दस्तावेजों का डिजिटाइज्ड:जमीन के सरकारी दस्तावेज डिजिटाइज्ड किए जाएंगे, खराब हो रहे कागजात संरक्षित होंगे

पटना8 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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  • बिहार राज्य अभिलेखागार निदेशालय से तकनीकी सहयोग लिया जा रहा

राज्य के जमीन संबंधी सारे दस्तावेज को डिजिटाइज्ड किया जाएगा। राज्स्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सबसे पहले चकबंदी निदेशालय को अपने दस्तावेजों को डिजिटाइज्ड एवं स्कैन कराने को कहा है। इसी के आधार पर पूरे विभाग एवं बाकी निदेशालयों के भूमि संबंधी दस्तावेजों की स्कैनिंग एवं डिजिटाइज्ड किया जाएगा। बिहार राज्य अभिलेखागार निदेशालय से तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है।

अभिलेखागार निदेशालय ने बताया कि जीर्ण-शीर्ण और पुराने अभिलेखों का डिजिटाइजेशन और संरक्षण कैसे होगा। निदेशालय ने बताया कि वर्ष 1770 एवं उसके बाद के जीर्ण-शीर्ण अभिलखों का डिजिटाइजेशन और संरक्षण किया जा रहा है। बेतिया, दरभंगा व भागलपुर के अभिलेखों का डिजिटाइजेशन का काम पहले किया जाना है। विभाग ने इसके लिये वरीय शोध पदाधिकारी संजय कुमार सिंह को नोडल पदाधिकारी बनाया है।

इनका स्कैनिंग एवं डिजिटाइजेशन किया जाना है

कैडेस्ट्रल सर्वे खतियान, रिविजनल सर्वे खतियान एवं चकबन्दी खतियान, नामांतरण पंजी, नामांतरण अभिलेख, शुद्धि पत्र की मौजावार रक्षी पंजी, भूमि बंदोबस्त पंजी, भूमि हदबंदी, वासगीत पर्चा एवं सरकारी भूमि से संबंधित पंजी एवं अभिलेख शामिल है। ऐसे दस्तावेजों की कुल संख्या- 28 है, जिनका डिजिटाईजेशन एवं स्कैनिंग किया जाना है।

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