिकों को किया जा रहा जागरुक
आग जैसी विभीषिका से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में मॉक ड्रिल कर लोगों को चरणबद्ध तरीके से जागरुक कर रही है। इस दौरान गैस सिलिडर, पेट्रोल, डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ में आग लगने पर इससे निपटने के विशेष योजना के साथ आम लोगों को जागरुक कर रही है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निशमन विभाग होटलों, रेस्टोरेंट, मॉल, बड़ी दुकानों में आग लगने के दौरान इससे निपटने की उनकी तैयारियों की भी जायजा ले रही है। वहां आग बुझाने के यंत्र लगाने के निर्देश दिया है।

एक्टिव माेड में रहेगा थानों में भी तैनात अग्निशमन वाहन
जिले में अन्य वर्षों से सिख लेते हुए अग्निशमन विभाग युद्ध स्तर पर तैयारी की है। वैसे जिले में सालों भर आग लगने की घटनाएं होती है, लेकिन मार्च से लेकर सितंबर तक अगलगी की घटना अत्यधिक देखने को मिलता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए संबंधित क्षेत्र के थाने के साथ महत्वपूर्ण जगहों अग्निशमन वाहन तैनात रहेगी।

जिला अग्निशामक पदाधिकारी हाजीपुर ने बताया कि 14 गाड़ी में से 11 चालू है जबकि तीन गाड़ी खराब है। वहीं महुआ के जिला अग्निशामक पदाधिकारी संबंधित क्षेत्र के लिए 9 गाड़ी पूर्व से है जिसमें से तीन गाड़ी खराब है।

फायर कर्मी व सिपाही आवश्यकता से कम
जिले में 28 वाहन है लेकिन एक्टिव मोड 20 वाहन ही हैं। जबकि 6 अग्निशमन वाहन जर्जर की स्थित में है। वहीं एक बड़ी गाड़ी पूरी तरह से खराब होकर कार्यालय में लगी है। अग्निशमन गाड़ी के चालक, उप चालक, फायर कर्मी एवं सिपाही का अभाव विभाग झेल रहा है।

विभाग के अनुसार बड़े अग्निशमन वाहन पर एक चालक व एक उप चालक दो फायर कर्मी रहना है, वही छोटे वाहन पर एक चालक व एक फायर कर्मी की तैनाती रहती है। लेकिन विभागीय स्थानांतरण पोस्टिंग के बाद लगभग सभी प्रखंड क्षेत्रों में विभाग हवलदार, सिपाही एवं फायर कर्मी का दंश झेल रही है। नए चालक को लोकेशन पर पहुंचने में देर लग जाती है।

लापरवाही बन सकती है एक बड़ी घटना
सतर्कता से अगलगी की घटना को रोका जा सकता है। जिला अग्निशामक पदाधिकारी सुरुचि चौहान, महुआ के दीनानाथ राम एवं महनार के सत्येंद्र प्रसाद ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सुबह 8 बजे तक हर हाल में खाना बनाकर चूल्हा बुझा दें। चूल्हा जलाते समय पानी की बाल्टी पास रखे।

रसोई गैस जलाते समय पास में पानी व सूती कपड़ा साथ में जरूर रखें। गेहूं की कटनी शुरू होने वाली है ऐसी स्थिति में किसान खेतों में कटनी के बाद किसान बोझा बनाते है और फिर उसे थ्रेसर में डालते हैं। इसलिए किसानों को थ्रेसिंग का काम भी सुबह में ही कर लेनी चाहिए, सुबह में मौसम ठंडा रहता है जिस कारण आग लगने की संभावनाएं कम रहती हैं।

क्या कहते हैं पदाधिकारी
^आग जैसी घटना से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह से तैयार है। इससे निपटने के लिए आम लोगों की भी सहभागिता जरुरी है। जिले के विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल कर इससे बचाव के लिए लगातार जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में आम लोगों के साथ संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को जागरुक होने से समय रहते इस घटना से होने वाली बड़ी तबाही को रोका जा सकता है। ऐसी घटना होने पर आम लोगों से विभाग सहयोग करने की अपेक्षा रखती है। कार्य के दौरान अग्निशमन वाहन का पानी खत्म होने पर आम लोग स्वय के घरों में लगे पंप से पानी उपलब्ध कराने में सहयोग करने से समय की बचत होगी।
सूरूचि चौहान, जिला अग्निशामक पदाधिकारी

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