भास्कर की खबर के बाद मिलर स्कूल का प्लेग्राउंड चकाचक:पूरे मैदान की सफाई कराई गई, कचरे के ढेर और इमारतों के मलबे हटाए गए

पटनाएक वर्ष पहले
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सफाई होते ही बच्चों से गुलजार हो गया मैदान। - Dainik Bhaskar
सफाई होते ही बच्चों से गुलजार हो गया मैदान।

पटना के मिलर हाई स्कूल के प्ले ग्राउंड की साफ-सफाई कराई गई है। भास्कर ने इसकी बदहाली से जुड़ी खबर 31 मार्च को प्रकाशित की थी, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने यह कदम उठाया है। भास्कर ने दिखाया था कि स्कूल के प्ले ग्राउंड की कैसी बदहाल स्थिति हो गई है। यहां टूटी हुई सड़कों, घरों का मलबा तथा अन्य तरह का कूड़ा-कचरा फेंका जा रहा था। इससे बच्चों को खेलकूद में कठिनाई हो रही थी। खबर सामने आने के बाद पूरे प्ले ग्राउंड को साफ कराया गया है।

मिलर हाई स्कूल में वर्ग 11 और वर्ग 12 मिलाकर एक हजार से ज्यादा स्टूडेंट पढ़ने आते हैं। फिर भी राजधानी में होने के बावजूद प्ले ग्राउंड पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा था। भास्कर ने स्कूल के प्रिंसिपल आजाद चंद्रशेखर प्रसाद चौरसिया और जिला शिक्षा पदाधिकारी नीरज कुमार से भी बात की थी। उन्होंने तब जांच कराने की बात कही थी। प्रिंसिपल ने भी ठेकेदार को जल्द से जल्द काम पूरा करने का निर्देश दिया है। प्ले ग्राउंड में स्कूल के सामने की तरफ दो गेट लगाए जाने हैं। एक बड़ा और एक छोटा।

अब साफ-सुथरा हो गया है स्कूल का मैदान।
अब साफ-सुथरा हो गया है स्कूल का मैदान।

जिस कंपनी को यह काम करना है उसके जनरल मैनेजर ने बताया कि प्ले ग्राउंड में पूरब की तरफ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत दीवार बना दी गई है। यह दीवार फुटपाथ बनने की वजह से सड़क की ओर से अब चार-साढ़े चार फीट की हो गई है। जबकि, ग्राउंड की तरफ से पांच फीट की। पूरब की तरफ एक गेट की जगह भी छोड़ दी गई है। पूरब की तरफ छह फीट की दीवार बनानी है, उस पर तीन फीट ऊंचा ग्रिल भी लगाना है। लेकिन स्मार्ट सिटी योजना के तहत काम हो जाने से उस पर दीवार बनाने में दिक्कत आ रही है। इस तकनीकी बाधा से मिलर स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षा विभाग को भी अवगत करा दिया गया है। विभाग क्या समाधान देता है इसका इंतजार किया जा रहा है।

बताया यह भी गया कि स्मार्ट सिटी को पहले ही दीवार के लिए NOC दिया गया था। पूरब की तरफ दीवार का यह पेंच फंस जाने के बाद चहारदीवारी का पूरा निर्माण कार्य ही अधर में है। बाहरी लोग जब तब प्ले ग्राउंड में आ-जा रहे हैं। अब रास्ता यह है कि जिस ऊंचाई तक स्मार्ट सिटी योजना के तहत पूरब में दीवार दी गई है उसके ऊपर दीवार देते हुए उसे छह फीट ऊंची की जाए और फिर उस पर तीन फीट ग्रील भी लगाया जाए। इसके लिए विभागीय स्वीकृति देनी होगी। यह JDU ऑफिस के ठीक बगल में है। शिक्षा मंत्री विजय चौधरी JDU कोटे से ही हैं।