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सरकार बोल रही उपाय कर दिया, अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं:भास्कर ने 3 अस्पतालों में पूछा- भर्ती ले रहे? जवाब मिला- नहीं, ऑक्सीजन नहीं है, उदयन तो वेंटिलेटर वाले को भी भगा रहा

पटनाएक महीने पहले
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पटना में ऑक्सीजन गैस की कमी अब भी बरकार है। इसको लेकर किए जा रहे बिहार सरकार और जिला प्रशासन की सारी कवायद फेल होती नजर आ रही है। दो दिन के बाद भी इनके दावे पूरे नहीं होते दिख रहे हैं। राजधानी में हॉस्पिटल्स को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन गैस नहीं मिल पा रही है। इसी वजह से पटना में कोरोना मरीजों के परिवार पर कहर टूटा हुआ है। भास्कर 15 अप्रैल को सामने लाया था कि पटना के 7 हॉस्पिटल NO ENTRY बोल रहे। भास्कर ने ऑक्सीजन संकट के 3 कारण भी बताए, जिसके बाद सरकार ने ऑक्सीजन की उपलब्धता के दावे किए। अब हम बताने जा रहे हैं कि सरकार के इन दावों की हकीकत क्या है?

अपने मरीज को ले जाइए

राजधानी के कई अस्पतालों में मरीज वेंटलिटर पर हैं। उसे ऑक्सजीन की जरूरत है। लेकिन, पटना का नामी और जदयू नेता का हॉस्पिटल जबरन मरीजों को डिस्चार्ज कर रहा है। तीमारदारों को कह रहा है कि आप अपने मरीज को लेकर जाइये। हम अब उनका इलाज नहीं कर सकते, क्योंकि हमारे पास ऑक्सीजन गैस ही नहीं है। यह बात एक नहीं, बल्कि वहां एडमिट कई कोरोना मरीजों के परिवार से हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से कही गई है। इनमें दो पीड़ित परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी बातों को भास्कर के सामने रखा है।

हमारे पास मर जाएंगे 75 मरीज

जो वेंटिलेटर पर हैं, उनके परिजनों पर पहाड़ टूटा

दोनों मरीजों के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पटना के वेस्ट बोरिंग कैनाल रोड में उदयन हॉस्पिटल है। यहां बोरिंग कैनाल रोड इलाके के ही रहने वाले प्रसाद जी का इलाज चल रहा है। वे कोरोना पॉजिटिव हैं। उनका बेटा कोलकाता में रहता है। परिवार ने भी अपने स्तर से ऑक्सीजन गैस सिलेंडर अरेंज करने की कोशिश की, पर नाकमयाब रहे। इन्हें यहां तक कहा गया कि हम बाहर का गैस सिलेंडर नहीं लेंगे। इसी हॉस्पिटल में पाटलिपुत्रा इलाके के रहने वाले एक कोरोना मरीज पिछले 8 दिनों से एडमिट हैं और पिछले 5-6 दिनों से वेंटिलेटर पर हैं। मरीज की हालत गंभीर होने के बाद भी हॉस्पिटल ने मरीज को यहां से ले जाने को कह दिया है। अब परिवार के लोगों को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है कि वे करें क्या?

नए मरीजों को एडमिट नहीं किया जा रहा

ताजा हालात जानने के लिए भास्कर ने उदयन हॉस्पिटल के लैंड लाइन नंबर 0612 2557550 पर शनिवार की शाम 4 बजकर 50 मिनट पर कॉल किया। कॉल रिसीव करने वाले ने इस बात की पुष्टि की कि ऑक्सीजन गैस की सप्लाई उन्हें नहीं हो रही है। इस कारण एडमिट मरीजों को जाने के लिए कहा गया है। साथ ही कोरोना के नए मरीजों को वहां एडमिट नहीं किया जा रहा है।

हाईटेक हॉस्पिटल में अब भी बंद है एंट्री
सगुना मोड़ के पास स्थित हाईटेक हॉस्पिटल में अभी भी कोरोना के नए मरीजों की एंट्री बंद है। पिछले तीन दिनों से वहां कोरोना के गंभीर मरीजों को एडमिट लिया ही नहीं गया। इस अस्पताल की क्षमता कोरोना के 30 मरीजों को एडमिट करने की है। वर्तमान में 24 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें 5 ICU में और दो वेंटिलेटर पर हैं। इनके लिए ऑक्सीजन गैस उपलब्ध करवा पाना बहुत कठिन हो रहा है। मैनेजर अभय पांडेय के अनुसार, गैस की सप्लाई में अभी तक कोई सुधार नहीं है। आज ही दानापुर के DCLR रवि प्रकाश से बात हुई। वे खुद जगदेव पथ में गंगोत्री गैस एजेंसी गए थे। वेंडर के पास गए और उसकी क्लास भी लगाई। आज सुबह से मात्र 28 सिलेंडर मिले हैं। वे भी दोपहर के तीन बजे तक। कल के 15 सिलेंडर बचे थे। 10 सिलेंडर केशव हॉस्पिटल से मंगवाए गए। इस तरह से मिलाकर काम किया जा रहा है। हालात को देखते हुए हमलोग नए पेशेंट को एडमिट नहीं कर रहे हैं। यह स्थिति तब तक बनी रहेगी, जब तक भरपूर ऑक्सीजन की व्यवस्था न हो जाए। तब तक हमलोग कोरोना मरीज को एडमिट नहीं करेंगे।

मरीजों की जान से खिलवाड़, दो बार खत्म हुई गैस
ऑक्सीजन की कमी के संकट से कंकड़बाग इलाके में जगदीश मेमोरियल हॉस्पिटल भी जूझ रहा है। वर्तमान में कोरोना के 30 पेशेंट यहां एडमिट हैं। शनिवार को यहां एक बार नहीं बल्कि दो बार ऑक्सीजन गैस खत्म हो गई। एक भी गैस सिलेंडर हॉस्पिटल के पास मौजूद नहीं था। अरेंज करने में 10 मिनट का वक्त गुजर गया। इस बात की पुष्टि खुद वहां के डॉक्टर आलोक कुमार ने की। इनके अनुसार हॉस्पिटल को एक दिन में ऑक्सीजन के 80 सिलेंडर की जरूरत है, जबकि सप्लाई 45-50 सिलेंडरों की ही हो पा रही है। वह भी टाइमिली नहीं है। 10 सिलेंडर 3 से 4 घंटे में खत्म हो जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में कोविड के नए मरीजों को एडमिट नहीं किया जा रहा है। उन्हें दूसरे हॉस्पिटलों में भेजा जा रहा है। कोरोना वायरस इंसान के फेफड़ों को डैमेज कर रहा है, ऐसी स्थिति में मरीज को ऑक्सीजन गैस की सख्त जरूरत है।

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