तीसरी लहर के पीक को लेकर कंफ्यूजन में सरकार:वायरस के म्यूटेशन और नेचर पर साफ-साफ नहीं बोल पा रहे स्वास्थ्य विभाग के अफसर

पटना5 महीने पहले
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हर किसी की जुबान पर बस एक सवाल है, कोरोना की पीक कब आएगी? डर और घबराहट के बीच लोगों के इस सवाल का जवाब सरकार के पास भी नहीं है। सरकार पूरी तरह से कंफ्यूजन में है। वायरस का ट्रेंड बता रहा है कि कोरोना से राहत है, लेकिन इसके नेचर और म्यूटेशन से अफसर भी चुप्पी साधे हैं। देश के कई राज्यों को कोरोना का बढ़ता ग्राफ संक्रमण कम होने के बाद भी सरकार को चिंता में डाल रखा है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी संक्रमण के ट्रेंड की बात कर रहे हैं। लेकिन पीक के सवाल पर चुप्पी साध जा रहे हैं। ऐसे में पीक को लेकर आम लोगों के सवाल का जवाब नहीं मिल रहा है। अब सब कुछ वायरस के म्यूटेशन और नेचर पर छोड़ दिया गया है।

जानिए क्या कहता है कि वायरस का ट्रेंड
तीसरी लहर में वायरस का ट्रेंड किसी को समझ में नहीं आ रहा है। राज्य में लगातार ओमिक्रॉन के मामले आने के बाद भी संक्रमण को लेकर कोई स्टडी काम नहीं आ रही है। एक जनवरी 2022 को राज्य में मात्र 281 नए मामले आए थे। 14 जनवरी तक नए संक्रमण का आंकड़ा खूब तेजी से बढ़ा। एक दिन में 14 जनवरी को 6541 नए मामलों ने डरा दिया। 15 जनवरी से फिर संक्रमण का ग्राफ गिरना शुरु हो गया, 15 जनवरी को 6325 नए मामले आए। दूसरे दिन 16 जनवरी को 5410 नए मामले आए और 21 जनवरी को नए मामलों का आंकड़ा 3009 पहुंच गया।

1.52 लाख जांच में 3009 नए केस
21 जनवरी को राज्य में 152728 लोगों की कोरोना जांच कराई गई है। इसमें 3009 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बिहार में पॉजिटिविटी रेट भी घटकर 1.97% पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत का कहना है कि वायरस का ट्रेंड बता रहा है कि कोरोना का संक्रमण डाउन फाल की तरफ है।

बताया कि इस कंडीशन का ट्रेंड बता रहा है कि संक्रमण डिक्लाइनिंग की तरफ है। ऐसे ट्रेंड को लेकर बस यही कहा जा सकता है कि कोरोना अब कम होकर राहत का संकेत दे रहा है। लेकिन तीसरी लहर के पीक को लेकर कोई कुछ नहीं बोल रहा है। अपर मुख्य सचिव का कहना है कि पीक का कुछ नहीं कहा जा सकता है, वायरस का ट्रेंड तो डाउन हो रहा है, लेकिन इसका नेचर व म्यूटेशन हमेशा खतरा बढ़ाता है।

जानिए क्यों नहीं कोई पीक पर खोल रहा मुंह
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से लेकर सरकार तक कोई कुछ भी नहीं बोल रहा है। इसके पीछे बस एक ही कारण है कि कोरोना देश में अभी शांत नहीं पड़ा है। ऐसे में कोई भी अधिकारी कुछ भी नहीं बोल रहा है। वायरस कम होकर भी अचानक से बढ़ सकता है। इसका नेचर भी यही है, कभी भी म्यूटेट होकर यह तांडव मचा सकता है। स्वास्थ्य विभाग यह कह रहा है कि वायरस का ट्रेंड सुखद संकेत दे रहा है, लेकिन पीक को लेकर अफसर कुछ नहीं बोल रहे हैं।

10 दिनों तक ट्रेंड पर होगी स्टडी
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत का कहना है कि कोरोना को लेकर सरकार की सख्ती और लोगों के सहयोग से संक्रमण पर काबू पाया जा सका है। वायरस के ट्रेंड को लेकर अपर मुख्य सचिव का कहना है कि 10 दिनों तक वायरस के ट्रेंड पर स्टडी किया जाएगा। अगर यही ट्रेंड मेंटेन रहेगा तो मान लिया जाएगा कि अब कोरोना से पूरी तरह से राहत है। उनका कहना है कि वायरस का ट्रेंड घटते रहे इसके लिए लोगों को सहयोग करना होगा। सजग रहना होगा मास्क लगाना होगा और सोशल डिस्टेंस के नियम का पालन करना होगा। वैक्सीनेशन का महत्व भी पता चल गया है, अब लोगों को वैक्सीनेशन पर पूरा ध्यान देना होगा।