ओबीसी की बेटियों को मिलेगी मेडिकल और इंजीनियरिंग की कोचिंग:नि:शुल्क सुविधा विशेष प्रतियोगिता परीक्षा पास करने पर ही मिलेगा लाभ

पटना2 महीने पहलेलेखक: सबिता
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सांकेतिक फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
सांकेतिक फाइल फोटो

राज्य के पिछड़ा वर्गों की बेटियों को नि:शुल्क मेडिकल-इंजीनियरिंग की कोचिंग की सुविधा मिलेगी। फिलहाल अभी प्लस टू की 12 आवासीय छात्रावास की छात्राओं काे इसका लाभ मिलेगा। 60-60 छात्राओं के दो बैच में पढ़ाई होगी। इसके लिए प्रमंडल स्तर पर प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री और पिछड़ा वर्ग विभाग की मंत्री रेणु देवी बताती हैं कि जल्द ही 10 और प्लस टू आवासीय विद्यालय खुल जाएंगे। नौ प्रमंडल में प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित होगी।

जिनके पिता की आय 3 लाख रुपए, वे ही कर सकेंगी आवेदन

जिन छात्राओं के पिता की आय कम से कम 03 लाख रुपये होगी, वे ही प्रतियोगिता परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगी। प्रतियोगी परीक्षा में उत्तीर्ण छात्राओं को ही मेडिकल और इंजीनियरिंग की नि:शुल्क कोचिंग सुविधा मिल सकेगी।

चल रहे हैं 12 कन्या विद्यालय

अभी राज्य में अतिपिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए 12 आवसीय प्लस टू उच्च विद्यालय का संचालन हो रहा है। पटना में दो, मुजफ्फरपुर में 01, भागलपुर में 01, सहरसा में 01, पूर्णिया में 01, समस्तीपुर में 01, गया में 01, दरभंगा में 01, मुंगेर में 01, सारण में 01 और सासाराम में 01 संचालित हो रहे हैं।

एक विद्यालय में 280 छात्राएं पढ़ती हैं

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए अभी 12 पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय संचालित हैं, जिनमें वर्ग-6 से 12 तक की पढ़ाई होती है। एक विद्यालय में 280 छात्राएं पढ़ती हैं।

इस साल 45 से 50 हजार बच्चे जेईई की परीक्षा में बैठे

इस साल 80 बच्चे नीट और 45 से 50 हजार के लगभग बच्चे जेईई की परीक्षा में बैठे हैं। पिछले साल नीट की परीक्षा में टॉप टेन में चार छात्राएं थीं। नीट और जेईई की तैयारी कराने वाले बिपिन सिंह बताते हैं कि जो लड़कियां पास हो जाती हैं वह लड़कों के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन करती है।

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