मरीजों का हाेने लगा रजिस्ट्रेशन:आईजीआईएमएस में अब हाेगा हार्ट ट्रांसप्लांट, महज 1 से 1.5 लाख रुपए होंगे खर्च

पटना3 महीने पहलेलेखक: अजय कुमार सिंह
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आईजीआीएमएस में जल्द ही हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा बहाल होगी। इसके लिए कार्डियोथोरेसिक विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। अब सिर्फ अनुमति मिलने का इंतजार है। बुधवार को तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम हार्ट ट्रांसप्लांट यूनिट का निरीक्षण करेगी। इस टीम में दिल्ली एम्स, पीजीआई चंडीगढ़, पटना एम्स और स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ रहेंगे।

विभाग करीब 600 ओपन हार्ट सर्जरी करने के बाद अब हार्ट ट्रांसप्लांट करने जा रहा है। इसके लिए कार्डियोथोरेसिक सर्जन के साथ डॉक्टरों की टीम भी गठित कर ली गई है। विभाग के हेड डॉ. शील अवनीश के मुताबिक राज्य का यह पहला सरकारी संस्थान है जहां हार्ट ट्रांसप्लांट शुरू होने जा रहा है।

प्राइवेट अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट कराने पर 25 से 30 लाख रुपए खर्च होते हैं। आईजीआईएमएस में सिर्फ 1 से 1.5 लाख रुपए खर्च होंगे। इससे पहले दो ब्रेनडेड मरीज का हार्ट आईजीआईएमएस से कोलकाता भेजा जा चुका है। हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद जिस केबिन में मरीज रहेंगे उसकी व्यवस्था हो गई है।

60 की उम्र तक ही ट्रांसप्लांट सफल
पूरी तरह से हार्ट फेल हो जाने पर ही ट्रांसप्लांट की नौबत आती है। जब दवा से मरीज को मैनेज करना संभव नहीं होता, तब ट्रांसप्लांट ही उपाय बच जाता है। अमूमन 14 से 60 साल से कम उम्र के मरीजों में ट्रांसप्लांट के बेहतर नतीजे मिलते हैं। इसी उम्र के मरीजों को हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए चिह्नित किया जाता है। इसके लिए ब्रेनडेड मरीज से हार्ट लिया जाता है।

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