रणनीति के तहत UP चुनाव में उतरेगी JDU:जातीय जनगणना, स्पेशल स्टेटस की मांग पर उग्र होगी पार्टी, बिहार MLC चुनाव पर पड़ेगा असर

पटना7 महीने पहले
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UP विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में कहीं बड़ा खेल ना हो जाए, इसके संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। UP में BJP की तरफ से JDU को तरजीह नहीं मिलने के बाद यह संभावना तेज हो गई है। इसका असर बिहार की सरकार पड़ना लाजिमी है। JDU की पूरी इच्छा थी कि वो वहां NDA का हिस्सा होकर चुनाव लड़े, लेकिन चुनाव की घोषणा होने के बाद भी भाजपा ने जदयू से कोई बात नहीं की। इसके बाद नीतीश कुमार की पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। JDU 51 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। ऐसे में कुछ अहम मुद्दे हैं जिस पर असर पडे़गा। इसको लेकर बिहार की सत्तारूढ़ दल अब कई मसलों पर उग्र होगा।

जातीय जनगणना को लेकर जोर-शोर से तैयारी करेगी

जिस तरह से UP में भाजपा ने पेंच फंसाया है। JDU अब बिहार में उसके लिए गले की फांस बन जाएगी। उसे ना उगलते बनेगा और ना निगलते बनेगा। पहला पेंच फंसेगा जातीय जनगणना पर, इसको लेकर JDU काफी उग्र मुहिम चलाएगी। जिस तरह से RJD ने CM नीतीश कुमार से मिलकर जातीय जनगणना को कराने की मांग की और नीतीश ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है, यह भाजपा के लिए भारी पड़ने वाला है। अब नीतीश कुमार अपने खर्चे पर जातीय जनगणना को अंजाम देंगे और इसमें भाजपा की पूरी तरह से हार होगी, क्योंकि भाजपा ने जातीय जनगणना कराने से इनकार कर दिया है।

बिहार विशेष राज्य के दर्जे पर JDU का आंदोलन और तेज होगा

भले नीति आयोग की तरफ से किसी भी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने को कहा गया है, लेकिन UP प्रकरण के बाद JDU इस मसले को जोर-शोर से उठाएगी। खास तौर पर जब संसद में उसके 16 सांसद हैं और बिहार में मुख्यमंत्री है तो बिहार विशेष राज्य के दर्जे को लेकर हंगामा शुरू हो जाएगा। JDU ने इससे पहले भी इस मसले को लेकर आंदोलन किया था।

यूपी के बाद आएगी बिहार की बारी

बिहार में विधान परिषद के सीटों पर बंटवारा असर पड़ेगा

अब UP के विधानसभा चुनाव का असर यहां के चुनाव पर भी पडे़गा। आने वाले महीने में विधान परिषद का चुनाव होना है। इस चुनाव को लेकर बिहार NDA के सभी दलों में समझौता होने वाला है। अब पेंच वहां फंसेगी, जब JDU बराबर की हिस्सेदारी की मांग करेगा।

दरअसल, 24 सीटों के लिए होने वाला परिषद के चुनाव में 13 सीट पर BJP का सीटिंगहै। ऐसे में BJP में सभी 13 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहेगी। ऐसे में JDU के मुताबिक, बराबर के बंटवारे को लेकर 10 सीट भाजपा, 10 जदयू, 2 हम और 2 वीआईपी को मिलने चाहिए, लेकिन इस बंटवारे को भाजपा मानने वाली नहीं और पेंच यहां फंसने वाला है।

JDU के सूत्र बताते हैं कि अब पार्टी अपने तरीके से काम करना शुरू करेगी। जब भाजपा गठबंधन धर्म नहीं निभा रही है तो JDU पर इसकी जिम्मेदारी नहीं है। JDU अपने अहम मसलों को लेकर काम करना शुरू करेगा। जातीय जनगणना और बिहार के विशेष राज्य के दर्जे को लेकर JDU अपने स्टैंड क्लीयर कर चुकी है। इस पर कहीं से भी पीछे हटने का सवाल नहीं है।

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