कोरोना से मौत में सरकार फिर एक्सपोज:बिहार सरकार को पता ही नहीं था मौत का आंकड़ा, घर वालों ने दी जानकारी

पटना10 महीने पहले
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  • 9 जून 2021 को भी ऐसे ही एक बार में 3,591 मौतों को जोड़कर सरकार ने बढ़ाया था आंकड़ा

कोरोना में मौत के आंकड़ों से सरकार का मैनेजमेंट एक बार फिर एक्सपोज हो गया है। सरकार को मौत का सही फीगर पता ही नहीं था और राहत के दावे किए जा रहे थे। पीड़ित परिवारों ने जब कोरोना से मौत का प्रमाण दिया तो सरकार एक्सपोज हो गई और उसे मौत के आंकड़ों में सुधार करना पड़ा। 24 घंटे में ही मौत का आंकड़ा 9,664 से 12,089 पहुंच गया है। सरकार पहले भी आंकड़ों में एक साथ संख्या बढ़ा चुकी है। 9 जून 2021 को भी एक साथ 3,591 मौत का आंकड़ा सामने आया था।

24 घंटे में 2,424 बढ़ा दिया मौत का आंकड़ा

बिहार में कोरोना से मौतों का आंकड़ा शुक्रवार को एक ही दिन में 2,424 बढ़ा दिया गया है। 2 दिसंबर तक राज्य में कोरोना से हुई कुल मौतों की संख्या 9,664 थी, जो 3 दिसंबर को 12089 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले डेढ़ साल के अंदर कोरोना से मौतों के जो भी आवेदन आए थे, उसकी जांच कर आंकड़े अपडेट किए गए हैं। सरकार के इस दावे ने यह साफ कर दिया है कि राज्य में कोरोना से लोग मरते रहे और सरकार को इसकी जानकारी तक नहीं हो पाई। यही कारण है कि घर वालों को आवेदन देकर मौत दर्ज करानी पड़ी है।

सवालों के घेरे में सिस्टम

मौत के आंकड़ों को लेकर सिस्टम सवालों के घेरे में है। मौत के आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि सरकार के जो भी दावे थे, वह जमीनी हकीकत से परे रहे। सरकार का दावा था कि कोरोना काल में एम्बुलेंस और ऑक्सीजन के साथ बेड की कोई कमी नहीं थी। सरकार ने यह भी दावा किया था कि संसाधन के अभाव में कोई भी मौत नहीं हुई, लेकिन ऐसे दावों की हकीकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकार को मौत के बारे में भी जानकारी नहीं हो पाई। जबकि, कॉल सेंटर से लेकर पूरी व्यवस्था बनाई गई थी, जिससे लोगों को ट्रेस करने के साथ ट्रैक कर लिया जाए। अब मौत से बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

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