वैक्सीन लगी नहीं, मिल गया सर्टिफिकेट:दूसरा डोज लिया नहीं, लेकिन आ गया मैसेज; अब परेशानी ये दूसरा डोज लें तो कैसे?

पटना24 दिन पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर।
  • पटना की शिक्षिका के साथ स्वास्थ्य विभाग का अजब खेल

पटना में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। 43 वर्षीय नम्रता चौधरी को कोरोना वैक्सीन का दूसरा टीका लगा नहीं, लेकिन उन्हें इसका सर्टिफिकेट मिल गया है। परेशान नम्रता ने इसे लेकर भास्कर संपर्क किया है। नम्रता इस बात से परेशान हैं कि अब वो दूसरा डोज लें तो कैसे।

दूसरा डोज लगा नहीं, टीकाकरण पूरा होने का आ गया सर्टिफिकेट

पेशे से स्कूल टीचर नम्रता चौधरी परेशान हैं। परेशानी की वजह है स्वास्थ्य विभाग का वो कारनामा जिसकी वजह से अब वो अपने वैक्सीनेशन का दूसरा डोज नहीं ले पा रही हैं। नम्रता ने अब इसे लेकर भास्कर से संपर्क किया। उन्होंने भास्कर से अपना वह सर्टिफिकेट भी साझा किया है, जिसके मुताबिक 2 अक्टूबर 2021 को अपना दूसरा डोज ले लिया है। नम्रता की मानें तो ये पूरी तरह से गलत है। उनके मुताबिक सर्टिफिकेट में उनके फर्स्ट डोज लेने की तारीख तो सही दी गई है, लेकिन सेकंड डोज लेने की बात बिल्कुल झूठी है। सर्टिफिकेट के अनुसार उन्होंने अपना पहला डोज 23 जून 2021 को लिया था। उन्होंने कोवैक्सीन का डोज लिया था।

नम्रता बतातीं है कि इससे पहले कि वो अपना वैक्सीनेशन का दूसरा डोज लेतीं, उन्हें कोरोना हो गया। जिसकी वजह से उनका वैक्सीनेशन महीनों टल गया। अभी वो दूसरा डोज लेने का सोच ही रही थीं कि उनके मोबाइल नंबर पर उन्हें उनके दूसरा डोज पूरा होने का मैसेज मिल गया। नम्रता अब ये नहीं समझ पा रही हैं कि वो वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर किस आधार पर अपना दूसरा डोज लें।

इससे पहले भी सामने आ चुके हैं मामले

ये पहला मामला नहीं जब वैक्सीन लिए बिना ही लोगों को वैक्सीनेशन पूरा होने का मैसेज आया हो। इससे पहले पूर्णिया और पटना में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। पू्र्णिया के एक मामले में तो दूसरा टीका लगवाने का मैसेज ऐसी महिला के लिए आया था, जिसकी एक महीने पहले ही मौत हो चुकी थी। नम्रता को ये मैसेज तब आया था जब देश तेजी से 100 करोड़ टीकाकरण की ओर बढ़ रहा था। 21 अक्टूबर को देश ने 100 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य पूरा भी कर लिया है।

नम्रता और उनके पति विनीत के मुताबिक टारगेट पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने इस तरह की लापरवाही की है। नम्रता कहती हैं, जब शुरू में इस बात का इंतजार करती रहीं कि फर्स्ट डोज की तरह ही जब सेकंड डोज को लेकर फीडबैक कॉल आएगा तो वह इस लापरवाही की शिकायत करेंगी पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।