काली कमाई से बनाया पति का पल्स हॉस्पिटल:IAS पूजा के साम्राज्य पर ED की नजर, मनरेगा घोटाले से हॉस्पिटल तक पहुंचा जांच का दायरा

पटना8 दिन पहले

झारखंड की सीनियर IAS पूजा सिंघल के कई काले कारनामों की जानकारियां ED के हाथ लगी हैं। मनरेगा घोटाले की पूछताछ से शुरू हुई जांच की प्रक्रिया अब पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के पल्स हॉस्पिटल की तरफ शिफ्ट हो गई है। सूत्रों की मानें तो पूजा से पूछताछ के क्रम में कई हैरान करने वाले फैक्ट सामने आए हैं। इसके अलावा भी पूजा के पति के इस हॉस्पिटल में कई झोल हैं जिसकी जानकारी हम आपको यहां दे रहे हैं।

इस दौरान कई डॉक्यूमेंट भी जब्त किए गए हैं। ED इसे अगले सप्ताह झारखंड हाईकोर्ट के समक्ष पेश करेगी। ऐसा माना जा रहा है कि पूजा सिंघल की सारी काली कमाई पति के पल्स हॉस्पिटल को तैयार करने में खपाया गया है। इसके लिए जमीन खरीदने से लेकर बिल्डिंग बनाने और मशीन की खरीदारी तक में 80-90 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इनमें ज्यादातर लेन-देन कैश में हुए हैं।

जिस जमीन की खरीद-बिक्री नहीं हो सकती उस पर अस्पताल
बरियातू रोड स्थित जिस जमीन पर बना पूजा के पति अभिषेक झा का पल्स हॉस्पिटल है वह भुईहरी जमीन है। पूरी 33 डिसमिल जमीन भुईहरी है। इसकी खरीद-बिक्री नहीं हाे सकती। इसके बावजूद नगर निगम ने इस पर हॉस्पिटल का नक्शा पास कर दिया, वह भी बिना म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के ही।

बरियातू रोड स्थित पूजा के पति अभिषेक झा का पल्स अस्पताल।
बरियातू रोड स्थित पूजा के पति अभिषेक झा का पल्स अस्पताल।

पूजा के सास पर भी खरीदी गई है जमीन
पल्स संजीवनी हेल्थ केयर प्रा लि ने 38.04 डिसमिल जमीन पर अस्पताल बनाया है। इसमें 36.39 डिसमिल जमीन पंचवटी बिल्डर, निदेशक रवि कुमार सरावगी ने रांची सर्कुलर रोड गृह निर्माण सहयोग समिति से ली थी। समिति के अध्यक्ष पुष्पा रुंगटा एवं सचिव सुनील रुंगटा (मां-बेटा) ने 30 जुलाई 2016 को यह जमीन रवि कुमार सरावगी को बेच दी थी। वहीं, प्लॉट के कोने (बूटी रोड-हरिहर सिंह रोड) की 1.65 डिसमिल जमीन अभिषेक झा की मां अमिता झा के नाम है।

दिसंबर 2019 को हॉस्पिटल की जगह भवन बनाने की थी अनुमति
नगर निगम के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि अगर किसी भी जमीन पर नगर निगम से भवन बनाने की अनुमति मिल चुकी है। लेकिन भवन बनाने से पूर्व ही अगर वह जमीन किसी दूसरे को बेच दी गई, तो उस जमीन पर भवन बनाने के लिए नए सिरे से अनुमति लेनी होगी। 29 दिसंबर 2019 को नगर निगम कमिश्नर ने आलोक कुमार सरावगी के नाम भवन निर्माण के लिए अनुमति पत्र जारी किया था।