नीतीश के 'सपने' को रोकने की मुहिम:NDA से अलग हुए तो BJP ने 4 जगह JDU को तोड़ा, अब बिहार पर निगाहें

पटना2 महीने पहलेलेखक: बृजम पांडेय
फाइल फोटो।

भले JDU बिहार में सत्तारुढ़ दल हो। इसके नेता बिहार के CM हों। लेकिन, इनदिनों बदले राजनीतिक परिवेश में JDU टूट रही है। हालांकि CM नीतीश कुमार ने अपनी महत्वकांक्षा को सर्वोपरि रखते हुए NDA से नाता तोड़ा और देश भर में विपक्षी एकता को एक मंच पर लाने की मुहिम शुरु कर दी है। नीतीश कुमार ने इसको लेकर दूसरे राज्यों के प्रमुख नेताओं से मुलाकात भी की है।

जब नीतीश कुमार इस मुहिम पर निकले तो उनकी पार्टी दूसरे राज्यों में सिमटने लगी। यहां तक कि काफी मेहनत से नॉर्थ इस्ट में JDU ने अपने संगठन को खड़ा किया था, वहां से पूरी पार्टी टूट गई। दूसरी तरफ कहीं स्थानिय निकायों में जहां JDU ने कुछ सीटें जीती भी हैं, वहां से भी JDU टूटने लगी है।

JDU को कोई और नहीं बल्कि BJP तोड़ रही है। जिन-जिन राज्यों में JDU का संगठन है, वहां BJP सेंध लगा रही है। NDA से अलग होने के बाद अब तक चार जगहों पर BJP ने JDU को तोड़ा है।

नीतीश के 'मिशन प्रधानमंत्री' को रोकने के लिए सब हो रहा?
बिहार में अब तक JDU कभी नहीं टूटी है। लेकिन, JDU के महागठबंधन के शामिल होने के बाद जिलों के कई प्रमुख नेता अपनी पार्टी को अलविदा कह रहे हैं और BJP में शामिल हो रहे हैं. यही वजह है कि इन दिनों JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह बिहार में घूम-घूम कर जनसंवाद चला रहे हैं और लोगों से अपील कर रहे हैं कि वो नीतीश कुमार के साथ रहें। कह रहे हैं कि नीतीश कुमार देश के नेता हैं। इसके बावजूद कई इलाकों से JDU के नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। जरा नजर डालते हैं JDU को BJP ने कब-कब तोड़ा है -

  • JDU को पहला झटका तब लगा जब बिहार में BJP के साथ मिलकर सरकार चला रही थी। उसी समय अरुणाचल प्रदेश में BJP ने JDU को करारा झटका देते हुए पार्टी के 7 में से 6 विधायकों को शामिल करा लिया। हालांकि उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अरुणाचल प्रदेश में पार्टी की टूट को ज्यादा महत्व नहीं दिया। वहीं जब JDU महागठबंधन में चली गई तो 25 अगस्त 2022 को अरुणाचल प्रदेश के JDU के एकमात्र विधायक तेकी कासो भी BJP में शामिल करा लिए गए।
  • अभी JDU अरुणाचल प्रदेश के गम से उभरी भी नहीं थी कि मणिपुर JDU के 6 में से 5 विधायकों ने BJP का दामन थाम लिया। JDU के पांच विधायकों ने जेपी नड्डा की उपस्थिति में BJP की सदस्यता ली। ये उस समय हुआ जब JDU पटना में राष्ट्रीय कार्यकारणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक कर रही थी।
  • BJP ने JDU को फिर से तगड़ा झटका दिया। दमन और दीव JDU की पूरी यूनिट BJP से जा मिली। BJP ने ट्वीट करके बताया कि 'दमन और दीव के जेडीयू के 17 में से 15 जिला पंचायत सदस्य व प्रदेश जेडीयू की पूरी यूनिट भाजपा में शामिल हो गई। नीतीश कुमार की ओर से बिहार में विकास को गति देने वाली भाजपा का साथ छोड़कर बाहुबली, भ्रष्ट व परिवारवादी पार्टी का साथ देने के विरोध में यह कदम उठाया गया है।'
  • नीतीश कुमार को एक और झटका लगा, जब दादरा और नगर हवेली व दमन दीव में एक दर्जन से ज्यादा JDU नेताओं ने BJP का दामन थाम लिया। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में स्थानीय निकायों के कई चुने हुए सदस्यों ने JDU का साथ छोड़ दिया और औपचारिक रूप से BJP में शामिल हो गए।
  • बिहार के कटिहार, मुजफ्फरपुर सहित कई इलाकों के JDU नेताओं ने BJP का दामन थाम लिया है। चुनाव के नजदीक आते-आते यह फेहरिस्त लंबी हो सकती है। वहीं, विपक्ष के नेता विजय सिन्हा ने दावा किया है कि JDU के कई विधायक BJP के संपर्क में हैं। जैसे ही मौका मिलेगा वो BJP में शामिल हो जाएंगे।

'BJP के खिलाफ नीतीश की मुहिम के बाद ये तो होना ही था'
BJP नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि NDA से अलग होने के बाद नीतीश कुमार पर JDU के नेता विश्वास नहीं कर रहे हैं। धीरे-धीरे अब वो BJP में शामिल हो रहे हैं। वो वक्त दूर नहीं जब लालू यादव JDU को तोड़ देंगे और अपनी पार्टी में विलय कर लेंगे। उसमें भी कुछ BJP में भी शामिल हो जाएंगे।

वहीं, वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय कहते हैं कि BJP एक ऱाष्ट्रीय पार्टी है। उसमें नेताओं को अपना भविष्य दिखता है। जिस तरह से नीतीश कुमार ने BJP के खिलाफ मुहिम छेड़ा है, उसके बाद ये तो होना ही था। जहां संगठन है वहां BJP, JDU को तोड़ेगी। अब तो बिहार में भी JDU के नेता BJP में शामिल होने लगे हैं। यह नीतीश कुमार के 'मिशन प्रधानमंत्री' में सबसे बड़ी बाधक बनेगी।

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