लालू ने 3 दिन में रेलवे में नौकरी दे दी!:13 साल पुराने रेलवे भर्ती घोटाले में घिरा परिवार; आधे-अधूरे आवेदनों पर कराई जॉइनिंग

पटना6 महीने पहले
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रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी देने के बदले परिजनों के नाम पर जमीन ट्रांसफर करने के आरोप में सीबीआई ने शुक्रवार को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, पूर्व सीएम राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती सहित कुल 16 ठिकानों पर छापे मारे। सीबीआई ने यह कार्रवाई दिल्ली, पटना और गोपालगंज में की है। सुबह करीब 6 बजे सीबीआई की टीमों ने धावा बोला।

आरोप है कि बहाली के लिए कोई विज्ञापन या पब्लिक नोटिस किए बिना आधे-अधूरे आवेदन पर महज तीन दिन में नौकरी दे दी गई। नौकरी पटना के रहने वाले लोगों को दी गई। इस मोडस ऑपरेंडी के जरिए लालू परिवार ने पटना में 105292 वर्ग फुट जमीन ली। यह प्रॉपर्टी 5 सेल डीड और 2 गिफ्ट डीड के जरिए ली गई। पटना में राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पर करीब 12 घंटे तक सीबीआई ने छापेमारी की। शाम 7.19 बजे सीबीआई की 5 लोगों की टीम राबड़ी आवास से बाहर निकली।

आवास में राबड़ी उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के अलावा कुछ अन्य लोग मौजूद थे। लालू दिल्ली में बड़ी बेटी मीसा भारती के आवास पर हैं। वहीं बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पत्नी के साथ लंदन में हैं। सीबीआई ने लालू, राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव को इस नए मामले में अभियुक्त बनाया है। दिल्ली सीबीआई की आर्थिक अपराध विंग-2 ने मुकदमा दर्ज किया है।

सीबीआई के अनुसार लालू पर आरोप है कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच जब वे रेलमंत्री थे, तब उन्होंने रेलवे के ग्रुप डी में नौकरी देने के एवज में अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीन और प्रॉपर्टी ट्रांसफर कराए। इसके एवज में मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में नौकरी दी।

पटना में 10 सर्कुलर रोड आवास पर 12 घंटे तक रही सीबीआई, राबड़ी-तेजप्रताप से पूछताछ, लालू के कमरे खुलवाए

6:15 बजे लालू के वकील राबड़ी आवास पहुंचे और राबड़ी-तेजप्रताप से बात की। 11:15 में वकील ने सीबीआई अधिकारियों से बात की। 11:18 में सीबीआई की एक और टीम राबड़ी आवास पहुंची।

6:50 बजे ​​​​​​​लालू से राबड़ी की बात हुई तो राबड़ी ने कहा- वकील आ रहे है, इंतजार कीजिए। 7:10 में सीबीआई ने कहा- मैडम तब आपसे कुछ बात कर लेते हैं। 7:30 में राबड़ी और तेज से एक साथ पूछताछ शुरू हुई। 8 बजे दोनों से अलग-अलग पूछताछ।

11:00 बजे लालू के वकील राबड़ी आवास पहुंचे और राबड़ी-तेजप्रताप से बात की। 11:15 में वकील ने सीबीआई अधिकारियों से बात की। 11:18 में सीबीआई की एक और टीम राबड़ी आवास पहुंची।

11:22 बजे तेजप्रताप आवास के मुख्य गेट पर आए और कार्यकर्ताओं से शांत रहने का अनुरोध किया। दोपहर 3 बजे लालू आवास में ताला खोलने वाले कारीगर को बुलाया, बंद दो कमरे का ताला खुलवाया गया। पड़ताल हुई।

7:13 बजे ​​​​​​​राबड़ी आवास के बाहर जमे लालू समर्थकों के जमावड़े के बीच से स्थानीय पुलिस की देखरेख में सीबीआई की पहली टीम वहां से निकल पाई। फिर धीरे-धीरे बचे अधिकारी भी राबड़ी आवास से निकले।

जानिए कैसे हुआ नौकरी देने का पूरा खेल

सूत्रों के अनुसार लालू जब रेल मंत्री थे तब वर्ष 2004 से 2009 के बीच कई लोगों को रेलवे के अलग-अलग जोन में रेलवे के अज्ञात अधिकारियों की मदद से ग्रुप डी में नियुक्त किया गया था। इसके एवज में इन लाभार्थियों ने स्वयं या उनके परिजनों ने लालू के परिजनों के नाम पर और मेसर्स एके इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर ट्रांसफर कर दिया।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार महुआबाग, पटना के रहने वाले स्व. किशुनदेव राय और उनकी पत्नी सोनमतिया देवी ने डीड नंबर 2235 के जरिए 6 फरवरी 2008 को 3375 वर्ग फुट जमीन राबड़ी देवी को 375000 रुपए लेकर ट्रांसफर किया।

जहां के लिए आवेदन नहीं दिया वहां भी नियुक्ति

जांच में पता चला कि नौकरी पाने वालों ने आवेदन में सेंट्रल रेलवे,मुंबई का जिक्र नहीं किया था। इसके बावजूद सेंट्रल रेलवे ने इन आवेदनों को प्रोसेस किया। आवेदन प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर इनकी नियुक्ति भी कर ली गई। वहीं, वेस्ट सेंट्रल रेलवे जबलपुर, वेस्टर्न रेलवे मुंबई में आवेदनकर्ताओं के बिना पूरा पता के ही आवेदनों को एप्रूव कर नियुक्ति कर दी गई।