चकरबंधा में नक्सलियों का जंगल बैंक:पहली बार लॉकर में बंद 20 लाख रुपए बरामद हुए

पटना2 महीने पहले
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चकरबंधा के जगंलों में सिर्फ लैंड माइन का जाल ही नहीं है, नक्सली इस पहाड़ी को बैंक व लॉकर के तौर पर भी इस्तेमाल कर रहे थे। लेवी में वसूली गई मोटी रकम इसी सेफ जोन में जमा होती थी। अब यह रहस्य भी परत-दर-परत खुल रहा है। यहां ऑपरेशन में लगी सीआरपीएफ की 205 कोबरा बटालियन की यूनिट ने इसी पहाड़ी पर शिकारीकुआं के पास मिट्‌टी में गाड़ कर रखे गए 20 लाख रुपए कैश को ढूंढ़ निकाला है।

दो-दो हजार की 10 गडि्डयां स्टील के एक लॉकर में बंद थीं। झारखंड के चतरा जिले के कुंदा की घटना से सबक ले सुरक्षाबलों ने लॉकर खोलने में बड़ी सावधानी बरती। यह रकम चकरबंधा पर एकछत्र राज करने वाले नक्सली कमांडर संदीप यादव की है। इसी वर्ष 25 मई को उसकी इसी जंगल में इलाज के बिना मौत हो गई थी। कैश बरामदगी का यह पहला बड़ा मामला है। इंटेजीलेंस इनपुट है कि 17 गुणा 35 किमी में फैली इस पहाड़ी में ऐसे कई और लॉकर दबे हैं, जिनमें 4 से 5 करोड़ या उससे अधिक भी रकम है।

इन्टेलिजेंस इनपुट पहाड़ी पर दबी रकम 5 करोड़ के पार

2 हजार की 10 गडि्डयां
2 हजार की 10 गडि्डयां

कहां मिला कैश?
चकरबंधा के पचरूखिया में जहां सीआरपीएफ ने हाल ही में कैंप बनाया है उससे करीब एक-डेढ़ किमी की दूरी पर शिकारीकुआं है। रकम यहीं मिट्‌टी में गाड़ कर रखी गई थी।

लॉकर कैसा था?
गोदरेज कंपनी के इस स्टील लॉकर को इलेक्ट्रानिक सेफ कहते हैं। बाजार में कीमत 7 हजार रुपए से अधिक है। इस मॉडल के लॉकर का वजन 10 किलो से अधिक होता है।

लिफाफे पर दर्ज तारीख
लिफाफे पर दर्ज तारीख

कितनी पुरानी नोट?
लॉकर में नोटों की गडि्डयों को एक बड़े लिफाफे में रखा गया था। लिफाफे के ऊपर 20 लाख रुपए नकद और तिथि 8 जनवरी 2019 लिखी है। सभी दो-दो हजार के नए नोट हैं।

चरबंधा को नक्सल मुक्त करने के बावजूद वहां ऑपरेशन लगातार जारी है और इसी कड़ी में अब यह बरामदगी हुई है। -अमित कुमार,सीआरपीएफ के बिहार-झारखंड के आईजी

जब झारखंड के चतरा में गच्चा खा गए सुरक्षा बल
2005 की बात है। झारखंड के चतरा के कुंदा थाना क्षेत्र में ऐसे ही एक लॉकर को खोलने के दौरान हुए विस्पोट में एसडीपीओ, सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट और 10 जवान शहीद हो गए थे। कुंदा थाना क्षेत्र की बनियाडीह पहाड़ी पर आयरन चेस्ट में लेवी के रुपए होने की झूठी सूचना देकर नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को ट्रैप कर लिया था।

अमित कुमार,सीआरपीएफ के बिहार-झारखंड के आईजी
अमित कुमार,सीआरपीएफ के बिहार-झारखंड के आईजी