पटना में RJD नेता पर गोलीबारी मामले का हुआ खुलासा:44 लाख रुपए नहीं लौटाना चाहता था आरोपी, इसलिए 4 लाख की सुपारी देकर चलवाई गोली

पटना6 दिन पहले
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गिरफ्तार बदमाश। - Dainik Bhaskar
गिरफ्तार बदमाश।

शुक्रवार को पटना पुलिस ने राजद नेता पर हुए जानलेवा हमला और पटना सिटी में शीशा कारोबारी राजू जायसवाल की खौफनाक तरीके से की गई हत्या का SSP मानवजीत सिंह ढिल्लो ने खुलासा कर दिया है। 7 जनवरी की सुबह बेऊर इलाके में राजद नेता व साईं दरबार मैरेज हॉल के मालिक नंद लाल यादव के उपर अपराधियों ने गोली चलाई थी। जिसमें दो गोली उन्हें लगी थी और वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वारदात के ठीक सातवें दिन पटना पुलिस ने इस मामले में खुलासा किया।

वारदात के पीछे की वजह 44 लाख रुपया और परसा बाजार में जमीन का एक प्लॉट है। दरअसल, नेता होने के साथ ही नंदलाल यादव जमीन के ब्रोकरी का भी काम करते हैं। परसा बाजार के रहने वाले रंजीत यादव भी जमीन का ब्रोकर है। जमीन को लेकर ही नंदलाल ने 44 लाख रुपया रंजीत को दिया था। साथ ही परसा बाजार की जमीन के प्लॉट को लेकर दोनों के बीच विवाद भी चल रहा था। नंदलाल बार-बार अपने रुपए वापस मांग रहे थे। जबकि, रंजीत की मंशा रुपए वापस करने की नहीं थी। इसी वजह से उसने 4 लाख रुपए की सुपारी देकर शूटर आनंद चौधरी और सगे भाई अमन-अतुल को सेट किया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस करते एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो।
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो।

फिर इन अपराधियों ने बिट्‌टू और दीपक के जरिए राजद नेता की रेकी कराई। पूरे दिन के मूवमेंट कड़ी नजर रखी। इसके बाद वारदात को अंजाम दे दिया। SSP के अनुसार पुलिस टीम ने वारदात स्थल के पास के CCTV फुटेज के आधार पर सबसे पहले अपराधी आनंद को अपने कब्जे में बेऊर इलाके से लिया। इसके बाद उससे पूछताछ की। तब जाकर आलमगंज के रहने वाले दोनों सगे भाई अमन-अतुल का नाम सामने और फिर बाकी के अपराधियों का।

आनंद के जरिए इन्हें बेऊर बुलाया गया और इसी इलाके से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद परसा बाजार में छापेमारी कर रंजीत यादव उर्फ मास्टर को पकड़ा गया। इन अपराधियों के पास से एक पिस्टल, तीन कट्‌टा समेत कुल 4 हथियार, 6 गोली, वारदात में इस्तेमाल किया गया 2 बाइक और पहने गए कपड़े बरामद किए गए। गिरफ्तार सभी अपराधियों का बड़ा आपराधिक इतिहास है। नंदलाल यादव राजद नेता तो हैं, साथ में लालू-राबड़ी संस्थान के संयोजक हैं। इनके समधी भाजपा के MLC भी हैं।

300 मीटर की दूरी पर रहने वाले युवक ने की थी राजू जायसवाल की हत्या
पिछले साल 30 सितंबर को पटना सिटी के चमडोरिया मोड़ के पास शीश कारोबारी राजू जायसवाल की खौफनाक तरीके से हत्या कर दी गई थी। पहले तो उन्हें बुरी तरीके से मारा-पीटा गया था। सिर पर डंडे वार किए जाने के साथ ही तेज धार वाले चाकू से उनका गला काट दिया गया था। इस वारदात को उनके कारखाने में ही अंजाम दिया गया था। इस ब्लाइंड केस की तह तक जाने और अपराधी तक पहुंचने में पटना पुलिस को 3 महीने से अधिक का वक्त लग गया। SSP के अनुसार इनके कारखाने से महज 300 मीटर की दूरी पर रहने वाले अभिषेक कुमार उर्फ नुनु ने राजू जायसवाल की हत्या की थी। इसे रुपयों की जरूरत थी।

खुद आर्मी और पैरामिलीट्री की तैयारी कर रहा था। नौकरी के लिए भी इसे रुपयों की आवश्यकता थी। इसे लगा था कि कारोबारी के पास हर वक्त रुपया रहता है। इस कारण वो वहां रुपया लूटने गया था। मगर, उसे रुपया नहीं मिला। उसकी पहचान सामने आ चुकी थी। फिर पकड़े जाने के डर से उसने राजू जायसवाल की हत्या कर दी। उनके ही मोबाइल से उनकी पत्नी को कॉल कर पहले 3 लाख और बाद में 50 हजार की फिरौती भी मांगी गई थी। इसके बाद उनके मोबाइल को फेंक दिया। इस केस की पड़ताल के दौरान कई जगहों के CCTV फुटेज खंगाले गए थे। काफी सारे कॉल डिटेल्स खंगाले गए थे। तीन संदिग्धों के फिंगर प्रिंट मिलाए गए। इसमें खून से सना हुआ फिंगर प्रिंट भी शामिल है। वारदात स्थल से ब्लड ग्रुप भी मिलाया गया था। पूरी तरह से साइंटफिक इंवेस्टिगेशन करने के बाद ही टीम इस अपराधी तक पहुंच पाई। अभिषेक को चौक थाना की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

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