IPL-15 में 15.25 करोड़ में बिके ईशान की कहानी:क्रिकेट के लिए स्कूल से निकाले गए; कार से ऑटो की टक्कर के बाद पटना में भीड़ ने पीटा था

​​​​​​​पटना6 महीने पहले

विकेट कीपर बल्लेबाज ईशान किशन शनिवार को IPL-15 में 15 करोड़ 25 लाख में बिकने वाले आज के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए। पिछली बार 6.20 करोड़ रुपए बोली लगी थी।

कभी अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया की कप्तानी कर चुके पटना के ईशान किशन को बचपन में क्रिकेट के कारण स्कूल से निकाल दिया गया था। हालांकि बाद में उन्होंने क्रिकेट के साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी पूरी की।

तस्वीरों में देखिए ईशान किशन के घर को

एक बार पटना में ईशान की कार से एक ऑटो की टक्कर हो गई थी। घटना में 4 लोग मामूली रूप से जख्मी हो गए थे। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने ईशान को पहचाना नहीं था और भीड़ ने उनकी पिटाई कर दी थी। हालांकि बाद में मौके पर पहुंची कंकड़बाग पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया था।

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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में निखरा और उन्हें अंडर-19 टीम की कप्तानी का मौका मिला था।
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में निखरा और उन्हें अंडर-19 टीम की कप्तानी का मौका मिला था।

पटना स्थित बेली रोड के आशियाना में में 7 साल की उम्र में ही बल्ला पकड़ने वाले ईशान बेहतरीन विकेट कीपर बैट्समैन हैं। वे झारखंड की ओर से रणजी खेलते थे। ईशान का टैलेंट कोच और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में निखरा और उन्हें अंडर-19 टीम की कप्तानी का मौका मिला था।

ईशान पटना के दिल्ली पब्लिक स्कूल के स्टूडेंट थे। इस दौरान क्रिकेट के प्रति उनका जुनून ऐसा था कि वे पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते थे। उनके इस जुनून के चलते वे पढ़ाई में पीछे हो गए थे, जिसके बाद उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था।

ईशान किशन।
ईशान किशन।

बड़े भाई ने ईशान के लिए त्याग दिया क्रिकेट करियर
बात 15 साल पहले की है। स्कूल गेम फेडरेशन की बिहार टीम मुंबई खेलने के लिए गई थी। इस टीम में दो भाई सिलेक्ट हुए थे। बड़े भाई ओपनर थे इसलिए प्रदर्शन कर पाए। जबकि छोटे भाई को मौका ही नहीं मिला। छोटे भाई को थोड़ी निराशा हुई, लेकिन उस निराशा को बड़े भाई ने बाद में क्रिकेट से त्याग देकर दूर कर दिया।

यह कहानी है बिहार के क्रिकेटर ईशान किशन और उनके बड़े भाई राज किशन की। तब ईशान की उम्र 9 साल थी। राज किशन अच्छे खिलाड़ी थे। राज किशन ने बताया कि दोनों भाई क्रिकेट खेलते थे, लेकिन छोटे भाई का क्रिकेट के प्रति पूरा डिवोशन था। बेहतर करने की क्षमता थी।

बेटे की उपलब्धि पर जश्न मनाता ईशान किशन का पूरा परिवार।
बेटे की उपलब्धि पर जश्न मनाता ईशान किशन का पूरा परिवार।

लिहाजा, छोटे भाई ईशान को आगे बढ़ाने का तय किया। जबकि खुद पढ़ाई को आगे बढ़ाया। राज और ईशान के बीच त्याग और दोस्ती की मिसाल है। बड़े भाई राज किशन डॉक्टर और छोटे भाई ईशान देश लिए क्रिकेट खेलते हैं। राज किशन भी स्टेट लेवल पर क्रिकेट खेल चुके हैं।

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