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फिलहाल अध्यादेश पर रोक नहीं:पंचायती राज अध्यादेश पर केेंद्र व राज्य सरकार से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

पटना5 दिन पहले
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पटना हाईकोर्ट ने पंचायती राज अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र व राज्य सरकार के साथ केंद्रीय निर्वाचन आयोग तथा राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब तलब किया है, लेकिन फिलहाल अध्यादेश पर रोक नहीं लगाया है। कोर्ट ने कहा कि इस याचिका में संवैधानिक मुद्दों को उठाया गया है, इसलिए सभी पक्षों से जवाब तलब किया जा रहा है।

चीफ जस्टिस संजय करोल तथा जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने एडवोकेट प्रियंका सिंह की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई की। वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा ने याचिकाकर्ता की ओर से अपनी दलील में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243(ई) का उल्लंघन कर अध्यादेश जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा को कानून बनाने का अधिकार ही नहीं है तो राज्य सरकार अध्यादेश कैसे जारी कर सकती है?

यह असंवैधानिक है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अध्यादेश को मंजूरी दी, जो संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इसलिए इस अध्यादेश को रद्द कर तुरंत चुनाव कराने का निर्देश राज्य निर्वाचन आयोग को दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अध्यादेश के जरिए जिस एडवाइजरी बोर्ड का गठन किया गया है, वह लोकल बॉडीज व्यवस्था को संचालित नहीं कर सकती है।

15 जुलाई काे हाेगी अगली सुनवाई
महाधिवक्ता ललित किशोर ने कहा कि राज्य सरकार समय पर चुनाव कराने के लिए तैयार थी। लेकिन असामान्य परिस्थितियों के कारण चुनाव नहीं हो सका। उन्होंने अध्यादेश को पूरी तरह कानून सम्मत बताया और कहा कि इस याचिका में कोई दम नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से एडवोकेट अमित श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि दिसंबर,2020 में ही चुनाव कराने की तैयारी शुरू हो चुकी थी।

लेकिन, समय पर केंद्रीय चुनाव आयोग ने ईवीएम मशीन के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिया। वह मामला भी पटना हाईकोर्ट में लंबित है। उनके अनुरोध पर चीफ जस्टिस ने उस मामले की सुनवाई भी इसी के साथ करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 15 जुलाई को हाेगी।

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