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प्रशासन अलर्ट:गंगा का जलस्तर 24 घंटे में 30 सेंटीमीटर बढ़ा, बाढ़ का खतरा

हाजीपुरएक महीने पहले
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बिदुपुर स्थित गंडक नदी में उफान। - Dainik Bhaskar
बिदुपुर स्थित गंडक नदी में उफान।
  • राहत कार्य व बचाव के लिए नदियों में पानी बढ़ने पर 355 नावों की व्यवस्था की गई

जिले में मानसून की दस्तक देने के साथ ही लगातार बारिश से नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण जिले में बाढ़ की आशंका सताने लगी है। इस बीच गत दो दिन पहले बाल्मीकी बराज द्वारा चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के अलावा हर एक-दो दिन पर पानी छोड़ने का क्रम जारी है। नदियों में जलस्तर बढ़ने के साथ ही जिले के निचले क्षेत्रों के लोगों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर लोगों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। वहीं बाढ़ से जंग में पर्याप्त संख्या में सरकारी नाव नहीं होने के बावजूद प्रशासन ने निजी नावों के उपयोग की योजना बनाई है। जिसमें 295 निजी नाव संचालकों से एग्रीमेंट कराया जा चुका है। वहीं 60 सरकारी नावों को भी दुरुस्त कर लिया गया है। साथ ही इन्फलेटेबल मोटरबोट, महाजाल, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित गोताखोर, राहत व बचाव दल की तैयारी कर ली गई है।
बचाव कार्य के लिए यह है व्यवस्था
इस तरह आपात स्थिति से निबटने के लिए 355 नावों के अलावा 6 से अधिक मोटरबोट की तैनाती की जानी है। जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी मनीष भारद्वाज का कहना है कि बाढ़ व बचाव के लिए 70 से अधिक लाइफ जैकेट की भी व्यवस्था कर ली गई है, ताकि बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने में किसी तरह की समस्या नहीं आए। इतना ही नहीं बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित चिह्नित जगहों पर रहने के लिए 170 टेंट के अलावा 121 शरणस्थलियों को चिह्नित किया गया है। इन स्थलों पर रहने वाले बाढ़ पीड़ितों को खाने में किसी तरह की कमी नहीं हो, इसके लिए 60 सामुदायिक किचन भी संचालित की जाएगी।

351 गांवों को संवेदनशील मान की जा रही तैयारी
जिले के 10 प्रखंडों के 49 पंचायतों में बाढ़ से प्रभावित होने वाले 140 वार्ड के 351 गांव में संभावित बाढ़ के मद्देनजर गंडक सहित अन्य छोटी बड़ी नदियों में बाढ़ पीड़ितों को बचाने के लिए गोताखोरों को उतारा जाएगा। जिसमें प्रशिक्षित सैकड़ों गोताखोर शामिल हैं। इतना ही नहीं अगर बाढ़ के पानी में आदमी या मवेशी फंसते हैं, तो इसके लिए महाजाल की व्यवस्था की गई है। ताकि जिले में आने वाले बाढ़ के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हो। जान-मान की सुरक्षा किसी भी परिस्थिति में आसानी से की जा सके।

कोरोना गाइडलाइन पर रहेगी खास नजर
हाल के दिनों में दूसरी लहर में बाढ़ से बचाव व राहत कार्य में संक्रमण नहीं फैले, इसको लेकर कोरोना गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश जिलाधिकारी उदिता सिंह ने दिया है। उन्होंने राहत कैंपों की जगहों पर बड़ा फ्लैक्सों लगाने को कहा है। ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत शिविर स्थलों के बाबत आसानी से जानकारी मिल सके। उन्होंने इन जगहों पर प्रर्याप्त मात्रा में रोशनी की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है। बाढ़ व कटाव पीड़ितों को रहने में परेशानी नहीं हो, इसको लेकर वर्तमान समय में 22536 पॉलीथीन सीटों का इंतजाम किया गया है। इसमें पीड़ित परिवारों को अस्थाई रूप से शरण मिल सके।

गंगा-गंडक का जलस्तर उफान पर
गंडक और गंगा नदियों का जलस्तर उफान पर है। पिछले 24 घंटों में गंडक नदी के जलस्तर में काफी तेजी से वृद्धि हुई है। लालगंज में गंडक नदी खतरे के लाल निशान से महज सवा मीटर नीचे है। वहीं, वैशाली के रेवा घाट के पास भी जलस्तर काफी तेजी से बढ़ा है। हाजीपुर में भी पिछले 24 घंटे के दौरान जलस्तर में काफी इजाफा हुआ है। गंगा नदी में गांधी घाट के पास भी पिछले 24 घंटे के दौरान लगभग 80 सेंटीमीटर वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, वैशाली जिले के बॉर्डर हसनपुर घाट के पास गंगा नदी में पिछले 24 घंटे के दौरान लगभग 30 सेंटीमीटर जलस्तर में वृद्धि हुई है। इस दौरान अभियंताओं, अंचलाधिकारियों, सभी बीडीओ, सभी थानाध्यक्षों को तटबंध की सुरक्षा और बाढ़ से बचाव के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। साथ ही तटबंध की सुरक्षा के लिए चौकीदार और पुलिसकर्मियों की तैनाती करने का निर्देश दिया है। अभियंताओं को बचाव कार्य एवं तटबंधों की सुरक्षा की तकनीकी तैयारी दुरुस्त रखने का भी निर्देश दिया है।

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